Mahadev Betting App : भारत लाया जाएगा सट्टेबाज सौरभ चंद्राकर

Aishwarya Dwivedi | Jul 10, 2026, 16:05 IST
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महादेव सट्टा ऐप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर की भारत वापसी तय हो गई है। ईडी ने दूसरी बार गिरफ्तारी वारंट जारी कर ओमान से प्रत्यर्पण के लिए 400 पन्नों की फाइल विदेश मंत्रालय को भेजी है।

समझें क्या है पूरा मामला

महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर की भारत वापसी अब तय मानी जा रही है। जांच एजेंसी ने उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को बहुत तेज कर दिया है। सौरभ को ओमान से भारत लाने के लिए 400 पन्नों की फाइल तैयार की गई है। इस फाइल को अब विदेश मंत्रालय के पास भेज दिया गया है। अदालत ने सौरभ के खिलाफ दूसरी बार गिरफ्तारी वारंट जारी किया है।



प्रत्यर्पण के लिए भेजी बड़ी फाइल

जांच एजेंसी ने छह हजार करोड़ रुपए से ज्यादा के अवैध महादेव सट्टा ऐप मामले में बड़ी कार्रवाई की है। प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को भारत लाने के लिए दूसरी बार गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है। जून 2026 में जारी इस वारंट में उसे फरार घोषित किया गया है।



इससे पहले साल 2024 में सौरभ के खिलाफ पहला वारंट जारी हुआ था। उस समय वह दुबई में छिपा हुआ था। गिरफ्तारी के डर से वह दुबई छोड़कर ओमान भाग गया था। अब उसे ओमान से भारत लाने के लिए 400 पन्नों के दस्तावेज तैयार किए गए हैं। इन दस्तावेजों को विदेश मंत्रालय को सौंप दिया गया है।



इन कागजातों को ओमान की अदालत में पेश किया जाएगा। भारत और ओमान के बीच प्रत्यर्पण संधि है। इसी संधि के तहत सौरभ को भारत लाया जाएगा। भारत लाने के बाद उसे रायपुर की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा। इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर ओमान में यह कार्रवाई हुई है। कानूनी औपचारिकताएं पूरी होते ही जांच एजेंसियां उससे पूछताछ करेंगी।



जूस की दुकान से सट्टा सिंडिकेट

सौरभ चंद्राकर की कहानी किसी फिल्मी कहानी जैसी है। वह छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के भिलाई का रहने वाला है। कुछ साल पहले तक वह भिलाई के नेहरू नगर में एक छोटी सी दुकान चलाता था। वह अपने भाई के साथ मिलकर 'जूस फैक्ट्री' नाम की दुकान चलाता था।



एक सामान्य जीवन जीने वाला युवक अचानक देश के सबसे बड़े सट्टा सिंडिकेट का सरगना बन गया। साल 2019 में सौरभ अपने साथी रवि उप्पल के साथ दुबई भाग गया था। वहां उसने विदेशी सहयोगियों के साथ मिलकर एक ऑनलाइन सट्टा प्लेटफॉर्म शुरू किया। इस प्लेटफॉर्म का नाम महादेव ऑनलाइन बुक रखा गया था।



देशभर में फैलाया अवैध कारोबार

देखते ही देखते यह सट्टा नेटवर्क पूरे देश में फैल गया। हजारों एजेंटों के जरिए ऑनलाइन सट्टे का यह धंधा चलने लगा। देश के अलग-अलग हिस्सों में करीब 3200 से 4000 सट्टा पैनल चलाए जा रहे थे।



जांच एजेंसी का दावा है कि इस नेटवर्क से हर दिन 200 से 240 करोड़ रुपए का अवैध कारोबार होता था। कुछ ही सालों में इस पूरे नेटवर्क का टर्नओवर करीब 6000 करोड़ रुपए तक पहुंच गया। इस काले धन को सफेद करने के लिए कई तरह के हथकंडे अपनाए गए।



शादी में पानी की तरह बहाया पैसा

सौरभ चंद्राकर ने साल 2023 में संयुक्त अरब अमीरात (UAE - United Arab Emirates) के रास-अल-खैमाह में शादी की थी। यह शादी बेहद आलीशान और भव्य थी। जांच एजेंसियों के मुताबिक इस शादी में करीब 200 करोड़ रुपए खर्च किए गए थे।



इस शादी समारोह में कई बॉलीवुड कलाकारों को बुलाया गया था। इन कलाकारों को निजी विमानों से वहां ले जाया गया था। कलाकारों को भुगतान करने के लिए हवाला नेटवर्क का इस्तेमाल किया गया था। इस खर्चीली शादी के बाद ही जांच एजेंसियां सतर्क हुई थीं।



फर्जी पासपोर्ट का लिया सहारा

पकड़े जाने के डर से सौरभ दुबई से फरार हो गया था। इसके बाद उसने इंडोनेशिया से एक फर्जी पासपोर्ट बनवाया। इसी फर्जी पासपोर्ट की मदद से वह ओमान में एंट्री कर रहा था। ओमान में प्रवेश करते समय ही वह सुरक्षा एजेंसियों के हत्थे चढ़ गया। फर्जी पासपोर्ट के मामले में ओमान में उसके खिलाफ अलग से आपराधिक केस दर्ज किया गया है। फिलहाल उसे मस्कट के अल खौद डिटेंशन सेंटर में रखा गया है।



संपत्तियां और बैंक खाते फ्रीज

जांच एजेंसी ने इस घोटाले में अब तक बड़ी कार्रवाई की है। सौरभ चंद्राकर और उसके करीबियों की 1700 करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्ति जब्त की जा चुकी है। इस जब्त संपत्ति में दुबई के बुर्ज खलीफा में मौजूद आलीशान प्रॉपर्टी भी शामिल है। इसके अलावा कई बैंक खाते, महंगी गाड़ियां और निवेश के दस्तावेज भी फ्रीज किए गए हैं। एजेंसी अब उसकी बाकी संपत्तियों का भी पता लगा रही है।



FAQ

  1. सौरभ चंद्राकर कौन है और उसे कहां पकड़ा गया है?
    उत्तर: सौरभ चंद्राकर महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप का मुख्य प्रमोटर है। उसे फर्जी पासपोर्ट के जरिए एंट्री करते समय ओमान में पकड़ा गया है।
  2. भारत सरकार उसे वापस लाने के लिए क्या कदम उठा रही है?
    उत्तर: जांच एजेंसी ने सौरभ के खिलाफ दूसरा गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। इसके साथ ही 400 पन्नों की प्रत्यर्पण फाइल विदेश मंत्रालय को भेजी है।
  3. महादेव सट्टा ऐप का पूरा घोटाला कितने करोड़ रुपए का है?
    उत्तर: जांच एजेंसियों के अनुसार यह पूरा सट्टा नेटवर्क करीब 6000 करोड़ रुपए का है। इसमें अब तक 1700 करोड़ रुपए की संपत्ति फ्रीज की जा चुकी है।

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