खैरागढ़ संगीत विवि में प्रवेश की मची होड़, 23 देशों के छात्रों ने किए आवेदन
समझें क्या है पूरा मामला
- खैरागढ़ संगीत विवि में विदेशी छात्रों की होड़
- 23 देशों से आए 253 आवेदन
- बांग्लादेश के 187 छात्रों ने मांगा प्रवेश
- भारतीय संगीत सीखने विदेशों से पहुंच रहे छात्र
- खैरागढ़ बना कला शिक्षा का वैश्विक केंद्र
Rajnandgaon। छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ स्थित इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय में पढ़ाई करने के लिए विदेशी विद्यार्थियों की रुचि लगातार बढ़ रही है। नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए अब तक 23 देशों के 253 विद्यार्थियों ने प्रवेश के लिए आवेदन किया है। इनमें सबसे ज्यादा आवेदन बांग्लादेश से आए हैं।
एशिया के पहले इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय की पहचान अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मजबूत हो रही है। भारतीय संस्कृति, शास्त्रीय संगीत और कला की शिक्षा लेने के लिए बड़ी संख्या में विदेशी छात्र यहां पहुंचना चाहते हैं।
बांग्लादेश से 187 विद्यार्थियों के आवेदन
विश्वविद्यालय में विदेशी प्रवेश के लिए आए आवेदनों में बांग्लादेश के छात्रों की संख्या सबसे ज्यादा है। वहां से कुल 187 विद्यार्थियों ने आवेदन किया है। इसके अलावा अन्य देशों के विद्यार्थियों ने भी भारतीय संगीत और कला सीखने में रुचि दिखाई है।
विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक आवेदन प्रक्रिया अभी जारी है। आवेदन की अंतिम तारीख 14 अगस्त तय की गई है। ऐसे में विदेशी विद्यार्थियों की संख्या और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
17 विदेशी छात्रों को मिल चुका प्रवेश
भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR) की मंजूरी के बाद अब तक 17 विदेशी विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के अलग-अलग पाठ्यक्रमों में प्रवेश दिया जा चुका है। ये विद्यार्थी संगीत, नृत्य और कला से जुड़े विषयों की पढ़ाई करेंगे।
विश्वविद्यालय में विदेशी छात्रों के लिए विशेष व्यवस्था भी की गई है, जिससे उन्हें पढ़ाई और रहने में किसी तरह की परेशानी न हो।
भारतीय संगीत और नृत्य पहली पसंद
विदेशी विद्यार्थियों में भारतीय शास्त्रीय संगीत और पारंपरिक कलाओं को लेकर खास उत्साह देखने को मिल रहा है। सबसे ज्यादा मांग कथक, भरतनाट्यम, लोकसंगीत, शास्त्रीय गायन और ललित कला जैसे विषयों की है।
कई विदेशी छात्र भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा से प्रभावित होकर यहां शिक्षा लेने आना चाहते हैं। उनका मानना है कि भारत में कला सीखने का तरीका दुनिया के दूसरे देशों से अलग और खास है।
कम खर्च में बेहतर शिक्षा बना आकर्षण
खैरागढ़ संगीत विश्वविद्यालय की सबसे बड़ी खासियत यहां मिलने वाली गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और शांत वातावरण है। अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन, भारतीय कला की परंपराओं से जुड़ी पढ़ाई और कम खर्च में बेहतर सुविधाएं विदेशी छात्रों को आकर्षित कर रही हैं।
विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय छात्रावास की सुविधा भी उपलब्ध है। इससे दूसरे देशों से आने वाले विद्यार्थियों को रहने और पढ़ाई का बेहतर माहौल मिल रहा है।
हर साल बढ़ रहा विदेशी छात्रों का रुझान
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में विदेशी विद्यार्थियों के आवेदन लगातार बढ़े हैं। भारतीय संगीत और कला की बढ़ती वैश्विक पहचान का असर खैरागढ़ विश्वविद्यालय में भी दिखाई दे रहा है।
अब खैरागढ़ इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालयकेवल छत्तीसगढ़ और देश के छात्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया के कई देशों के विद्यार्थियों के लिए भारतीय कला सीखने का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है।
FAQ
- खैरागढ़ संगीत विश्वविद्यालय में कितने देशों से आवेदन आए हैं?
नए सत्र 2026-27 के लिए खैरागढ़ संगीत विश्वविद्यालय में 23 देशों से 253 विदेशी छात्रों ने आवेदन किया है। - सबसे ज्यादा आवेदन किस देश से आए हैं?
सबसे ज्यादा आवेदन बांग्लादेश से आए हैं। वहां के 187 विद्यार्थियों ने प्रवेश के लिए आवेदन किया है। - विदेशी छात्र खैरागढ़ विश्वविद्यालय में कौन से विषय पढ़ना चाहते हैं?
विदेशी छात्रों की सबसे ज्यादा रुचि भारतीय शास्त्रीय संगीत, कथक, भरतनाट्यम, लोकसंगीत और ललित कला जैसे विषयों में है।
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