महानदी जल विवाद: छत्तीसगढ़ और ओडिशा के मुख्यमंत्रियों की जल्द होगी बैठक

VINAY VERMA | Jul 22, 2026, 22:26 IST
महानदी जल विवाद पर दिल्ली में बड़ी पहल
महानदी जल विवाद के समाधान के लिए केंद्र की पहल तेज हो गई है। जल्द छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की बैठक हो सकती है। संयुक्त तकनीकी समिति और समयबद्ध कार्ययोजना पर भी जोर दिया गया है।

समझें क्या है पूरा मामला

Raipur। वर्षों से अदालत और न्यायाधिकरण के दायरे में उलझे महानदी जल विवाद को सुलझाने की दिशा में नई पहल शुरू हुई है। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू की पहल के बाद केंद्र सरकार सक्रिय हुई है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से इस मुद्दे पर समाधान की दिशा में आगे बढ़ने को कहा है। अब जल्द ही छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के बीच उच्चस्तरीय बैठक होने की संभावना है।



तोखन साहू ने केंद्र के सामने रखा मुद्दा

नई दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल से मुलाकात के दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने महानदी जल विवाद के जल्द समाधान की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वर्षों से लंबित यह मामला अब केवल कानूनी प्रक्रिया तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि दोनों राज्यों के बीच बातचीत के जरिए इसका व्यावहारिक हल निकाला जाना चाहिए।



संयुक्त तकनीकी समिति बनाने की मांग

तोखन साहू ने केंद्रीय जल आयोग (CWC) को दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों की संयुक्त तकनीकी समिति का जल्द गठन करने के निर्देश देने का आग्रह किया। उनका कहना है कि तकनीकी स्तर पर बातचीत शुरू होने से विवाद के कई बिंदुओं पर स्पष्टता आएगी और समाधान की दिशा में तेजी आएगी।



समयबद्ध कार्ययोजना पर जोर

केंद्रीय मंत्री ने जल शक्ति मंत्रालय से सभी संबंधित पक्षों के बीच समयबद्ध विचार-विमर्श सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया। उनका कहना है कि जल बंटवारे, नदी प्रबंधन और अन्य तकनीकी विषयों पर सहमति बनाकर एक व्यावहारिक कार्ययोजना तैयार की जाए, जिसे जल्द महानदी जल विवाद न्यायाधिकरण के समक्ष रखा जा सके।



किसानों और जल सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा

बैठक के दौरान केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री डॉ. राजभूषण चौधरी भी मौजूद रहे। दोनों केंद्रीय मंत्रियों ने माना कि महानदी जल विवाद का संतुलित, न्यायसंगत और समयबद्ध समाधान दोनों राज्यों के लाखों लोगों के हित में है। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल पानी के बंटवारे का नहीं, बल्कि किसानों की आजीविका, पेयजल सुरक्षा और क्षेत्रीय विकास से भी जुड़ा हुआ है।



अब नजर मुख्यमंत्रियों की बैठक पर

केंद्र की सक्रियता के बाद अब सबसे ज्यादा नजर छत्तीसगढ़ और ओडिशा के मुख्यमंत्रियों की प्रस्तावित बैठक पर है। यदि दोनों राज्यों के बीच सकारात्मक संवाद आगे बढ़ता है तो वर्षों पुराने इस विवाद के समाधान की दिशा में बड़ा रास्ता खुल सकता है। केंद्र सरकार को उम्मीद है कि आपसी सहमति और समन्वय से ऐसा समाधान निकलेगा, जिससे दोनों राज्यों के हित सुरक्षित रहेंगे और महानदी बेसिन के जल संसाधनों का बेहतर एवं टिकाऊ प्रबंधन सुनिश्चित हो सकेगा।



FAQ

  1. महानदी जल विवाद किन राज्यों के बीच है?
    महानदी जल विवाद छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच नदी जल बंटवारे और जल प्रबंधन को लेकर है।
  2. दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक कब होगी?
    बैठक की तारीख अभी तय नहीं हुई है, लेकिन जल्द उच्चस्तरीय बैठक होने की संभावना जताई गई है।
  3. विवाद सुलझाने के लिए क्या कदम प्रस्तावित हैं?
    संयुक्त तकनीकी समिति बनाने, समयबद्ध बातचीत करने और व्यावहारिक कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया गया है।

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