विधायक निधि अब एक क्लिक पर; छत्तीसगढ़ में डिजिटल सिस्टम से बचेंगे तीन करोड़
NEWS IN SHORT
- विधायक निधि अब ऑनलाइन होगी, जिससे प्रक्रिया तेज़ होगी।
- 3 करोड़ 6 लाख की बचत होगी, खर्च कम होगा।
- पारदर्शिता और दक्षता बढ़ेगी, सब कुछ ट्रैक किया जाएगा।
- विधायक निधि पिछले 20 सालों में कई गुना बढ़ी।
- नया डिजिटल साफ्टवेयर सभी को आपस में जोड़ेगा।
NEWS IN DETAIL
छत्तीसगढ़ में विधायक निधि को डिजिटल किया जाएगा। अब प्रदेश के सभी 90 विधायक और प्रभारी मंत्रियों को एक लॉग इन आईडी दी जाएगी। जिसके जरिए वे विकास कार्यों का प्रस्ताव एक क्लिक में शासन-प्रशासन तक पहुंचा सकेंगे। यह प्रक्रिया समय की बचत के साथ-साथ शासन के खर्चे में भी कमी लाएगी।
अब तक विकास कार्यों के प्रस्तावों को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने में महीनों लग जाते थे। लेकिन इस नई प्रक्रिया के माध्यम से यह काम एक से दो दिन में ही पूरा हो जाएगा। इससे समय की बचत होगी और फाइलों की लंबी कागजी कार्रवाई भी समाप्त होगी।
पारदर्शिता और दक्षता बढ़ेगी
यह नया सिस्टम सिर्फ समय की बचत ही नहीं करेगा, बल्कि पारदर्शिता और दक्षता को भी बढ़ाएगा। विधायक अपनी आईडी से सीधे प्रस्ताव अपलोड करेंगे, जो जिला प्रशासन के माध्यम से संबंधित विभागों में जाएगा। इसके बाद प्रशासन द्वारा जांच के बाद यह प्रस्ताव शासन तक पहुंचेगा, जहां अंतिम निर्णय लिया जाएगा। इस पूरे प्रक्रिया में विधायक अपने प्रस्ताव की ट्रैकिंग भी कर सकेंगे, जिससे सब कुछ पारदर्शी और ट्रांसपेरेंट होगा।
3 करोड़ 6 लाख की बचत
इस सिस्टम को लागू करने से प्रदेश सरकार को बड़ी बचत होगी। अनुमान है कि एक विधायक निधि के ऑनलाइन सिस्टम से करीब 4 लाख रुपये बचेंगे। प्रदेश भर में 90 विधायक हैं, जिसके कारण लगभग 3 करोड़ 60 लाख की बचत हो सकती है।
विधायक निधि का इतिहास
विधायक निधि का विस्तार : विधायक निधि की रकम पिछले 20 सालों में कई गुना बढ़ी है। 2004-05 में यह निधि 50 लाख रुपये थी, जो अब 2022-23 में चार करोड़ रुपए तक पहुंच गई है। इस प्रणाली से शासन को न केवल समय की बचत होगी, बल्कि पैसे की भी बचत होगी, और विकास कार्यों में तेजी आएगी।
साफ्टवेयर की कार्यप्रणाली
प्रदेश सरकार ने एक विशेष साफ्टवेयर तैयार किया है, जिससे सभी 90 विधायक, 13 प्रभारी मंत्री, 33 जिला प्रशासन और विभिन्न एजेंसियां आपस में जुड़ी रहेंगी। यह सभी पार्टियां डिजिटल प्लेटफॉर्म पर एक दूसरे के साथ आसानी से संवाद कर सकेंगी।
निष्कर्ष
इस नए सिस्टम से छत्तीसगढ़ के विकास कार्यों में गति आएगी और शासन का समय व पैसा दोनों बचेंगे।
यह खबरें भी पढ़ें...
"सीबीआई जांच" लिखी साड़ी पहनकर विधानसभा पहुंची ऋतु बनावत, विधायक निधि में कमीशन मांगने का है आरोप
विधायक निधि खर्च करने में राज्यवर्धन राठौड़ सबसे पीछे, जानें जयपुर के 19 विधायकों का हिसाब-किताब
विधायक निधि में कमीशन: तीनों विधायक फिर सदाचार कमेटी के सामने पेश
विधायक निधि में कमीशन: तीनों विधायक फिर सदाचार कमेटी के सामने पेश