पद्मश्री फूलबासन बाई के अपहरण की साजिश नाकाम; पुलिस ने फिल्मी स्टाइल में कार रोककर छुड़ाया

Umeshwari Baghel | May 05, 2026, 17:13 IST
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पद्मश्री फूलबासन बाई यादव के अपहरण का प्रयास नाकाम हो गया। पुलिस ने बेमेतरा से आई महिला और उसके दो साथियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने फूलबासन को घर से बाहर बुलाकर कार में बैठा लिया था।

NEWS IN SHORT

  • राजनांदगांव में पद्मश्री फूलबासन बाई यादव के अपहरण का प्रयास
  • पुलिस की सजगता से अपहरण की साजिश हुई नाकाम
  • बेमेतरा की महिला और उसके साथियों ने फूलबासन को किया अगवा
  • पुलिस चेकपोस्ट पर आरोपियों की गिरफ्तारी, फिरौती की योजना असफल
  • महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ी, अवैध वसूली का भी खुलासा

NEWS IN DETAIL

Rajnandgaon। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में पद्मश्री पुरस्कार प्राप्त सामाजिक कार्यकर्ता फूलबासन बाई यादव का अपहरण करने का एक प्रयास किया गया।हालांकि, पुलिस की सजगता से यह प्रयास पूरी तरह विफल हो गया। पुलिस ने इस मामले में दो महिलाओं सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।



पूरा मामला

आज मंगलवार सुबह लगभग 10 बजे बेमेतरा जिले से आई एक महिला खुशबू साहू और उसके दो साथियों ने फूलबासन बाई यादव को घर से बाहर बुलाया। इन आरोपियों ने फूलबासन से कुछ जरूरी चर्चा करने के बहाने उसे कार में बैठा लिया। जैसे ही फूलबासन कार में बैठी, आरोपियों ने दरवाजा बंद कर दिया और गाड़ी को आगे बढ़ा दिया।



रास्ते में पुलिस ने पकड़ा

जब आरोपी कार लेकर खैरागढ़ मार्ग की ओर बढ़ रहे थे, तो चिखली पुलिस चौकी पर तैनात पुलिस टीम ने रूटीन चेकअप के दौरान गाड़ी को रुकवाया। पुलिस ने देखा कि फूलबासन के हाथ और मुंह बंधे हुए थे जिससे पुलिस को शक हुआ।



आरोपित महिला ने मिर्गी मरीज होने का बहाना बनाकर पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस टीम के एक सदस्य ने फूलबासन को पहचान लिया। इसके बाद फूलबासन को चिखली पुलिस चौकी में बैठाया गया और संदेहियों को सुकुल दैहान पुलिस को सौंप दिया गया।



महिला का स्वयं सहायता समूह से जुड़ाव

पूछताछ के दौरान यह सामने आया कि खुशबू साहू नाम की महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हुई है और पिछले चार-पांच महीनों से फूलबासन के संपर्क में थी। यह महिला बेमेतरा क्षेत्र में समूहों को रोजगार प्रशिक्षण देने के नाम पर काम करती थी। पुलिस को यह जानकारी भी मिली कि प्रशिक्षण के नाम पर अवैध वसूली की जाती थी।



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अपहरण के कारणों की जांच जारी

पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। फूलबासन का अपहरण क्यों किया गया और आरोपियों की क्या मंशा थी, इस बारे में पूरी जानकारी जांच के बाद सामने आएगी। पुलिस अधिकारियों ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है।



निष्कर्ष

इस घटना ने पुलिस की तत्परता और चेकपोस्ट की महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर किया है, जिससे एक बड़ा अपराध समय रहते टल गया। फूलबासन का अपहरण करने की कोशिश करने वाले आरोपी अब सलाखों के पीछे हैं।



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