CG पैरामेडिकल एडमिशन 2026 : अब NEET पास करना जरुरी होगा

Umeshwari Baghel | Jul 08, 2026, 14:56 IST
पैरामेडिकल में भी NEET UG जरूरी
छत्तीसगढ़ में 2026-27 सत्र से पैरामेडिकल कोर्स में प्रवेश के नियम बदल जाएंगे। अब 10 प्रमुख पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए NEET UG क्वालिफाई करना अनिवार्य होगा। बिना नीट स्कोर के सरकारी और निजी कॉलेजों में प्रवेश नहीं मिलेगा।

समझें क्या है पूरा मामला

Raipur। छत्तीसगढ़ में पैरामेडिकल क्षेत्र में करियर बनाने वाले छात्रों के लिए प्रवेश प्रक्रिया में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 से प्रदेश के 10 प्रमुख पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों में दाखिला अब NEET UG के माध्यम से ही मिलेगा। नेशनल कमीशन फॉर एलाइड एंड हेल्थकेयर प्रोफेशंस (NCAHP) के नए नियमों के तहत यह व्यवस्था छत्तीसगढ़ समेत देशभर में लागू की जा रही है।



इस बदलाव के बाद सरकारी और निजी संस्थान बिना नीट क्वालिफाई किए किसी भी छात्र को पैरामेडिकल कोर्स में प्रवेश नहीं दे सकेंगे। इससे प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ने और फर्जी संस्थानों पर रोक लगने की उम्मीद है।



दो साल से रुका था पैरामेडिकल प्रवेश

छत्तीसगढ़ में पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश को लेकर पिछले दो साल छात्रों के लिए चुनौतीपूर्ण रहे हैं। वर्ष 2024 और 2025 में कई पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया प्रभावित हुई थी। इसके कारण बड़ी संख्या में छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ा।



अब NEET UG 2026 के परिणाम जारी होने के बाद पैरामेडिकल कोर्स के लिए ऑनलाइन काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। छात्रों को नीट स्कोर के आधार पर ही कॉलेज और पाठ्यक्रम का विकल्प मिलेगा।



सीधे प्रवेश पर लगेगी रोक

अब तक कुछ पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों में संस्थान स्तर पर मेरिट के आधार पर प्रवेश दिया जाता था। नई व्यवस्था लागू होने के बाद कॉलेजों की मनमानी पर रोक लगेगी।



वर्तमान व्यवस्था में बीपीटी और अन्य पैरामेडिकल सीटों पर राज्य स्तर से प्रवेश प्रक्रिया होती थी। लेकिन नए नियमों के बाद सभी योग्य छात्रों को एक समान परीक्षा प्रक्रिया से गुजरना होगा।



विशेषज्ञों का मानना है कि इससे बिना मान्यता वाले निजी संस्थानों पर भी शिकंजा कस सकेगा। कई जगह सीमित संसाधनों के साथ चल रहे संस्थानों में प्रवेश लेने वाले छात्रों के भविष्य पर सवाल उठते रहे हैं।



इन पैरामेडिकल कोर्स में लागू होगा नया नियम

बैचलर ऑफ फिजियोथैरेपी (BPT)


ऑक्यूपेशनल थैरेपी


मेडिकल लेबोरेटरी एवं लाइफ साइंस


बायोटेक्नोलॉजी और संबंधित मेडिकल साइंस कोर्स


ट्रॉमा, बर्न और सर्जिकल एनेस्थीसिया टेक्नोलॉजी


न्यूट्रिशनल साइंस


ऑप्टोमेट्री और ऑप्थेलमिक साइंस


मेडिकल रेडियोलॉजी एवं इमेजिंग टेक्नोलॉजी


मेडिकल टेक्नोलॉजिस्ट और फिजिशियन एसोसिएट कोर्स


हेल्थ इंफॉर्मेशन मैनेजमेंट



इन पाठ्यक्रमों के जरिए छात्र मेडिकल लैब, रेडियोलॉजी, फिजियोथैरेपी, डायग्नोस्टिक सेवाओं और हेल्थ मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में करियर बना सकते हैं।



BPT छात्रों के लिए भी बदला नियम

नए दिशा-निर्देशों के तहत बैचलर ऑफ फिजियोथैरेपी (BPT) कोर्स में भी बदलाव किया गया है। अब इस कोर्स में इंटर्नशिप की अवधि बढ़ाकर 12 महीने कर दी गई है।



पहले कई संस्थानों में इंटर्नशिप अवधि छह महीने तक थी। नई व्यवस्था में छात्रों को ज्यादा क्लीनिकल अनुभव मिलेगा, जिससे वे मरीजों के इलाज और पुनर्वास सेवाओं के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकेंगे।



कॉलेजों की मान्यता के लिए सख्त होंगे मापदंड

नए नियमों के तहत पैरामेडिकल कॉलेजों को मान्यता देने की प्रक्रिया भी सख्त होगी। संस्थानों को तय इंफ्रास्ट्रक्चर, प्रशिक्षित फैकल्टी और अन्य आवश्यक सुविधाओं के मानक पूरे करने होंगे।



मानकों के आधार पर ही कॉलेजों की सीटों को बढ़ाने या घटाने का फैसला लिया जाएगा। इससे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।



छात्रों को क्या करना होगा?

2026-27 सत्र में पैरामेडिकल कोर्स में प्रवेश लेने वाले छात्रों को अब NEET UG परीक्षा में शामिल होना होगा। नीट में प्राप्त अंक और काउंसलिंग प्रक्रिया के आधार पर ही कॉलेज आवंटित किए जाएंगे।



छात्रों को सलाह दी गई है कि वे प्रवेश से पहले संबंधित कॉलेज की मान्यता और कोर्स की जानकारी जरूर जांच लें। इससे वे फर्जी संस्थानों के झांसे से बच सकेंगे।



IMP FACTS

छत्तीसगढ़ में 2026-27 सत्र से पैरामेडिकल कोर्स में NEET UG अनिवार्य होगा।



10 प्रमुख पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों में अब नीट स्कोर के आधार पर प्रवेश मिलेगा।



बिना NEET UG क्वालिफाई किए सरकारी और निजी कॉलेजों में एडमिशन नहीं मिलेगा।



नए नियम नेशनल कमीशन फॉर एलाइड एंड हेल्थकेयर प्रोफेशंस (NCAHP) के दिशा-निर्देशों के तहत लागू होंगे।



BPT (बैचलर ऑफ फिजियोथैरेपी) में इंटर्नशिप अवधि 6 महीने से बढ़ाकर 12 महीने की गई है।



कॉलेजों की मान्यता के लिए अब इंफ्रास्ट्रक्चर और फैकल्टी के सख्त मानक लागू होंगे।



नए नियम से बिना मान्यता वाले पैरामेडिकल संस्थानों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।



FAQ

  1. छत्तीसगढ़ में पैरामेडिकल कोर्स में प्रवेश के लिए NEET UG कब से अनिवार्य होगा?
    छत्तीसगढ़ में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से पैरामेडिकल कोर्स में प्रवेश के लिए NEET UG अनिवार्य होगा।
  2. कौन-कौन से पैरामेडिकल कोर्स में नया नियम लागू होगा?
    बैचलर ऑफ फिजियोथैरेपी, ऑक्यूपेशनल थैरेपी, मेडिकल लेबोरेटरी, रेडियोलॉजी, ऑप्टोमेट्री समेत 10 प्रमुख कोर्स में यह नियम लागू होगा।
  3. क्या बिना NEET UG के पैरामेडिकल कॉलेज में एडमिशन मिल सकेगा?
    नहीं, नए नियम लागू होने के बाद बिना NEET UG क्वालिफाई किए पैरामेडिकल कोर्स में प्रवेश नहीं मिलेगा।

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