NHM कर्मचारियों पर सरकार मेहरबान, घोषणा के 6 दिन बाद आदेश जारी
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। राज्य सरकार अब उन्हें वेतन के अलावा बीमा सुरक्षा और बच्चों की पढ़ाई के लिए भी आर्थिक सहायता देगी। इसके लिए आदेश भी जारी हो गया है। NHM कर्मियों के अनुसार यह आदेश इसलिए भी खास है कि महज 6 दिन पहले ही मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इसकी घोषणा की थी।
दुर्घटना पर मिलेगा 1.40 करोड़
जारी आदेश के अनुसार NHM कर्मचारियों को कई तरह की बीमा सुविधाएं मिलेंगी। सामान्य मृत्यु की स्थिति में 6 लाख रुपए का ग्रुप टर्म इंश्योरेंस मिलेगा। जबकि व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा 1.40 करोड़ रुपए तक का होगा। स्थायी पूर्ण विकलांगता पर भी 1.40 करोड़ रुपए का लाभ मिलेगा।
यही नहीं, स्थायी आंशिक विकलांगता पर 70 लाख रुपए की सुरक्षा दी जाएगी। हवाई दुर्घटना की स्थिति में 2 करोड़ रुपए तक का बीमा कवर मिलेगा। सरकार इसे कर्मचारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम बता रही है। कर्मचारियों के बीच भी इस फैसले को लेकर उत्साह देखा जा रहा है।
बच्चों की पढ़ाई के लिए भी सुरक्षा कवच
बीमा योजना में कर्मचारियों के बच्चों को भी शामिल किया गया है। बाल शिक्षा लाभ के तहत प्रति बच्चे 5 लाख रुपए तक की सहायता मिलेगी। अधिकतम दो बच्चों के लिए 10 लाख रुपए तक का लाभ मिलेगा। यह प्रावधान परिवारों के लिए अतिरिक्त राहत लेकर आया है।
नौकरी के दौरान जोखिम
NHM कर्मचारियों का कहना है कि नौकरी के दौरान जोखिम अधिक रहता है। ऐसे में परिवार की सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता होती है। नई व्यवस्था इस चिंता को काफी हद तक कम कर सकती है। यही वजह है कि कर्मचारी इसे बड़ी उपलब्धि मान रहे हैं।
हेल्थ इंश्योरेंस का भी मिलेगा लाभ
योजना में हेल्थ इंश्योरेंस की सुविधा भी शामिल की गई है। कर्मचारियों को रियायती दरों पर स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराया जाएगा। इससे इलाज का खर्च कम करने में मदद मिलेगी। स्वास्थ्य क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
कर्मचारी हित में बड़ा फैसला
सरकार का दावा है कि यह सुविधा लंबे समय से कर्मचारियों (nhm employees) की मांग थी। अब इसे लागू कर कर्मचारियों को अतिरिक्त सुरक्षा देने की कोशिश की गई है। स्वास्थ्य विभाग इसे कर्मचारी हित में बड़ा फैसला बता रहा है। आने वाले समय में इसका प्रभाव भी दिखाई देगा।
लेकिन एक शर्त भी है
छत्तीसगढ़ प्रदेश NHM कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमित कुमार मिरी के अनुसार लाभ लेने के लिए कुछ शर्तें भी तय की गई हैं। कर्मचारी का वेतन खाता बैंक ऑफ इंडिया में सैलरी अकाउंट होना जरूरी होगा। पहला वेतन खाते में आने के बाद एमओयू की शर्तें लागू हो जाएंगी। इसके बाद कर्मचारी बीमा सुविधाओं का लाभ ले सकेंगे।
व्यवस्थित बनाने की कोशिश
योजना का लाभ सीधे बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ा गया है। इससे प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाने की कोशिश की गई है। हालांकि कुछ कर्मचारियों को पहले अपना खाता स्थानांतरित करना पड़ सकता है। तभी वे योजना के दायरे में आ पाएंगे।
कर्मचारी संघ ने जताया आभार
कर्मचारी संघ ने इस फैसले का स्वागत किया है। प्रदेश प्रवक्ता पुरन दास ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल का आभार जताया है। उन्होंने इसे कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए ऐतिहासिक निर्णय बताया। संघ का कहना है कि लंबे समय से ऐसी सुरक्षा व्यवस्था की मांग की जा रही थी।
अन्य संविदा कर्मचारियों को भी सुविधा?
अब सवाल यह है कि क्या भविष्य में अन्य संविदा कर्मचारियों को भी इसी तरह की सुरक्षा मिलेगी? फिलहाल NHM कर्मचारियों के लिए यह फैसला बड़ी राहत बनकर सामने आया है।
हालांकि सरकार ने घोषणा से आदेश तक की दूरी तेजी से तय कर यह संदेश देने की कोशिश की है कि कर्मचारी हित उसकी प्राथमिकता में हैं।
- व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा – 140 लाख रुपए
- स्थायी पूर्ण विकलांगता – 140 लाख रुपए
- स्थायी आंशिक विकलांगता – 70 लाख रुपए
- हवाई दुर्घटना बीमा – 2 करोड़ रुपए
- बाल शिक्षा लाभ – 5 लाख रुपए प्रति बच्चा, अधिकतम 2 बच्चों हेतु 10 लाख रुपए तक
- ग्रुप टर्म इंश्योरेंस (सामान्य मृत्यु पर) – 6 लाख रुपए
- हेल्थ इंश्योरेंस प्लान – रियायती दरों पर
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