छत्तीसगढ़ में एलपीजी सप्लाई सामान्य, स्टॉक की कमी की खबरें निकलीं झूठी
NEWS IN SHORT
- अफवाहों से गैस बुकिंग बढ़ी, अब सामान्य हुई।
- 419 जगहों पर छापेमारी, 3946 गैस सिलेंडर जब्त।
- पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति पूरी तरह संतुलित।
- 105 लोगों पर एफआईआर दर्ज, सख्त कार्रवाई जारी।
- खरीफ के लिए उर्वरक की 15.55 लाख टन मांग।
NEWS IN DETAIL
छत्तीसगढ़ में रसोई गैस (एलपीजी) की आपूर्ति को लेकर हाल ही में चल रहे अफवाहों और जमाखोरी को रोकने के लिए सरकार ने कड़ी कार्रवाई शुरू की है। मार्च में अफवाहों के कारण एलपीजी की बुकिंग अचानक बढ़कर 1 लाख 30 हजार तक पहुंच गई थी, लेकिन अब बुकिंग सामान्य स्तर पर आ गई है, जो वर्तमान में लगभग 64 हजार प्रति दिन है।
सामान्य स्थिति और आपूर्ति का संतुलन
कृषि विभाग की प्रमुख सचिव शहला निगार ने सोमवार को प्रेस कांफ्रेंस में जानकारी दी कि प्रदेश में एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। उन्होंने बताया कि मार्च के दूसरे सप्ताह में भ्रम के कारण औसत दैनिक बुकिंग 74 हजार से बढ़कर 1 लाख 30 हजार तक पहुंच गई थी, लेकिन अब स्थिति सामान्य हो गई है। इस समय गैस की आपूर्ति पूरी तरह से संतुलित है और किसी प्रकार की कमी नहीं है।
पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति भी सामान्य
इसके अलावा, पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति भी राज्य में सामान्य बनी हुई है। प्रदेश में 2465 पेट्रोल-डीजल पंपों और 3 ऑयल कंपनियों के डिपो में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। मार्च में पेट्रोल की आवश्यकता के मुकाबले 126% और डीजल की आवश्यकता के मुकाबले 183% अधिक आपूर्ति की गई। 19 अप्रैल तक राज्य को पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त प्राप्ति हुई है, जिससे यह स्पष्ट हो रहा है कि ईंधन की आपूर्ति पूरी तरह से सामान्य है।
जमाखोरी पर सख्ती
एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। अब तक 419 स्थानों पर छापेमारी की गई है, जिसमें 3946 गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं। इस दौरान 105 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
खाद्य अधिकारी डॉ. परिहा आलम सिद्दीकी ने कहा कि अवैध भंडारण पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी और राज्य तथा जिला स्तर पर निगरानी को बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा, शिकायतों के समाधान के लिए राज्य और जिला स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। नागरिक टोल-फ्री नंबर 1800-233-3663 पर शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।
उर्वरक की आपूर्ति
प्रदेश में खरीफ के लिए 15.55 लाख टन उर्वरक की मांग का अनुमान है। 17 अप्रैल तक 56% यानी 8.72 लाख टन उर्वरक का भंडारण किया जा चुका है। कृषि विभाग उर्वरकों की कालाबाजारी और अनियमित वितरण को रोकने के लिए नई ऑनलाइन व्यवस्था लागू करने जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य रासायनिक खादों पर निर्भरता कम कर, पैदावार बढ़ाने और लागत घटाने का है।
निष्कर्ष
प्रदेश सरकार ने एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति को सामान्य रखने के लिए कड़ी निगरानी और छापेमारी अभियान चलाए हैं। अफवाहों के कारण जो समस्याएं उत्पन्न हुई थीं, उन्हें अब नियंत्रित किया जा रहा है। इस प्रकार की सख्ती से जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने में मदद मिल रही है। वहीं, उर्वरक की आपूर्ति भी सुनिश्चित की जा रही है, जिससे किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो। यह कदम प्रदेश की जनता के लिए राहत देने वाले साबित हो सकते हैं।
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