कोलकाता में 15 लाख की इनामी नक्सली श्रद्धा बिस्वास गिरफ्तार, मधाई पात्रा ने किया सरेंडर

Harrison Masih | May 14, 2026, 12:10 IST
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माओवादी संगठन को बड़ा झटका लगा है। STF ने 15 लाख की इनामी माओवादी श्रद्धा बिस्वास को गिरफ्तार किया है, जबकि वरिष्ठ सदस्य मधाई पात्रा ने 30 साल बाद आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने की घोषणा की।

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से माओवादी संगठन की एक बड़ी खबर सामने आई है। एक ही दिन में संगठन को दो बड़े झटके लगे हैं। जहां एक ओर लंबे समय से सक्रीय माओवादी नेता श्रद्धा बिस्वास को गिरफ्तार कर लिया गया, वहीं दूसरी ओर संगठन के वरिष्ठ सदस्य मधाई पात्रा ने करीब 30 साल पुराना नाता तोड़ते हुए आत्मसमर्पण कर दिया। सुरक्षा एजेंसियां इसे माओवादी नेटवर्क के कमजोर होने का बड़ा संकेत मान रही हैं।



STF के हत्थे चढ़ी इनामी माओवादी

कोलकाता पुलिस STF ने कार्रवाई करते हुए माओवादी संगठन की रीजनल कमेटी सदस्य श्रद्धा बिस्वास को गिरफ्तार किया। श्रद्धा लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में थी और उसके खिलाफ कई राज्यों में गंभीर मामले दर्ज बताए जा रहे हैं।



जानकारी के अनुसार, झारखंड सरकार ने उस पर 15 लाख रूपए का इनाम घोषित कर रखा था। श्रद्धा पर हत्या, साजिश, उग्रवादी गतिविधियों और सुरक्षाबलों पर हमलों सहित 23 से अधिक मामले दर्ज हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि वह संगठन के शहरी नेटवर्क और विभिन्न राज्यों के बीच संपर्क बनाए रखने में अहम भूमिका निभा रही थी।



सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक, श्रद्धा की गिरफ्तारी से संगठन की रणनीतिक गतिविधियों और नेटवर्क को बड़ा नुकसान पहुंच सकता है। STF अब उससे पूछताछ कर कई अहम जानकारियां जुटाने में लगी हुई है।



30 साल बाद मुख्यधारा में लौटा मधाई पात्रा

इसी बीच माओवादी संगठन को दूसरा बड़ा झटका तब लगा जब वरिष्ठ सदस्य मधाई पात्रा ने आत्मसमर्पण कर दिया। मधाई ने कोलकाता पुलिस आयुक्त के सामने सरेंडर करते हुए हिंसा का रास्ता छोड़ने की घोषणा की। सरेंडर के दौरान उसने कहा कि लंबे समय तक जंगल और हिंसा के रास्ते पर चलने के बाद अब वह सामान्य जीवन जीना चाहता है। उसने अपने पुराने साथियों से भी हथियार छोड़कर लोकतांत्रिक व्यवस्था में लौटने की अपील की।



मिसिर बेसरा का करीबी माना जाता है मधाई

सूत्रों के अनुसार, मधाई पात्रा कई राज्यों में सक्रिय रहा है और वह शीर्ष माओवादी कमांडर मिसिर बेसरा के करीबी नेटवर्क का हिस्सा माना जाता था। सुरक्षा एजेंसियां मान रही हैं कि उसके आत्मसमर्पण से संगठन के अंदर मनोबल पर असर पड़ सकता है। बताया जा रहा है कि मधाई को संगठन की रणनीति, हथियार आपूर्ति और कैडर मूवमेंट की अहम जानकारी है। ऐसे में जांच एजेंसियां उससे पूछताछ कर बड़े खुलासों की उम्मीद कर रही हैं।



सारंडा में जारी है बड़ा ऑपरेशन

इस बीच सारंडा इलाके में सुरक्षाबलों का बड़ा ऑपरेशन लगातार जारी है। सुरक्षा एजेंसियों का फोकस अब शीर्ष कमांडर मिसिर बेसरा पर बना हुआ है। लगातार बढ़ते दबाव और संगठन के कमजोर पड़ते नेटवर्क के बीच उसके आत्मसमर्पण को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार गिरफ्तारी, आत्मसमर्पण और सुरक्षाबलों की संयुक्त कार्रवाई के कारण माओवादी संगठन की पकड़ पहले की तुलना में कमजोर होती जा रही है। खासकर शहरी नेटवर्क पर कार्रवाई से संगठन को बड़ा नुकसान पहुंच रहा है।



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