करणी सेना अध्यक्ष राज शेखावत ने छत्तीसगढ़ पुलिस को फिर धमकाया, गृहमंत्री का नंबर कर दिया सार्वजनिक
Raipur. राजधानी में सूदखोरी और धमकी-मारपीट से जुड़े करीब डेढ़ दर्जन मामलों में कुख्यात अपराधी वीरेंद्र तोमर की गिरफ्तारी अब बड़े विवाद का रूप ले चुकी है। गिरफ्तारी के बाद करणी सेना खुलकर पुलिस और राज्य शासन के खिलाफ मैदान में उतर आई है। अब करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राज शेखावत ने सोशल मीडिया पर एक और धमकी भरी पोस्ट डालकर विवाद की आग को और तेज कर दिया है।
सोशल मीडिया पर खुली चेतावनी: कान खोलकर सुन ले पुलिस प्रशासन…
चार दिन पहले भी दी थी चेतावनी, पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
करीब चार दिन पहले भी शेखावत ने एक पोस्ट में रायपुर पुलिस के अधिकारियों एसपी और टीआई को खुली चेतावनी दी थी। इसी पोस्ट के आधार पर शनिवार को पुलिस ने उनके खिलाफ शासकीय कर्मचारियों को धमकाने की धारा में एफआईआर दर्ज की। एफआईआर दर्ज होने के बाद शेखावत और अधिक आक्रामक हो गए हैं। रविवार को जारी नई पोस्ट में उन्होंने पुलिस की कार्रवाई को झूठा बताते हुए कहा— “झूठे केस दर्ज करने वालों को ऐतिहासिक अंजाम भुगतना पड़ेगा।"
7 दिसंबर को रैली की घोषणा, प्रदेश में कानून-व्यवस्था पर सवाल
शेखावत ने घोषणा की है कि 7 दिसंबर को रायपुर में करणी सेना बड़ा प्रदर्शन करेगी। उन्होंने रूबी तोमर की गिरफ्तारी को राजनीतिक और पुलिसिया साजिश बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की है। माना जा रहा है कि 7 दिसंबर की रैली के मद्देनजर रायपुर पुलिस सुरक्षा इंतज़ामों को लेकर सतर्क मोड में जा सकती है।
गृह मंत्री पर भी सीधा हमला
शेखावत की पोस्ट में सबसे ज्यादा विवादित हिस्सा वह है, जिसमें उन्होंने छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा पर सीधा निशाना साधा है। उन्होंने कहा— “ये महाशय जननायक और गृहमंत्री हैं, और हमारी पवित्र करणी सेना को गिरोह बता रहे हैं। सभी करणी सैनिक इन्हें कॉल करें और पूछें कि ऐसा कैसे कहा?”राजनीतिक हलकों में इसे सरकारी मंत्री को उकसाने और जनप्रतिनिधि को धमकाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
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पुलिस की स्थिति
पुलिस ने पहले ही शेखावत के खिलाफ एक मामला दर्ज कर लिया है। नए पोस्ट के बाद पुलिस और सख्त रुख अपनाएगी या राजनीतिक स्तर पर बातचीत होगी यह अभी स्पष्ट नहीं है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है, क्योंकि मामला कानून-व्यवस्था से सीधा जुड़ चुका है।
रूबी तोमर मामला: क्यों विवाद बढ़ा?
वीरेंद्र तोमर के खिलाफ सूदखोरी, धमकी, मारपीट अवैध वसूली जैसे करीब 15–18 मामले दर्ज हैं। गिरफ्तारी के बाद करणी सेना इसे राजनीतिक प्रतिशोध बता रही है, जबकि पुलिस का दावा है कि उनके पास पर्याप्त सबूत हैं।