अतिक्रमण हटाने गई टीम पर हमला, ग्रामीणों पर FIR दर्ज

Umeshwari Baghel | Jul 01, 2026, 22:06 IST
नकटी गांव में पुलिस और ग्रामीणों के बीच टकराव
रायपुर के नकटी गांव में विधायक कॉलोनी के लिए करीब 80 मकान हटाने के दौरान विवाद हुआ। पुलिस ने अज्ञात ग्रामीणों पर बलवा, तोड़फोड़ और अधिकारियों से धक्का-मुक्की की धाराओं में केस दर्ज किया है। वीडियो से आरोपियों की पहचान की जा रही है।

समझें क्या है पूरा मामला

Raipur। राजधानी रायपुर के माना थाना क्षेत्र स्थित नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने के दौरान हुआ विवाद अब कानूनी कार्रवाई तक पहुंच गया है। पुलिस ने अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ बलवा समेत भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। प्रस्तावित विधायक कॉलोनी के लिए गांव में मकान हटाए जाने के दौरान प्रशासनिक अमले और ग्रामीणों के बीच विवाद हुआ था।



पुलिस के अनुसार, कार्रवाई का विरोध कर रहे कुछ लोगों ने मौके पर हंगामा किया। प्रशासन ने बुलडोजर में तोड़फोड़ और अधिकारियों के साथ धक्का-मुक्की किए जाने की शिकायत दी है। इसके आधार पर माना थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 115(2), 121, 191(1) और 191(2) के तहत मामला दर्ज किया है।



वीडियो फुटेज से आरोपियों की पहचान करेगी पुलिस

एफआईआर में अभी किसी ग्रामीण को नामजद आरोपी नहीं बनाया गया है। पुलिस घटनास्थल पर बनाए गए वीडियो, मोबाइल रिकॉर्डिंग और दूसरे उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है। फुटेज में दिखाई दे रहे लोगों की पहचान होने के बाद उनके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।



पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि विवाद की शुरुआत कैसे हुई। तोड़फोड़ और अधिकारियों से झूमाझटकी में कौन-कौन शामिल था, इसकी जानकारी साक्ष्यों के आधार पर जुटाई जा रही है।



वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की प्रतिक्रिया नहीं मिली

घटना और दर्ज एफआईआर पर विस्तृत आधिकारिक जानकारी लेने के लिए रायपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा से कई बार फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया। उनसे संपर्क नहीं हो सका। रायपुर ग्रामीण पुलिस के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से भी प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की गई, लेकिन कोई आधिकारिक बयान उपलब्ध नहीं हुआ। ऐसे में पुलिस की विस्तृत जांच और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही आरोपों की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।



विधायक कॉलोनी के लिए हटाए गए करीब 80 मकान

नकटी गांव में प्रस्तावित विधायक कॉलोनी के निर्माण के लिए प्रशासन ने करीब 80 मकानों को हटाया है। स्थानीय ग्रामीणों का दावा है कि हटाए गए मकानों में प्रधानमंत्री आवास योजना और इंदिरा आवास योजना के तहत बने 32 आवास भी शामिल हैं। इस दावे की प्रशासनिक स्तर पर स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।



अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से पहले पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई थी। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए एक हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। गांव और आसपास के प्रमुख रास्तों पर भी पुलिस बल मौजूद रहा।



कार्रवाई के बाद धरने पर बैठे प्रभावित परिवार

मकान हटाए जाने के बाद प्रभावित ग्रामीणों ने कार्रवाई स्थल के पास धरना शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि वे कई वर्षों से नकटी गांव में रह रहे थे। कई परिवार संयुक्त रूप से अलग-अलग मकानों में निवास कर रहे थे।



ग्रामीणों का आरोप है कि पुनर्वास के तहत प्रत्येक परिवार को केवल एक मकान देने की बात कही जा रही है। उनका कहना है कि एक ही परिवार में कई विवाहित सदस्य अलग-अलग मकानों में रहते थे। केवल एक आवास मिलने से बड़े संयुक्त परिवारों के सामने रहने की समस्या खड़ी हो सकती है।



प्रभावित लोगों ने प्रत्येक परिवार इकाई का अलग सर्वे कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि दस्तावेजों के साथ मौके की वास्तविक स्थिति का भी आकलन होना चाहिए। उन्होंने वैकल्पिक आवास मिलने तक जरूरी राहत और बुनियादी सुविधाएं देने की मांग रखी है।



सेक्टर-30 के ईडब्ल्यूएस आवासों में पुनर्वास की तैयारी

प्रशासन का कहना है कि प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पात्र परिवारों को नया रायपुर के सेक्टर-30 स्थित ईडब्ल्यूएस आवासों में बसाने की योजना है। इसके लिए दस्तावेजों की जांच और पात्रता का सत्यापन किया जा रहा है।



अधिकारियों का दावा है कि सभी पात्र परिवारों को निर्धारित नियमों के अनुसार आवास उपलब्ध कराया जाएगा। हालांकि, संयुक्त परिवारों को कितने मकान मिलेंगे, इसे लेकर ग्रामीणों और प्रशासन के बीच स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है।



पुलिस जांच और पुनर्वास पर टिकी नजर

नकटी गांव का विवाद अब दो अलग स्तरों पर आगे बढ़ रहा है। पुलिस तोड़फोड़, बलवा और विवाद से जुड़े आरोपों की जांच कर रही है। वहीं प्रशासन के सामने प्रभावित परिवारों का पारदर्शी और समयबद्ध पुनर्वास सुनिश्चित करने की चुनौती है।



अब वीडियो फुटेज से आरोपियों की पहचान, पुलिस की अगली कार्रवाई और ईडब्ल्यूएस आवासों के आवंटन पर सभी की नजर रहेगी। पुनर्वास को लेकर प्रशासन और ग्रामीणों के बीच सहमति बनना भी इस विवाद को शांत करने के लिए महत्वपूर्ण होगा।



महत्वपूर्ण तथ्य

नकटी गांव में विधायक कॉलोनी के लिए कार्रवाई हुई।


प्रशासन ने करीब 80 मकान हटाए।


32 आवास सरकारी योजनाओं के बताए गए।


मौके पर एक हजार से अधिक पुलिसकर्मी तैनात थे।


ग्रामीणों पर बलवा और तोड़फोड़ का मामला दर्ज हुआ।


एफआईआर में अभी आरोपी अज्ञात हैं।


पुलिस वीडियो फुटेज से पहचान कर रही है।


प्रभावित परिवार पुनर्वास की मांग पर धरने पर हैं।


प्रशासन सेक्टर-30 के EWS आवास देने की तैयारी में है।


संयुक्त परिवारों को एक आवास देने पर विवाद है।



FAQ

  1. नकटी गांव में विवाद क्यों हुआ?
    विधायक कॉलोनी के लिए मकान हटाने की कार्रवाई का ग्रामीणों ने विरोध किया। इसी दौरान प्रशासनिक अमले और ग्रामीणों के बीच विवाद हुआ।
  2. पुलिस ने किन धाराओं में मामला दर्ज किया है?
    माना थाना पुलिस ने बीएनएस की धारा 115(2), 121, 191(1) और 191(2) के तहत अज्ञात लोगों पर केस दर्ज किया है।
  3. प्रभावित परिवारों का पुनर्वास कहां होगा?
    प्रशासन के अनुसार, पात्र परिवारों को नया रायपुर के सेक्टर-30 स्थित ईडब्ल्यूएस आवासों में बसाने की प्रक्रिया चल रही है।

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