पहला टेंडर नहीं चढ़ा परवान, NRDA को फिर डेवलपर की तलाश

Rajesh Lahoti | Jul 07, 2026, 19:39 IST
NRDA टेंडर विवाद 2026
NRDA ने टाउन डेवलपमेंट स्कीम (TDS) लेयर-2 के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए दूसरी बार टेंडर जारी किया है। करीब 897 करोड़ की इस परियोजना में सरकार नकद भुगतान नहीं करेगी, बल्कि डेवलपर को डेवलपमेंट राइट्स और मिक्स्ड यूज लैंड के बिक्री अधिकार दिए जाएंगे।

नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण ने राजधानी के भविष्य को आकार देने वाली एक अहम परियोजना के लिए दूसरी बार टेंडर जारी किया है। यह सिर्फ एक सामान्य निर्माण कार्य का टेंडर नहीं, बल्कि ऐसा मॉडल है जिसमें सरकार नकद भुगतान के बजाय निजी डेवलपर को डेवलपमेंट राइट्स और मिक्स्ड यूज लैंड के सेलिंग राइट्स देकर पूरे इलाके का इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित कराना चाहती है।



खास बात यह है कि यह टेंडर सेकंड कॉल के रूप में जारी किया गया है, क्योंकि पहली बार जारी टेंडर विवादों से घिर गया था। हालांकि प्राधिकरण ने इसका कारण तकनीकी बताया है। वहीं, पहले टेंडर में एल-1 आई कंपनी सिंपलेक्स टेंडर निरस्त होने पर हाई कोर्ट पहुंच गई है।



प्राधिकरण ने नवा रायपुर के टाउन डेवलपमेंट स्कीम (TDS) लेयर-2 के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए डेवलपर से प्रस्ताव मांगे हैं। परियोजना का उद्देश्य आधुनिक सड़कें, जल निकासी, पेयजल, बिजली, हरित क्षेत्र और अन्य बुनियादी सुविधाएं विकसित करना है, ताकि नवा रायपुर के अगले चरण का विस्तार तेज गति से हो सके।



डेवलपर को बिक्री का अधिकार

इस परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि सरकार सीधे निर्माण का भुगतान नहीं करेगी। इसके बदले डेवलपर को तय शर्तों के अनुसार डेवलपमेंट राइट्स और मिक्स्ड यूज लैंड के विकास व बिक्री का अधिकार मिलेगा।



सरकार का मानना है कि इससे सार्वजनिक धन पर दबाव कम होगा और निजी निवेश के जरिए तेजी से विकास हो सकेगा। हालांकि इसी मॉडल को लेकर कई सवाल भी उठ रहे हैं।



कितनी जमीन, कितना फायदा

हालांकि टेंडर की अनुमानित लागत करीब 897 करोड़ के करीब है, लेकिन प्राधिकरण डेवलपर को ये पैसा नहीं देगा, बल्कि 1100 एकड़ जमीन डेवलप कराने के बदले में डेवलपर को 200 एकड़ या इससे कम जमीन जो कि टेंडर आएगी, वह देगा।



डेवलपर अपने हिस्से में आई हुई जमीन बेच सकेगा। शहरी विकास के जानकारों का मानना है कि यदि इस तरह की परियोजनाओं में पारदर्शिता नहीं रखी गई तो भविष्य में भूमि मूल्यांकन और राजस्व को लेकर विवाद की स्थिति भी बन सकती है।



शर्तों का उल्लंघन हुआ

इस पूरे मामले में नया रायपुर विकास प्राधिकरण के सीईओ चंदन कुमार का कहना है कि पहला टेंडर तकनीकी कारणों से निरस्त किया गया था। टेंडर की टेक्निकल और फाइनेंसियल स्टेज एक साथ खुल गई थी, जिसके कारण शर्तों का उल्लंघन हुआ था, इसलिए दोबारा टेंडर जारी किया गया है।



FAQ

  1. नवा रायपुर विकास प्राधिकरण (NRDA) क्या है?
    नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRDA) छत्तीसगढ़ सरकार की एक वैधानिक संस्था है, जो नवा रायपुर अटल नगर की योजना, विकास, आधारभूत ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) के निर्माण और शहरी प्रबंधन का कार्य करती है। इसका उद्देश्य नवा रायपुर को आधुनिक, सुव्यवस्थित और टिकाऊ (सस्टेनेबल) स्मार्ट राजधानी शहर के रूप में विकसित करना है।
  2. नवा रायपुर TDS लेयर-2 परियोजना क्या है?
    यह नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRDA) की इंफ्रास्ट्रक्चर विकास परियोजना है, जिसके तहत सड़क, पेयजल, ड्रेनेज, बिजली, हरित क्षेत्र और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विकास किया जाएगा।


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