मित्तल अस्पताल की बड़ी लापरवाही : जिंदा युवक को किया मृत घोषित, वीडियो वायरल

Umeshwari Baghel | Jun 06, 2026, 21:16 IST
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रायपुर के मित्तल अस्पताल में गंभीर लापरवाही सामने आई। रामअवतार रात्रे को जीवित होने के बावजूद मृत घोषित कर परिजनों को शव सौंपा गया। अंतिम संस्कार के लिए एंबुलेंस में ले जाते समय युवक के हाथ-पैर हिलने लगे।

NEWS IN SHORT

  • रायपुर मित्तल हॉस्पिटल की घोर लापरवाही, जीवित युवक को मृत घोषित किया
  • अंतिम संस्कार के दौरान युवक के हाथ-पैर हिले परिजन हैरान
  • युवक को पानी पिलाकर मेकाहारा अस्पताल में भर्ती किया गया
  • परिजन अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने की तैयारी में
  • वायरल वीडियो ने अस्पताल की विश्वसनीयता पर उठाए गंभीर सवाल

NEWS IN DETAIL

Raipur। राजधानी के मित्तल अस्पताल (Mittal Hospital) में हुई एक गंभीर लापरवाही ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अस्पताल ने रामअवतार रात्रे नामक एक युवक को मृत घोषित कर उसके शव को परिजनों को सौंप दिया, जबकि वह जीवित था।



परिजन जैसे ही अंतिम संस्कार की तैयारी में लगे, युवक के हाथ-पैर हिलने लगे। इसे देखकर हड़कंप मच गया और तत्काल उसे पानी पिलाकर रायपुर के मेकाहारा अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।



घटना का विवरण

पुरानी भिलाई के देवबलोदा निवासी रामअवतार रात्रे 3 जून को घर के बाथरूम में गिर गए थे। गंभीर चोट के साथ उन्हें मित्तल अस्पताल लाया गया। अस्पताल के डॉक्टरों ने उनके उपचार के दौरान उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों को शव सौंपते समय किसी ने भी यह पुष्टि नहीं की कि युवक वास्तव में मृत हैं।



परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए एंबुलेंस में ले जा रहे थे, तभी युवक के हाथ-पैर हिलने लगे। परिजनों ने तुरंत पानी पिलाया और बेहतर इलाज के लिए रायपुर स्थित मेकाहारा अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने इलाज जारी रखा, लेकिन गंभीर स्थिति के कारण युवक की मौत हो गई।



परिजनों की नाराजगी और कार्रवाई की मांग

इस घटना के बाद परिजन अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जता रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह बेहद गंभीर लापरवाही है और डॉक्टरों को ऐसा निर्णय लेने से पहले जीवित मरीज की स्थिति की पूरी जांच करनी चाहिए थी। परिजनों ने थाने में शिकायत दर्ज कराने की बात कही है और स्वास्थ्य विभाग तथा प्रशासन से उचित कार्रवाई की मांग की है।



अस्पताल प्रबंधन की चुप्पी

इस मामले में Mittal Hospital के संचालक आशीष मित्तल से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। इस बीच, घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे अस्पताल की साख पर गंभीर असर पड़ा है।



स्वास्थ्य विभाग की प्रतिक्रिया

रायपुर सीएमएचओ डॉ. मिथलेश चौधरी ने कहा कि मामले की जानकारी मिलने के बाद कमेटी बनाकर जांच शुरू कर दी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।



मित्तल अस्पताल का विवादित इतिहास

यह पहला मामला नहीं है जब मित्तल अस्पताल विवादों में आया हो। पहले भी अस्पताल पर आरोप लगे थे कि जशपुर निवासी मरीज के परिवार से आयुष्मान कार्ड के माध्यम से 3 लाख रुपए ब्लॉक किए और समान राशि कैश में ले लिए, जबकि बिल नहीं दिया गया। इस मामले में सीएमओ ने अस्पताल को आयुष्मान योजना से तीन महीने के लिए निलंबित करने की अनुशंसा की थी।



विशेषज्ञों की चिंता

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाओं से मरीजों और उनके परिवारों में विश्वास की कमी होती है। डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन को मरीज की मृत्यु का निर्णय लेते समय अत्यधिक सतर्क रहना चाहिए। किसी भी मरीज को मृत घोषित करने से पहले कई बार जांच और पुष्टि आवश्यक है।



सोशल मीडिया और जनसंदेश

घटना का वीडियो वायरल होने के बाद लोगों में गुस्सा है। सोशल मीडिया पर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और अस्पताल प्रबंधन की जिम्मेदारी पर कई सवाल खड़े हो रहे है।



IMP FACTS

रामअवतार रात्रे को मित्तल अस्पताल ने जीवित होने पर भी मृत घोषित किया।


अंतिम संस्कार के लिए एंबुलेंस में ले जाते समय युवक के हाथ-पैर हिले।


परिजन ने तुरंत पानी पिलाकर उन्हें मेकाहारा अस्पताल पहुंचाया।


इलाज के दौरान मेकाहारा अस्पताल में युवक की मौत हो गई।


घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और अस्पताल की लापरवाही उजागर हुई।


स्वास्थ्य विभाग ने जांच के लिए कमेटी बनाई और कार्रवाई की संभावना जताई है।



निष्कर्ष

रामअवतार रात्रे की मौत और मित्तल अस्पताल की लापरवाही ने स्वास्थ्य व्यवस्था में गंभीर कमियों को उजागर किया है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की जांच से ही यह तय होगा कि किसे जिम्मेदार ठहराया जाए और भविष्य में ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। परिजनों की शिकायत और वायरल वीडियो के कारण घटना ध्यान खींच रहा है।



इस घटना से स्पष्ट होता है कि अस्पतालों में मरीज की स्थिति की सही और समय पर पुष्टि करना आवश्यक है। प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई के बाद ही अस्पतालों में जिम्मेदारी का सही संदेश जाएगा।



FAQ

  1. युवक को जीवित होने के बावजूद मृत क्यों घोषित किया गया?
    अस्पताल प्रबंधन ने रामअवतार रात्रे की गंभीर हालत को देखते हुए बिना ठीक से जांच किए उन्हें मृत घोषित कर दिया, जिससे परिजन अंतिम संस्कार की तैयारी में जुट गए।
  2. युवक की मौत आखिर कहा हुई?
    परिजन युवक को तुरंत रायपुर के मेकाहारा अस्पताल लेकर गए, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
  3. क्या इस मामले में अस्पताल प्रबंधन पर कार्रवाई होगी?
    सीएमएचओ ने मामले की जांच के लिए कमेटी बनाई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन उचित कार्रवाई करेगा।

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