साड़ी खरीदी का कच्चा रंग ; छत्तीसगढ़ में खादी बोर्ड का खेल बिगड़ा, विभाग ने पेमेंट पर लगाई रोक
NEWS IN SHORT
- साड़ी खरीदी में खादी बोर्ड की गड़बड़ी।
- महिला विभाग ने 2 करोड़ 43 लाख का भुगतान रोका।
- साड़ियों की गुणवत्ता पर सोशल मीडिया पर सवाल।
- महिला विभाग ने जांच के लिए समिति बनाई।
- दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
NEWS IN DETAIL
छत्तीसगढ़ में खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा 1 लाख 94 हजार 590 नग साड़ियों की खरीदी में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का मामला सामने आया है। साड़ियों की साइज छोटी और रंग पहली धुलाई में उड़ने की शिकायतें मिली हैं। इसके बाद महिला एवं बाल विकास विभाग ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू की। विभाग ने जांच समिति गठित की और रिपोर्ट मिलने के बाद सप्लायरों को 2 करोड़ 43 लाख रुपए का भुगतान रोक दिया।
साड़ियों की गुणवत्ता में खामियां
इस पूरे विवाद के बाद यह सामने आया कि खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड ने सप्लायरों को जल्दी भुगतान करने की कोशिश की, जबकि साड़ियों की गुणवत्ता में खामियां थीं। मामले में गड़बड़ी की पुष्टि होते ही महिला एवं बाल विकास विभाग ने कार्रवाई शुरू की। विभागीय जांच रिपोर्ट के बाद 13 अप्रैल को संचालक डॉ. रेणुका श्रीवास्तव ने खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड को पत्र लिखकर साड़ियों की गुणवत्ता में खामी का जिक्र किया और खराब साड़ियों को तत्काल बदलने की मांग की।
6 सदस्यीय जांच समिति गठित
महिला एवं बाल विकास विभाग ने विभागीय छवि को ध्यान में रखते हुए इस मामले को पूरी गंभीरता से लिया और जांच को और विस्तृत करने का फैसला किया। 6 सदस्यीय जांच समिति गठित कर साड़ियों की गुणवत्ता की जांच की जा रही है। विभाग का कहना है कि इस मामले में दोषी अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी और खामी पाए जाने पर साड़ियां बदली जाएंगी।
निष्कर्ष
खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा साड़ी खरीदी में गड़बड़ी की पुष्टि हुई है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने जांच के बाद सप्लायरों का भुगतान रोक दिया है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की योजना बनाई है। खराब साड़ियों को बदलने की प्रक्रिया भी जारी है।
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