महादेव सट्टा एप केस: सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल ने गिरफ्तारी से बचने कोर्ट में लगाई गुहार

Harrison Masih | Aug 23, 2025, 18:21 IST
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Mahadev Satta App Case: महादेव सट्टा एप मामले में सरगना सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल ने गिरफ्तारी वारंट रद्द करने की अर्जी लगाई है। दोनों ने तीन महीने में कोर्ट में पेश होने का आश्वासन दिया, लेकिन इस बार भी शर्तें रखी हैं।

Mahadev Satta App Case: ऑनलाइन गेमिंग पर सरकार के प्रतिबंध लगाए जाने के बाद महादेव सट्टा एप के संचालकों में खलबली मच गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के बाद एप के सरगना सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल ने गिरफ्तारी से बचने के लिए विशेष न्यायालय में नया आवेदन दाखिल किया है। इसमें दोनों ने गैर-जमानती वारंट रद्द करने और खुद को पेश करने के लिए तीन महीने का समय मांगा है।

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कोर्ट में अगली सुनवाई 3 नवंबर को

इस मामले की अगली सुनवाई 3 नवंबर 2025 को ईडी की विशेष अदालत में होगी। तब तक यह देखना दिलचस्प होगा कि कोर्ट दोनों आरोपियों की दलीलों और शर्तों को स्वीकार करता है या नहीं।

पहले भी नहीं हुए थे कोर्ट में पेश

ईडी के वकील सौरभ पांडे के अनुसार, इससे पहले भी आरोपी सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल को अदालत में पेश होना था, लेकिन दोनों गैरहाजिर रहे। इस वजह से विशेष न्यायालय ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया था।
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हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक गई थी याचिका

आरोपियों ने सबसे पहले हाईकोर्ट में वारंट रद्द करने की अर्जी दी थी, लेकिन न्यायालय ने सुनवाई के बाद आवेदन को खारिज कर दिया। इसके बाद रवि उप्पल ने सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर की थी, जो अभी तक पेंडिंग पड़ी है। अब दोनों ने एक बार फिर विशेष अदालत में वारंट कैंसिल करने के लिए अर्जी लगाई है।

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महादेव सट्टा एप केस क्या है?

1. अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क

महादेव एप एक ऐसा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है, जहाँ अवैध सट्टा और जुए का कारोबार संचालित किया जाता था।

2. मुख्य सरगना

इस एप को छत्तीसगढ़ के सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल मिलकर चला रहे थे, जिनके खिलाफ कई राज्यों में केस दर्ज हैं।

3. मनी लॉन्ड्रिंग का मामला

ईडी की जांच में सामने आया कि इस एप के जरिए करोड़ों रुपये विदेशों में हवाला नेटवर्क से ट्रांसफर किए गए।

4. गैर-जमानती वारंट

विशेष अदालत ने सरगना सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल के खिलाफ पेश न होने पर गैर-जमानती वारंट जारी किया।

5. कोर्ट में नई अर्जी

दोनों ने अब गिरफ्तारी वारंट कैंसिल करने और सुरक्षा का हवाला देकर 3 महीने में कोर्ट में पेश होने की अर्जी लगाई है।

तीन महीने की मोहलत और सुरक्षा का हवाला

अपने आवेदन में दोनों आरोपियों ने कहा है कि उन्हें अदालत में पेश होने के लिए सुरक्षा इंतजाम करने की आवश्यकता है, इसलिए उन्हें तीन महीने का समय दिया जाए। हालांकि, इस बार भी उन्होंने आवेदन में कुछ शर्तें रखी हैं, जिस पर कोर्ट भविष्य में अपना फैसला सुनाएगी।

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ईडी की कड़ी नजर

महादेव ऑनलाइन सट्टा एप घोटाले में हजारों करोड़ रुपये के लेन-देन की बात सामने आ चुकी है। ईडी का कहना है कि दोनों आरोपी फरार हैं और लगातार कानूनी कार्रवाई से बचने की कोशिश कर रहे हैं। एजेंसी उनकी संपत्तियों की जांच और नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में काम कर रही है।

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