भारतमाला कॉरिडोर पर कार से चलेंगे गडकरी, अफसरों में मची अफरा तफरी

Arun Tiwari | Jun 18, 2026, 14:07 IST
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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी जुलाई में रायपुर-विशाखापट्टनम भारतमाला कॉरिडोर का कार से ज़मीनी निरीक्षण कर सकते हैं। 80% पूरे हो चुके इस प्रोजेक्ट में भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच अफसरों में हड़कंप है।

RAIPUR : केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की आमद की आहट से अफसरों में अफरा तफरी मच गई है। गडकरी भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत बन रहे कॉरिडोर का जायजा लेने आ रहे हैं। वे कार से रायपुर से विशाखापट्टनम जाएंगे। यह दौरा इसलिए अहम है क्योंकि ये कॉरिडोर भ्रष्टाचार के कॉरिडोर के कारण ज्यादा चर्चा में है। मुआवजा की बंदरबांट की खबरें भी दिल्ली तक पहुंची। इसकी जांच ईडी भी कर रही है। कई गुनाहगार जेल में हैं तो कई ईडी की राडार पर।



जुलाई में दौरा संभावित:

भारतमाला परियोजना के तहत विकसित किए जा रहे रायपुर-विशाखापट्टनम आर्थिक कॉरिडोर का निरीक्षण करने के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी जल्द छत्तीसगढ़ आ सकते हैं। प्रस्तावित दौरे को देखते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और संबंधित एजेंसियों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। संभावना जताई जा रही है कि गडकरी जुलाई के पहले सप्ताह में इस महत्वाकांक्षी परियोजना का जमीनी स्तर पर निरीक्षण करेंगे।



ज़मीनी जायज़ा लेंगे गडकरी:

सूत्रों के अनुसार पहले इस कॉरिडोर का हवाई सर्वेक्षण किए जाने की चर्चा थी, लेकिन अब केंद्रीय मंत्री ने सड़क मार्ग से यात्रा कर परियोजना की वास्तविक स्थिति देखने की इच्छा जताई है। यदि कार्यक्रम तय होता है तो वे रायपुर से विशाखापट्टनम तक सड़क मार्ग से यात्रा करते हुए निर्माण कार्यों, सड़क की गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों और परियोजना की प्रगति का प्रत्यक्ष देखेंगे।



भारतमाला कॉरिडोर


गडकरी के दौरे से चौकन्ना प्रशासन:

गडकरी के संभावित दौरे की सूचना मिलते ही एनएचएआई और निर्माण एजेंसियों ने कॉरिडोर के विभिन्न हिस्सों में मरम्मत, साफ-सफाई और सौंदर्यीकरण का कार्य तेज कर दिया है। मार्ग पर स्थित साइन बोर्डों को दुरुस्त किया जा रहा है, डिवाइडरों की रंगाई-पुताई की जा रही है और सड़क किनारे की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। अधिकारियों का मानना है कि केंद्रीय मंत्री के निरीक्षण के दौरान परियोजना के हर पहलू की बारीकी से समीक्षा की जा सकती है।



क्यों अहम है यह कॉरिडोर:

रायपुर-विशाखापट्टनम आर्थिक कॉरिडोर देश की महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना परियोजनाओं में शामिल है। लगभग 16,482 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना की शुरुआत वर्ष 2020-21 में हुई थी। इसका उद्देश्य छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश के बीच सड़क संपर्क को मजबूत करना और माल परिवहन को अधिक सुगम बनाना है। परियोजना पूरी होने के बाद इन राज्यों के औद्योगिक और व्यावसायिक क्षेत्रों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।



हालांकि, भूमि अधिग्रहण और पर्यावरणीय स्वीकृतियों जैसी प्रक्रियाओं के कारण परियोजना की गति शुरुआती दौर में प्रभावित हुई थी। कई हिस्सों में निर्माण कार्य अपेक्षा से धीमा रहा, जिसके चलते निर्धारित समयसीमा में देरी हुई। बावजूद इसके, पिछले कुछ समय में निर्माण गतिविधियों में तेजी आई है और अधिकांश हिस्सों में प्रगति दर्ज की गई है।



80 फीसदी काम पूरा:

परियोजना से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में कॉरिडोर का लगभग 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। शेष कार्यों को भी तेजी से पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि यह कॉरिडोर जल्द से जल्द पूरी तरह संचालित हो सके। अधिकारियों का कहना है कि निर्माण कार्य अब अंतिम चरण में पहुंच रहा है और कई हिस्सों में सड़क यातायात के लिए तैयार हो चुकी है।



प्रस्तावित दौरे को लेकर एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारियों का कहना है कि केंद्रीय मंत्री का कार्यक्रम अभी अंतिम रूप से तय नहीं हुआ है। जुलाई के पहले सप्ताह में दौरे की संभावना है, लेकिन यात्रा की तिथि और कार्यक्रम की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। यदि दौरा तय होता है तो गडकरी परियोजना की प्रगति की समीक्षा करने के साथ-साथ निर्माण एजेंसियों और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दे सकते हैं।



आसान होगा परिवहन:

रायपुर-विशाखापट्टनम आर्थिक कॉरिडोर को क्षेत्रीय विकास की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके शुरू होने से माल ढुलाई का समय कम होगा, परिवहन लागत घटेगी और उद्योगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। साथ ही, आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच आसान होने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलने की उम्मीद है।



केंद्रीय मंत्री के संभावित दौरे को परियोजना के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है। इससे न केवल निर्माण कार्यों की समीक्षा होगी, बल्कि परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए आवश्यक निर्णयों और संसाधनों को भी गति मिल सकती है। फिलहाल सभी संबंधित एजेंसियां दौरे की तैयारी और परियोजना के शेष कार्यों को तेजी से पूरा करने में जुटी हुई हैं।



FAQ

  1. भारतमाला परियोजना (Bharatmala Pariyojana) क्या है?
    उत्तर: यह भारत सरकार का एक महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय राजमार्ग विकास कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य पूरे देश में सड़कों, नेशनल कॉरिडोर और एक्सप्रेसवे का जाल बिछाकर माल परिवहन (Logistics) और यात्रियों के आवागमन को सुगम बनाना है।
  2. रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर किन-किन राज्यों से होकर गुजरता है?
    उत्तर: यह कॉरिडोर मुख्य रूप से तीन राज्यों को जोड़ता है: छत्तीसगढ़ ओडिशा आंध्र प्रदेश
  3. NHAI का पूरा नाम क्या है और इसका मुख्य कार्य क्या है?
    उत्तर: NHAI का पूरा नाम National Highways Authority of India (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) है। यह भारत में राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण, रखरखाव और प्रबंधन के लिए जिम्मेदार नोडल एजेंसी है।

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