बिजली गिरने से उपसरपंच समेत 3 लोगों की मौत, पेड़ के नीचे थे 70 मजदूर
समझें क्या है पूरा मामला
छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के अंतागढ़ विकासखंड के कलगांव में शुक्रवार सुबह आकाशीय बिजली गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई। मृतकों में उप-सरपंच मनराज पटेल, संतोष पटेल और प्रकाश पटेल शामिल हैं, तीनों कलगांव के निवासी थे। घटना के समय करीब 70 मजदूर मनरेगा के तहत तालाब गहरीकरण का काम कर रहे थे। बारिश से बचने के लिए सभी पेड़ के नीचे आ गए थे, तभी बिजली गिरी। पांच महिलाएं गंभीर रूप से झुलस गई हैं।
कहां और कैसे हुई घटना
यह हादसा अंतागढ़ विकासखंड के कलगांव में हुआ। यहां मनरेगा यानी महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MNREGA – Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Act) के तहत तालाब गहरीकरण का काम चल रहा था।
शुक्रवार की सुबह अचानक बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए सभी मजदूर पास के एक पेड़ के नीचे इकट्ठा हो गए। तभी अचानक आकाशीय बिजली गिरी। पेड़ के पास खड़े 8 लोग झुलस गए। इनमें से तीन की मौके पर ही मौत हो गई।
किनकी हुई मौत
तीनों मृतक कलगांव के ही रहने वाले हैं। उप-सरपंच मनराज पटेल, संतोष पटेल और प्रकाश पटेल की इस हादसे में जान चली गई। तीनों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं। इस घटना से पूरे गांव में मातम छा गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
घायलों का इलाज जारी
पांच महिलाएं गंभीर रूप से झुलस गई हैं। सभी घायलों को अंतागढ़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र यानी सीएचसी (CHC – Community Health Centre) में भर्ती कराया गया है। एक महिला की हालत गंभीर होने पर उसे कांकेर जिला अस्पताल रेफर किया गया है। बाकी घायलों का इलाज अंतागढ़ में जारी है।
70 मजदूर थे मौके पर
अंतागढ़ थाना प्रभारी ने बताया कि घटना के समय करीब 50 से 70 मजदूर उस जगह काम कर रहे थे। एक अधिकारी के अनुसार मजदूर 'विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण' योजना के तहत काम कर रहे थे जिसे पहले मनरेगा के नाम से जाना जाता था। बारिश शुरू होते ही सभी मजदूर एक पेड़ के नीचे जमा हो गए। यही जानलेवा साबित हुआ।
पेड़ के नीचे क्यों नहीं जाना चाहिए
बिजली गिरने के दौरान पेड़ के नीचे खड़े होना बेहद खतरनाक होता है। बिजली ऊंची चीजों की ओर आकर्षित होती है और पेड़ उसका सबसे आसान रास्ता बन जाते हैं। तूफान या बिजली के दौरान खुले मैदान में बैठना या किसी पक्की इमारत में शरण लेना सुरक्षित होता है।
FAQ
- छत्तीसगढ़ में बिजली गिरने से कितने लोगों की मौत हुई?
कांकेर जिले के अंतागढ़ ब्लॉक के कलगांव में आकाशीय बिजली गिरने से तीन लोगों की मौत हुई है। - बारिश के दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
बारिश के दौरान आकाशीय बिजली से बचाव के लिए खुले मैदान, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों से दूर रहना चाहिए। सुरक्षित स्थान पर शरण लें, मोबाइल का उपयोग कम करें और बिजली चमकने-गरजने के समय बाहर निकलने से बचें। - क्या बारिश में पेड़ के नीचे रहना सुरक्षित है?
नहीं, बारिश के दौरान पेड़ के नीचे खड़ा होना सुरक्षित नहीं है। आकाशीय बिजली गिरने की स्थिति में पेड़ सबसे अधिक खतरे वाली जगहों में से एक होता है, इसलिए ऐसे समय में किसी पक्के और सुरक्षित स्थान पर शरण लेनी चाहिए।
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