शेयरधारी किसानों को 50 किलो तक फायदा: भोरमदेव सहकारी कारखाने की घोषणा
छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में गन्ना किसानों के लिए त्योहार से पहले अच्छी खबर आई है। भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाने ने अपने शेयरधारी किसानों को सिर्फ 30 रुपए किलो में शक्कर देने का फैसला किया है। हर शेयरधारी किसान को अधिकतम 50 किलो शक्कर मिलेगी। यानी बाजार की कीमत से राहत के साथ किसान अपने घर त्योहार की मिठास ले जा सकेंगे।
28 हजार किसानों को सीधा फायदा
इस योजना का फायदा कारखाने से जुड़े करीब 28 हजार शेयरधारी किसानों को मिलेगा। खास बात यह है कि किसानों को यह सुविधा पहली बार नहीं मिल रही। लगातार तीसरे साल कारखाना अपने शेयरधारी किसानों को कम कीमत पर शक्कर दे रहा है। तीजा और गणेश चतुर्थी से पहले शुरू हुई इस व्यवस्था का सीधा असर किसानों के घरेलू बजट पर पड़ेगा।
इस साल 4,686 किसान और जुड़े
भोरमदेव कारखाने से इस साल 4,686 नए किसान शेयरधारी बने हैं। इसके बाद सदस्यों की संख्या करीब 28 हजार हो गई है। कारखाने का कहना है कि यह सिर्फ सस्ती शक्कर देने की व्यवस्था नहीं, बल्कि किसानों को सहकारी कारखाने के मुनाफे और सुविधाओं से जोड़ने का तरीका है।
पेराई का लक्ष्य सीधे 4 लाख टन
कारखाना अब सिर्फ शक्कर बांटने तक सीमित नहीं रहना चाहता। पिछले साल 2.55 लाख मीट्रिक टन गन्ने की पेराई हुई थी। इस सीजन में इसे बढ़ाकर 4 लाख टन करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए करीब 10 हजार किसानों से गन्ना अनुबंध कराने की तैयारी है। ज्यादा किसान जुड़ेंगे तो कारखाने को ज्यादा गन्ना मिलेगा और उत्पादन बढ़ाने का रास्ता भी खुलेगा।
दो साल से देश में नंबर वन
भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाने ने 2024-25 और 2025-26 में देश में सबसे ज्यादा शुगर रिकवरी हासिल की है। इसके लिए कारखाने को एफिशिएंसी अवार्ड और प्रमाण पत्र भी मिला है। इसे सिर्फ कारखाने की उपलब्धि बताने के बजाय किसानों की मेहनत का नतीजा बताया जा रहा है। बेहतर गन्ने की वजह से रिकवरी बढ़ी और कारखाने को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली।
अब कारखाने में बनेगा डोम
किसानों की सुविधा के लिए कारखाना परिसर में डोम बनाने की घोषणा भी की गई है। इससे किसान बैठकों और दूसरे आयोजनों के लिए जगह का इस्तेमाल कर सकेंगे। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने किसानों से ज्यादा संख्या में सहकारी व्यवस्था से जुड़ने और गन्ना अनुबंध करने की अपील की है।
बोनस पर भी बढ़ी उम्मीद
कार्यक्रम में किसानों को गन्ने के समर्थन मूल्य पर बोनस बढ़ाने का भरोसा भी दिलाया गया। यानी सरकार और कारखाने की ओर से एक तरफ सस्ती शक्कर, दूसरी तरफ बोनस बढ़ाने की उम्मीद दिखाई गई है। हालांकि किसानों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि बोनस में वास्तव में कितनी बढ़ोतरी होती है।
त्योहार से पहले घर में मिठास
तीजा और गणेश चतुर्थी के ठीक पहले 30 रुपए किलो शक्कर मिलना किसानों के लिए सीधे काम की राहत है। प्रसाद से लेकर घर के पकवानों तक शक्कर की जरूरत होती है। ऐसे में 50 किलो तक की रियायत त्योहार के खर्च को कुछ हल्का करेगी। अब असली परीक्षा कारखाने की यही है कि सस्ती शक्कर के साथ गन्ने की पेराई और किसानों को मिलने वाला फायदा भी लगातार बढ़े।
FAQ
- भोरमदेव शक्कर कारखाने में शक्कर कितने रुपए किलो मिलेगी?
भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना शेयरधारी किसानों को 30 रुपए किलो में शक्कर देगा। - भोरमदेव शक्कर कारखाना कहां स्थित है?
भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में स्थित है। - किसानों को सस्ती शक्कर क्यों दी जा रही है?
त्योहार से पहले शेयरधारी किसानों को राहत देने के लिए यह सुविधा दी जा रही है।
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