अनवर ढेबर को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत, छत्तीसगढ़ में नो एंट्री

Arun Tiwari | Aug 05, 2026, 14:38 IST
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अनवर ढेबर को अंतरिम ज़मानत मिली
अनवर ढेबर को अंतरिम ज़मानत मिली

छत्तीसगढ़ शराब घोटाले के आरोपी अनवर ढेबर को सुप्रीम कोर्ट से राज्य में प्रवेश न करने और सुनवाई में उपस्थित रहने जैसी सख्त शर्तों के साथ अंतरिम जमानत मिल गई है।

RAIPUR : छत्तीसगढ़ में हुए शराब घोटाले के आरोपी कारोबारी अनवर ढेबर को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सर्वोच्च न्यायालय ने उन्हें अंतरिम जमानत देते हुए कुछ सख्त शर्तें भी लगाई हैं। अदालत ने स्पष्ट किया है कि जमानत अवधि के दौरान ढेबर छत्तीसगढ़ की सीमा के बाहर रहेंगे और मुकदमे की सुनवाई के समय अदालत में उपस्थित होना अनिवार्य होगा। साथ ही उन्हें अपने निवास का पता और संपर्क संबंधी जानकारी जांच एजेंसी को उपलब्ध करानी होगी।

शराब घोटाले में जमानत:

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की उन दलीलों पर भी विचार किया, जिनमें आशंका जताई गई थी कि आरोपी के राज्य में रहने से गवाहों पर प्रभाव पड़ सकता है। इसी कारण अदालत ने जमानत के साथ राज्य से बाहर रहने की शर्त जोड़ी, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया निष्पक्ष ढंग से आगे बढ़ सके।

हाइकोर्ट ने नहीं दी थी ज़मानत:

इससे पहले 13 मई को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने अनवर ढेबर की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि प्रथम दृष्टया उपलब्ध सामग्री राज्य संचालित निगम के भीतर गहरे और संगठित भ्रष्टाचार की ओर संकेत करती है। अदालत ने यह भी टिप्पणी की थी कि सार्वजनिक धन से जुड़े आर्थिक अपराध अत्यंत गंभीर प्रकृति के होते हैं और ऐसे मामलों में जमानत देते समय विशेष सतर्कता बरतना आवश्यक है।

अनवर को माना था किंगपिन:

जांच एजेंसियों के अनुसार यह मामला CSMCL के माध्यम से संचालित अवैध कमीशन व्यवस्था से जुड़ा है। आरोप है कि मानव संसाधन उपलब्ध कराने वाली एजेंसियों से उनके वैध बिलों और भुगतान की मंजूरी के बदले कथित रूप से कमीशन वसूला जाता था। जांच में यह भी दावा किया गया है कि यह पूरी प्रक्रिया एक संगठित तंत्र के तहत संचालित होती थी, जिसमें बिचौलियों के जरिए रकम का लेन-देन किया जाता था। इसी आधार पर आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।

नियमों का उल्लंघन तो ज़मानत पर खतरा:

सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश से अनवर ढेबर को फिलहाल अंतरिम राहत जरूर मिली है, लेकिन मामले की सुनवाई और जांच की प्रक्रिया पहले की तरह जारी रहेगी। अदालत ने साफ किया है कि जमानत का अर्थ आरोपों से मुक्ति नहीं है और आरोपी को न्यायालय द्वारा तय सभी शर्तों का पालन करना होगा। यदि किसी भी शर्त का उल्लंघन होता है तो अंतरिम जमानत पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

FAQ

  1. अनवर ढेबर कौन हैं और उन पर क्या आरोप हैं?
    उ. अनवर ढेबर छत्तीसगढ़ के एक प्रमुख कारोबारी हैं। उन पर छत्तीसगढ़ राज्य विपणन निगम लिमिटेड (CSMCL) के माध्यम से अवैध कमीशन वसूली का एक संगठित तंत्र/रैकेट चलाने और शराब घोटाले का मुख्य सूत्रधार (किंगपिन) होने का आरोप है।
  2. सुप्रीम कोर्ट ने अनवर ढेबर को जमानत देते समय क्या मुख्य शर्तें लगाई हैं?
    उ. सर्वोच्च न्यायालय ने जमानत देते समय तीन प्रमुख शर्तें तय की हैं: जमानत अवधि के दौरान वे छत्तीसगढ़ की सीमा से बाहर रहेंगे। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अदालत में उपस्थित होना अनिवार्य होगा। अपने निवास का वर्तमान पता और संपर्क जानकारी जांच एजेंसी को देनी होगी
  3. अनवर ढेबर मामले की जांच कौन सी एजेंसियां कर रही हैं?
    उ. इस भ्रष्टाचार मामले की जांच आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) द्वारा की जा रही है।

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