Kanker Bear Attack : दहशत का माहौल, तीन मौतों के बाद पकड़ा गया आदमखोर भालू
समझें क्या है पूरा मामला
कांकेर में भालू के हमले से तीन लोगों की मौत हो गई। मरकाटोला में भाई को बचाने में बहन की जान चली गई। नरहरपुर में भी भालू के हमले से एक मौत हुई। गुस्साए ग्रामीणों ने बेहोश पड़े भालू पर हमला कर दिया। वन विभाग ने भालू को पकड़कर जांच शुरू कर दी है।
छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में भालू का आतंक देखने को मिला है। यहां अलग-अलग घटनाओं में भालू ने तीन लोगों को मार डाला। इस घटना के बाद इलाके में भारी दहशत का माहौल है। गुस्साए ग्रामीणों ने भालू को घेरकर उस पर हमला कर दिया।
मरकाटोला गांव में दर्दनाक हादसा
मरकाटोला गांव में बुधवार सुबह दर्दनाक हादसा हुआ। 36 वर्षीय हलाल जुर्री पर भालू ने अचानक हमला कर दिया। हलाल की चीख सुनकर उसकी बहनें मौके पर पहुंचीं। गौरसे बाई और खोरीन बाई उसे बचाने के लिए दौड़ीं।
भालू ने दोनों बहनों पर भी हमला कर दिया। इस हमले में हलाल जुर्री और गौरसे बाई की मौत हो गई। खोरीन बाई गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इलाज जारी है।
नरहरपुर में भी एक ग्रामीण की मौत
दूसरी घटना नरहरपुर विकासखंड में सामने आई। वहां भी भालू के हमले में एक ग्रामीण की मौत हो गई। एक ही दिन में तीन मौतों से ग्रामीण भड़क गए। पूरे इलाके में डर का माहौल बन गया।
लगातार हो रहे हमलों से ग्रामीण बेहद आक्रोशित थे। लोगों ने भालू की घेराबंदी कर ली। इस दौरान भालू बेहोश हो गया। बेहोशी की हालत में ग्रामीणों ने भालू पर हमला कर दिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
वन विभाग की टीम ने भालू को पकड़ा
सूचना मिलते ही वन विभाग (Forest Department) की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने भालू को अपने कब्जे में लिया। भालू को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है। वन विभाग के अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
धमतरी में भी भालू का हमला
उधर धमतरी जिले में भी भालू के हमले की खबर आई। उत्तर सिंगपुर वन परिक्षेत्र में दो ग्रामीण घायल हुए। रामप्रसाद साहू और उनका साथी जंगल गए थे। वे जंगल में जंगली मशरूम बीनने गए थे।
तभी भालू ने उन पर अचानक हमला कर दिया। दोनों ग्रामीणों ने किसी तरह अपनी जान बचाई। वे भागकर गांव पहुंचे। दोनों घायलों को मगरलोड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (Community Health Centre) में भर्ती कराया गया।
ग्रामीणों में वन विभाग के खिलाफ आक्रोश
घटना के बाद ग्रामीणों में वन विभाग के खिलाफ भारी गुस्सा है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने पहले भी शिकायत की थी। स्कूल और छात्रावास के पास भालू घूम रहा था। इसके बावजूद विभाग ने समय पर कोई कदम नहीं उठाया।
ग्रामीणों ने प्रशासन से सख्त कदम उठाने की मांग की है। आबादी वाले इलाकों से जंगली जानवरों को हटाने की मांग की है। भालू को ट्रेंकुलाइज (Tranquilize) करके जंगल में भेजने को कहा है।
वन विभाग की लोगों से अपील
वन विभाग ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों ने लोगों को अकेले जंगल में न जाने की सलाह दी है। किसी भी जंगली जानवर को देखने पर तुरंत सूचना देने को कहा है। कानून अपने हाथ में न लेने की हिदायत दी है।
FAQ
- कांकेर में भालू के हमले में कितने लोगों की मौत हुई?
कांकेर जिले में भालू के हमले में कुल तीन लोगों की मौत हुई है। मरकाटोला में दो और नरहरपुर में एक ग्रामीण की जान गई। - कांकेर में ग्रामीणों ने भालू पर हमला क्यों किया?
लगातार हो रहे हमलों और तीन मौतों से ग्रामीण बेहद नाराज थे। घेराबंदी के दौरान भालू बेहोश हो गया, जिसके बाद ग्रामीणों ने उस पर हमला कर दिया। - कांकेर में वन विभाग ने लोगों को क्या सलाह दी है?
वन विभाग ने लोगों से अकेले जंगल न जाने की अपील की है। वन्यजीव दिखने पर तुरंत सूचना देने और कानून हाथ में न लेने की सलाह दी है।
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