करोड़ों के भ्रष्टाचार करने वाले ठेका कंपनियों पर रहम,कार्रवाई के लिए के पीएस के आदेश का इंतजार

VINAY VERMA | Sept 03, 2025, 18:31 IST
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कोरबा के आदिवासी विभाग में केंद्र सरकार से मिले फंड से साल 2023 में छात्रावास मरम्मत और नवीनीकरण के कार्याे के लिए 4 करोड़ रूपये खर्च कर दिये। लेकिन सब कुछ कागजों में हुआ।

Korba Tribal Department Scam:कोरबा के आदिवासी विभाग में केंद्र सरकार से मिले फंड से साल 2023 में छात्रावास मरम्मत और नवीनीकरण के कार्याे के लिए 4 करोड़ रूपये खर्च कर दिये। लेकिन सब कुछ कागजों में हुआ। तत्कालीन सहायक आयुक्त माया वारियर ने इस काम के लिए चहेते 4 फर्माे को फर्जी बिल लगाकर 4 करोड़ रुपए जारी कर दिया।



शिकायत पर जब विभाग ने माया वारियर का तबादला कर दिया। तो उन्होंने मामले से संबंधित सभी फाइलें आफिस से गायब कर दी। हालांकि गड़बड़ी की पुष्टि के बाद उन्हें जेल हो गई लेकिन ठेकेदारों पर कार्रवाई नहीं हो सकी।



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इन ठेकेदारों के खिलाफ एफआईआर

कलेक्टर के निर्देश के बाद पुलिस ने 16 अगस्त को भ्रष्टचार में शामिल चार फर्म में. श्री साई ट्रेडर्स पालीवाल बुक डिपों, में. श्री साई कृपा बिल्डर्स छुरी, में.एस.एस.ए. कंस्ट्रक्शन चौतमा, में.बालाजी इंफ्रास्ट्रक्टर कटघोरा और डॉटा एंट्री आपरेटर कुश कुमार देवांगन के खिलाफ गैर जमानती धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया था।



लेकिन सिविल लाइन थान में अपराध दर्ज होने के लगभग 20 दिन बाद भी ना तो डॉटा एंट्री आपरेटर की गिरफ्तार हो सकी और ना ही पुलिस ने करोड़ों रूपये के भ्रष्टाचार को अंजाम देने वाले फर्माे के खिलाफ कोई एक्शन लिया है।



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प्रमुख सचिव कार्यालय में ही दब गयी कार्रवाई की फाइल

मामले की जानकारी के बाद सहायक आयुक्त श्रीकांत कसेर ने साल 2023 में ही आदिम जाति-अनुसूचित जाति कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव को पत्र लिखकर समस्त जानकारी दी गयी। साथ ही दोषी अफसर पर कार्रवाई के लिए दिशा निर्देश मांगे गये। लेकिन फाइल वहां से कुछ दिन पहले फाइल सीएस के पास पहुंची लेकिन उस पर निर्णय नहंी हो सका है।



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नगर पालिका अध्यक्ष की याचिका हुई खारिज

एफआईआर के बाद सबसे पहले डॉटा एंट्री आपरेटर कुश कुमार देवांगन और साईकृपा बिल्डर्स के प्रोपराइटर आशुतोष मिश्रा ने निचली अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। लेकिन कोर्ट ने सुनवाई के बाद दोनों की याचिका खारिज कर दी।



इसी तरह में.बालाजी इंफ्रास्ट्रक्टर कटघोरा के संचालक राज जायसवाल की भी याचिका खारिज हो गई। राज मौजूदा वक्त में कटघोरा नगर पालिका में कांग्रेस पार्टी से अध्यक्ष है।



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