श्रम विभाग का नया नियम : अब 24 घंटे में मिलेगा दुकान का लाइसेंस

Aishwarya Dwivedi | Jun 06, 2026, 16:07 IST
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श्रम विभाग ने नियमों में संशोधन कर दुकान और प्रतिष्ठानों का ऑनलाइन पंजीकरण मात्र 24 घंटे में करना अनिवार्य कर दिया है। इससे कागजी कार्रवाई कम होगी और व्यापारियों को बड़ी राहत मिलेगी।

NEWS IN SHORT

  • 24 घंटे में मिलेगा लाइसेंस।
  • अब सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं कटेंगे।
  • गलत जानकारी देने पर होगी सख्त कार्रवाई।
  • प्रतिष्ठान परिसर में प्रमाण-पत्र लगाना होगा।
  • 24 घंटे में करा सकेंगे संशोधन।

NEWS IN DETAIL

राज्य में व्यापार और उद्योग को बढ़ावा देने तथा 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' (Ease of Doing Business) को मजबूत करने के लिए श्रम विभाग ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। विभाग ने अपने अधिनियम में बड़ा संशोधन करते हुए दुकानों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के पंजीकरण (Registration) की प्रक्रिया को बेहद सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बना दिया है। नए नियमों के लागू होने के बाद अब व्यापारियों को अपनी दुकान या स्थापना के पंजीकरण के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, बल्कि ऑनलाइन आवेदन करने के मात्र 24 घंटे के भीतर 'श्रम पहचान संख्या' (LIN) पंजीकरण प्रमाण-पत्र जारी कर दिया जाएगा।



पूरी तरह ऑनलाइन और डिजिटल होगी व्यवस्था

श्रम विभाग द्वारा शुरू की गई यह नई व्यवस्था पूरी तरह से डिजिटल और स्व-घोषणा (Self-Declaration) पर आधारित है। अब नियोक्ताओं को केवल निर्धारित प्रारूप में ऑनलाइन आवेदन करना होगा, आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे और ई-चालान के माध्यम से शुल्क जमा करना होगा।



बिना हस्ताक्षर के तुरंत मंज़ूरी : यह पूरी प्रक्रिया सिस्टम-जनरेटेड होगी, यानी प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए किसी भी अधिकारी के भौतिक हस्ताक्षर (Physical Signature) की आवश्यकता नहीं होगी। आवेदन जमा होने के ठीक 24 घंटे के भीतर डिजिटल प्रमाण-पत्र डाउनलोड के लिए उपलब्ध हो जाएगा।



नए नियमों की मुख्य बातें और शर्तें

इस सरलीकृत व्यवस्था के साथ ही श्रम विभाग ने पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कुछ कड़े नियम भी लागू किए हैं:



नियोक्ताओं की जवाबदेही : चूंकि यह व्यवस्था स्व-घोषणा पर आधारित है, इसलिए यदि आवेदन में कोई भी जानकारी, तथ्य या दस्तावेज गलत, फर्जी या भ्रामक पाए जाते हैं, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित नियोक्ता (दुकान मालिक) की होगी। गलत जानकारी देने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।



डिस्प्ले करना अनिवार्य : सभी दुकानदारों और व्यवसायियों के लिए यह अनिवार्य किया गया है कि वे इस नए पंजीकरण प्रमाण-पत्र को अपने प्रतिष्ठान परिसर के मुख्य हिस्से में, नाम-पट्ट (Signboard) के साथ स्पष्ट रूप से प्रदर्शित (Display) करें।



मात्र 100 रुपए में करा सकेंगे संशोधन

व्यवसायियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने संशोधन की प्रक्रिया को भी बेहद आसान बना दिया है। यदि कोई नियोक्ता अपने पहले से जारी पंजीकरण प्रमाण-पत्र में कोई बदलाव करना चाहता है—जैसे दुकान का नाम, पता, कर्मचारियों की संख्या या व्यवसाय की प्रकृति—तो वह मात्र 100 रुपए का संशोधन शुल्क देकर ऑनलाइन आवेदन कर सकता है। संशोधन के मामलों में भी नया और संशोधित प्रमाण-पत्र 24 घंटे के भीतर ही ऑनलाइन जारी कर दिया जाएगा।



व्यापारियों को क्या होंगे फायदे?

  • समय और पैसे की बचत : कागजी कार्रवाई और दलालों के चक्कर से मुक्ति मिलेगी।
  • डिजिटल रजिस्टर : श्रम विभाग के पोर्टल पर सभी दुकानों का ऑनलाइन रजिस्टर ऑटोमैटिक तैयार होगा, जिससे सरकार के लिए भी अभिलेखों (Records) की निगरानी करना बेहद आसान हो जाएगा।
  • पारदर्शिता : मानवीय हस्तक्षेप (Human Intervention) खत्म होने से भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी।

सरकार के इस कदम से राज्य में न केवल कागजी कार्रवाई कम होगी, बल्कि छोटे और बड़े व्यापारियों को एक सुरक्षित और सुविधाजनक कारोबारी माहौल मिलेगा।



निष्कर्ष

श्रम विभाग का यह डिजिटल कदम राज्य में 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को बढ़ावा देने वाला है। लाइसेंस प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी बनाकर सरकार ने लालफीताशाही और भ्रष्टाचार पर चोट की है। इससे व्यापारियों के समय की बचत होगी और राज्य में एक बेहतर कारोबारी माहौल तैयार होगा।



FAQ

  1. 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' (Ease of Doing Business) क्या है?
    उत्तर: यह विश्व बैंक द्वारा जारी किया जाने वाला एक सूचकांक (Index) है, जो यह दर्शाता है कि किसी देश या राज्य में व्यापार शुरू करना और उसे चलाना कितना आसान है। सरकार का यह नया नियम इसी को मजबूत करने के लिए लाया गया है।
  2. LIN का पूरा नाम क्या है और इसका क्या महत्व है?
    उत्तर: LIN का पूरा नाम Labour Identification Number (श्रम पहचान संख्या) है। यह श्रम विभाग द्वारा किसी भी दुकान या व्यावसायिक प्रतिष्ठान को दी जाने वाली एक विशिष्ट (Unique) पहचान संख्या है, जिससे उसका कानूनी पंजीकरण प्रमाणित होता है।
  3. क्या नए डिजिटल पंजीकरण प्रमाण-पत्र पर किसी अधिकारी के हस्ताक्षर की आवश्यकता होती है?
    उत्तर: नहीं, यह पूरी तरह सिस्टम-जनरेटेड (System-Generated) प्रक्रिया है। आवेदन के 24 घंटे के भीतर बिना किसी भौतिक या मैन्युअल हस्ताक्षर के यह डिजिटल प्रमाण-पत्र पूरी तरह वैध माना जाता है।

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