महासमुंद मेडिकल कॉलेज में डेढ़ करोड़ का टेंडर घोटाला, आरटीआई से हुआ बड़ा खुलासा
NEWS IN SHORT
- मेडिकल कॉलेज में डेढ़ करोड़ के टेंडर में अनियमितता का मामला।
- टेंडर में जेम पोर्टल की प्रक्रिया बंद कर ऑफलाइन ठेका देने का आरोप।
- क्रय समिति ने डीन की गैर मौजूदगी में टेंडर प्रक्रिया पूरी की।
- दो कॉन्ट्रैक्ट 75-75 लाख रुपए में निजी कंपनियों को दिए।
NEWS IN DETAIL
मेडिकल कॉलेज में टेंडर प्रक्रिया पर सवाल
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिला मेडिकल कॉलेज में सफाई और सुरक्षा व्यवस्था के लिए जारी टेंडर में गंभीर अनियमितता का मामला सामने आया है। आरटीआई से सामने आए दस्तावेजों के अनुसार करीब डेढ़ करोड़ रुपए के टेंडर में नियमों का उल्लंघन कर ऑफलाइन ठेका जारी किया गया।
जेम पोर्टल की प्रक्रिया को किया दरकिनार
नियमानुसार सरकारी विभागों में खरीद और सेवाओं से जुड़े टेंडर जेम (GeM) पोर्टल के माध्यम से जारी किए जाते हैं। लेकिन आरोप है कि मेडिकल कॉलेज की क्रय समिति ने जेम पोर्टल की ऑनलाइन प्रक्रिया को बीच में ही रोककर ऑफलाइन टेंडर जारी कर दिया।
डीन की गैर मौजूदगी में पूरी हुई प्रक्रिया
आरटीआई दस्तावेजों के अनुसार 15 और 20 जनवरी 2025 को क्रय समिति के अध्यक्ष और सदस्यों ने डीन की गैर मौजूदगी में ही पूरी टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली। आरोप यह भी है कि ऑफलाइन दस्तावेजों में डीन के नाम का सील-ठप्पा भी सदस्यों ने खुद ही लगा दिया।
दो कंपनियों को मिला ठेका
मामले में सफाई व्यवस्था का ठेका मेटास सिक्योरिटी एंड फायर सर्विस प्राइवेट लिमिटेड को करीब 75 लाख 9 हजार रुपए में दिया गया। वहीं सुरक्षा व्यवस्था का ठेका बुंदेला सिक्योरिटी एंड कंसल्टेंट्स प्राइवेट लिमिटेड को लगभग इतनी ही राशि में दिया गया। दोनों मिलाकर कॉन्ट्रैक्ट की राशि करीब पौने दो करोड़ रुपए तक पहुंच गई।
सुरक्षा निधि में भी गड़बड़ी की आशंका
आरटीआई दस्तावेजों में सुरक्षा निधि को लेकर भी गड़बड़ी के संकेत मिले हैं। मेटास कंपनी से 3 लाख 20 हजार रुपए का एफडीआर जमा कराया गया, जबकि बुंदेला सिक्योरिटी के मामले में 2 लाख 40 हजार रुपए सुरक्षा निधि का उल्लेख तो है, लेकिन एफडीआर जमा होने का कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है।
जेम पोर्टल से जानकारी गायब
आरटीआई कार्यकर्ता द्वारा जेम पोर्टल से संबंधित दस्तावेजों की मांग करने पर मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने लिखित जवाब दिया कि कॉन्ट्रैक्ट ऑर्डर की कॉपी पोर्टल पर उपलब्ध नहीं है। इससे पूरे मामले को लेकर संदेह और गहरा गया है।
विधायक ने मांगी जांच
खल्लारी से कांग्रेस विधायक द्वारिकाधीश यादव ने मामले को गंभीर बताते हुए प्रशासन से जांच और कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि क्रय नियमों का पालन नहीं किया गया और अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर टेंडर जारी किया गया।
IMP FACTS
- स्थान: जिला मेडिकल कॉलेज, महासमुंद
- मामला: सफाई और सुरक्षा मैनपॉवर टेंडर में अनियमितता
- कुल राशि: करीब 1.5 से 1.8 करोड़ रुपए
- खुलासा: आरटीआई दस्तावेजों से
- आरोप: जेम पोर्टल की प्रक्रिया बंद कर ऑफलाइन ठेका जारी
आगे क्या
मामले के सामने आने (GeM Portal Scam) के बाद प्रशासनिक जांच की मांग तेज हो सकती है। यदि अनियमितता साबित होती है तो संबंधित अधिकारियों और कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
निष्कर्ष
महासमुंद जिला मेडिकल कॉलेज में टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता का मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। आरटीआई से सामने आए दस्तावेजों ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है। अब जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि टेंडर प्रक्रिया में नियमों का कितना उल्लंघन हुआ।
ये खबरें भी पढ़ें...
नवगठित नगर पंचायत में पहली खरीद में भ्रष्टाचार का खेल, जेम पोर्टल की आड़ में लाखों की हेराफेरी
दंतेवाड़ा में करोड़ों का फर्जी टेंडर घोटाला... डिप्टी कमिश्नर डॉ. आनंदजी सिंह सस्पेंड