अनवर ढेबर और अनिल टुटेजा की 1400 करोड़ की संपत्ति कुर्क, 4000 करोड़ कमाई का आरोप

Harrison Masih | Jun 05, 2026, 14:45 IST
liquor-dmf-scam-dhebar-tuteja-property-seized
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब और DMF घोटाला मामलों में ED और EOW ने कार्रवाई तेज कर दी है। कारोबारी अनवर ढेबर और पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा से जुड़े 1400 करोड़ से अधिक की संपत्तियां कुर्क की जा चुकी हैं।

छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाला और DMF घोटाला मामलों में प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। जांच एजेंसियों ने कारोबारी अनवर ढेबर और सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा को इन मामलों का प्रमुख सूत्रधार बताते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है।



एजेंसियों के अनुसार अब तक दोनों आरोपियों और उनसे जुड़े व्यक्तियों की 1400 करोड़ रूपए से अधिक की चल एवं अचल संपत्तियां कुर्क की जा चुकी हैं। वहीं मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में कई अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में लाई गई है।



4000 करोड़ रूपए की अवैध कमाई का दावा

ईडी की जांच में दावा किया गया है कि तत्कालीन कांग्रेस शासनकाल के दौरान सक्रिय एक कथित सिंडिकेट ने चार बड़े घोटालों के माध्यम से करीब 4000 करोड़ रूपए की अवैध कमाई की। इनमें सबसे बड़ा मामला शराब घोटाले का बताया जा रहा है।



जांच एजेंसी के मुताबिक सरकारी शराब दुकानों के नेटवर्क का इस्तेमाल कर अवैध रूप से कच्ची शराब की बिक्री की गई, जिससे 3200 करोड़ रूपए से अधिक का काला धन अर्जित किया गया। इस मामले में ईडी अब तक 85 लोगों को आरोपी बना चुकी है और कई आरोपियों के खिलाफ पूरक अभियोजन शिकायत भी दाखिल की जा चुकी है।



ढेबर और टुटेजा को बताया गया मास्टरमाइंड

ईडी और ईओडब्ल्यू की जांच में अनवर ढेबर और अनिल टुटेजा को पूरे कथित नेटवर्क का नीति-निर्धारक और संचालनकर्ता बताया गया है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि दोनों ने सरकारी तंत्र का दुरुपयोग कर विभिन्न विभागों में भ्रष्टाचार का संगठित तंत्र विकसित किया।



DMF फंड में कमीशनखोरी के आरोप

जिला खनिज न्यास (DMF) फंड घोटाले की जांच में सामने आया है कि प्रभावशाली अधिकारियों और बिचौलियों के माध्यम से पसंदीदा ठेकेदारों को कार्य आवंटित किए गए। इसके बदले परियोजनाओं की लागत का 25 से 40 प्रतिशत तक कमीशन वसूले जाने के आरोप लगाए गए हैं।



जांच एजेंसियों का मानना है कि खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए बनाए गए फंड का दुरुपयोग कर करोड़ों रूपए की अनियमितताएं की गईं।



नकली होलोग्राम और ओवरटाइम घोटाले में भी खुलासे

जांच में यह भी सामने आया है कि शराब बोतलों पर लगाए जाने वाले सुरक्षा होलोग्राम की खरीद में गंभीर अनियमितताएं हुईं। आरोप है कि नियमों को दरकिनार कर अवैध तरीके से टेंडर प्रक्रिया संचालित की गई।



इसके अलावा प्लेसमेंट एजेंसियों के माध्यम से कर्मचारियों को किए गए 183 करोड़ रूपए के ओवरटाइम भुगतान में भी बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ी सामने आई है। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन भुगतानों से किसे लाभ पहुंचाया गया।



कस्टम मिलिंग और कोल घोटाले की भी जांच जारी

ईडी द्वारा कस्टम मिलिंग और कोल परिवहन से जुड़े मामलों की भी जांच की जा रही है। जांच एजेंसियों का दावा है कि इन मामलों में भी सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाते हुए निजी लाभ अर्जित किए गए।



1400 करोड़ से अधिक की संपत्तियां जब्त

जांच एजेंसियों द्वारा अब तक जिन संपत्तियों को कुर्क किया गया है, उनमें शामिल हैं:



बेनामी संपत्तियां: 1110 करोड़ रूपए


प्लॉट, जमीन, होटल और शेल कंपनियां: 116 करोड़ रूपए


बैंक खाते, शेयर, म्यूचुअल फंड, नकदी और एफडी: 28 करोड़ रूपए


अन्य अचल संपत्तियां: 15.82 करोड़ रूपए



अधिकारियों का कहना है कि आगे की जांच में यह आंकड़ा और बढ़ सकता है।



पीएमएलए के तहत चार्जशीट दाखिल

प्रवर्तन निदेशालय ने दोनों प्रमुख आरोपियों के खिलाफ PMLA के तहत चार्जशीट दाखिल कर दी है। अब विशेष अदालत में मनी लॉन्ड्रिंग मामलों की सुनवाई तेज होने की संभावना है।



जांच एजेंसियां इस पूरे कथित सिंडिकेट से जुड़े अन्य अधिकारियों, कारोबारियों और बिचौलियों की भूमिका की भी गहन जांच कर रही हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे तथा नई गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।



FAQ

  1. छत्तीसगढ़ शराब घोटाला क्या है?
    छत्तीसगढ़ शराब घोटाला एक कथित भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग मामला है, जिसमें आरोप है कि सरकारी शराब वितरण प्रणाली का दुरुपयोग कर अवैध तरीके से कच्ची शराब की बिक्री और टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी के जरिए बड़े पैमाने पर अवैध कमाई की गई। इस मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) और EOW कर रही हैं।
  2. छत्तीसगढ़ DMF घोटाला क्या है?
    छत्तीसगढ़ DMF (जिला खनिज न्यास) घोटाला एक भ्रष्टाचार मामला है, जिसमें आरोप है कि सरकारी खनिज फंड का दुरुपयोग कर ठेकेदारों को काम दिलाने और परियोजनाओं की लागत का 25-40% कमीशन वसूलने जैसी अनियमितताएं की गईं। इसमें पूर्व आईएएस अधिकारी और कारोबारी शामिल बताए गए हैं, और जांच ED एवं EOW कर रही हैं।
  3. छत्तीसगढ़ शराब और DMF घोटाले में अब तक क्या कार्रवाई हुई है?
    छत्तीसगढ़ शराब और DMF घोटाले में अब तक प्रवर्तन निदेशालय (ED) और EOW ने कारोबारी अनवर ढेबर और पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा के खिलाफ कार्रवाई की है। जांच के तहत उनकी और उनके सहयोगियों की 1400 करोड़ रुपये से अधिक की चल और अचल संपत्तियां कुर्क की जा चुकी हैं। दोनों आरोपियों के खिलाफ PMLA के तहत चार्जशीट दाखिल की गई है, और मामले में अन्य संलिप्त लोगों की भूमिका की भी जांच जारी है।

यह खबरें भी पढ़ें...

छत्तीसगढ़ शराब घोटाला केस में मास्टर माइंड ट्रिपल A की आज यूपी के मेरठ कोर्ट में पेशी



cg dmf scam : नियम बदलकर अफसरों ने खाया मोटा कमीशन



CG liquor scam: अनवर ढेबर की पैरोल 7 दिन के लिए बढ़ी, मां की तबीयत का हवाला देकर लगाई थी अर्जी



छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: पूर्व IAS समेत 30 अधिकारियों की संपत्ति कुर्क



Tags:
  • अनवर ढेबर
  • CG liquor scam
  • अनिल टुटेजा
  • छत्तीसगढ़ शराब घोटाला
  • संपत्ति कुर्क
  • dmf scam