शिवा बुक ऑनलाइन गैंबलिंग पर बड़ी कार्रवाई : मास्टरमाइंड तरुण वर्मा गिरफ्तार
समझें क्या है पूरा मामला
Khairagarh : छत्तीसगढ़ में ऑनलाइन गैंबलिंग और सट्टेबाजी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। छुईखदान पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे तरुण वर्मा को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ऑनलाइन सट्टा प्लेटफॉर्म शिवा बुक के संचालन से जुड़ा था। वह रायपुर जिले के तिल्दा का रहने वाला है।
पुलिस की जांच में ऑनलाइन सट्टे के इस नेटवर्क से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आए हैं। इससे पहले मामले में राहुल देवांगन सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सभी आरोपियों के नेटवर्क और पैसों के लेनदेन की जांच की जा रही है।
राहुल देवांगन से पूछताछ में मिला तरुण का सुराग
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी राहुल देवांगन से पूछताछ के दौरान तरुण वर्मा की भूमिका सामने आई। जांच में दावा किया गया कि राहुल वर्ष 2021 से मुंबई की पलावा सिटी स्थित एक फ्लैट से ऑनलाइन गैंबलिंग पैनल चला रहा था।
करीब छह महीने पहले वह छत्तीसगढ़ लौट आया। इसके बाद उसने 'शिवा बुक' और जयराम बुक' नाम से चलने वाले ऑनलाइन सट्टा प्लेटफॉर्म से जुड़े पैनल का संचालन शुरू किया।
पुलिस जांच में सामने आया कि छत्तीसगढ़ में सट्टा पैनल चलाने के लिए राहुल ने तिल्दा निवासी तरुण वर्मा से 'शिवा बुक' का पैनल लिया था। पुलिस का दावा है कि इसके बदले तरुण को कारोबार से 10 प्रतिशत कमीशन मिलता था।
UPI खातों से मिला आठ से 10 लाख रुपए कमीशन
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने विभिन्न UPI खातों के जरिए कमीशन की रकम मिलने की बात स्वीकार की है। जांच एजेंसी के मुताबिक, अब तक करीब आठ से 10 लाख रुपए कमीशन के रूप में मिलने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस अब उन UPI खातों और बैंक खातों की भी जांच कर रही है, जिनका इस्तेमाल पैसों के लेनदेन में होने की आशंका है। डिजिटल ट्रांजैक्शन के आधार पर नेटवर्क से जुड़े दूसरे लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
सट्टे में इस्तेमाल मोबाइल नष्ट करने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तारी से बचने और सबूत मिटाने के लिए आरोपी ने ऑनलाइन सट्टेबाजी में इस्तेमाल किया गया एक मोबाइल फोन नष्ट कर दिया था। हालांकि, उसके पास से मिला एचपी कंपनी का लैपटॉप जांच में महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य बना है। पुलिस का दावा है कि लैपटॉप की जांच में ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी से जुड़े कई अहम डिजिटल प्रमाण मिले हैं। इनकी तकनीकी जांच कराई जा रही है।
मोबाइल, लैपटॉप और बैंकिंग दस्तावेज जब्त
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से दो मोबाइल फोन और एक लैपटॉप जब्त किया है। इसके अलावा भारतीय स्टेट बैंक की पासबुक, क्रेडिट कार्ड और एटीएम कार्ड भी बरामद किए गए हैं। इंडसइंड बैंक का एक एटीएम कार्ड भी जब्त किया गया है।
पुलिस अब जब्त इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और बैंकिंग दस्तावेजों के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ऑनलाइन सट्टे का कारोबार किन शहरों तक फैला था और इससे कितने लोग जुड़े हुए थे।
पहले चार आरोपियों की हो चुकी है गिरफ्तारी
इस मामले में पुलिस पहले ही चार आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है। तरुण वर्मा की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क से जुड़े दूसरे लोगों और आर्थिक लेनदेन की जानकारी मिलने की उम्मीद है।
आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के साथ आईटी एक्ट और छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। मामले में आगे की जांच जारी है।
FAQ
- तरुण वर्मा को क्यों गिरफ्तार किया गया?
पुलिस के अनुसार वह ऑनलाइन सट्टा प्लेटफॉर्म शिवा बुक के पैनल संचालन से जुड़ा था और कमीशन लेता था। - जांच में क्या अहम जानकारी मिली?
UPI खातों के जरिए 8–10 लाख रुपए कमीशन मिलने, लैपटॉप से डिजिटल सबूत और बैंकिंग लेनदेन के सुराग मिले हैं। - इस मामले में अब तक कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?
तरुण वर्मा सहित अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
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