छत्तीसगढ़ में विदेश जाने की बढ़ी चाहत, पासपोर्ट का रिकॉर्ड टूटा
समझें क्या है पूरा मामला
छत्तीसगढ़ अब तेजी से वैश्विक पहचान की ओर बढ़ रहा है। राज्य में विदेश जाने वालों की संख्या में भारी रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। पिछले 25 सालों में पासपोर्ट के आवेदन 152 गुना तक बढ़ गए हैं। उच्च शिक्षा और रोजगार के लिए युवा तेजी से बाहर जा रहे हैं। स्थानीय स्तर पर सुविधाएं बढ़ने से यह प्रक्रिया अब बेहद आसान हो गई है।
छत्तीसगढ़ के लोग अब दुनिया भर में अपनी पहचान बना रहे हैं। पढ़ाई, नौकरी, इलाज और कारोबार के लिए विदेश जाने का चलन बढ़ा है। इस वजह से राज्य में पासपोर्ट बनवाने वालों की संख्या बढ़ गई है। रायपुर में क्षेत्रीय कार्यालय खुलने के बाद से बड़ा बदलाव आया है।
25 साल में 152 गुना की बड़ी छलांग
राज्य में पासपोर्ट आवेदनों के आंकड़ों ने सबको चौंका दिया है। साल 2007 में पूरे प्रदेश से सिर्फ 375 आवेदन मिले थे। साल 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 56 हजार 991 तक पहुंच गया। यह दिखाता है कि लोगों की सोच और जरूरतें कितनी बदली हैं। कोरोना महामारी के संकट के समय भी काम नहीं रुका। उस विपरीत परिस्थिति में भी करीब 27 हजार पासपोर्ट जारी किए गए थे।
युवाओं में विदेश जाने की सबसे ज्यादा होड़
पासपोर्ट के लिए आवेदन करने वालों में सबसे बड़ी संख्या युवाओं की है। युवा वर्ग उच्च शिक्षा के लिए बाहर जाना चाहता है। कई लोग विदेश में अपना शानदार करियर बनाना चाहते हैं। पहले छत्तीसगढ़ के लोगों को बहुत परेशानी उठानी पड़ती थी। उन्हें पासपोर्ट के काम के लिए भोपाल (Bhopal) जाना पड़ता था। इससे लोगों का समय और पैसा दोनों बहुत बर्बाद होता था। अब रायपुर में ही मुख्य कार्यालय खुल चुका है। दूसरे शहरों में भी सेवा केंद्र शुरू हो चुके हैं। इस वजह से पूरी प्रक्रिया बहुत सुलभ हो गई है।
जानिए किस शहर में कितने पासपोर्ट धारक
प्रदेश की राजधानी रायपुर इस मामले में सबसे आगे चल रही है। रायपुर में अकेले 23 हजार लोग पासपोर्ट धारक हैं। इसके बाद दुर्ग और भिलाई का नंबर आता है। दुर्ग-भिलाई में नौ हजार लोगों के पास पासपोर्ट हैं। न्यायधानी बिलासपुर में सात हजार पासपोर्ट धारक हैं। राजनांदगांव में यह संख्या चार हजार तक पहुंच गई है। बस्तर और सरगुजा संभाग में भी तीन हजार लोग पासपोर्ट धारक हैं। अन्य जिलों को मिलाकर करीब 11 हजार लोग इस सूची में शामिल हैं।
विशिष्ट लोगों के लिए डिप्लोमैटिक पासपोर्ट
प्रदेश में खास लोगों के लिए भी पासपोर्ट जारी किए जाते हैं। पिछले 19 वर्षों में राज्य से 26 डिप्लोमैटिक (Diplomatic) पासपोर्ट जारी हुए हैं। यह पासपोर्ट राज्यपाल, मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष को मिलते हैं। मुख्य न्यायाधीश और मुख्य सचिव को भी यह जारी किए जाते हैं। विदेश मंत्रालय (MEA – Ministry of External Affairs) के नियमों के तहत यह मैरून रंग का होता है। इन धारकों को विदेश यात्रा के दौरान विशेष प्रोटोकॉल मिलता है। इन्हें कई तरह की औपचारिकताओं से राहत भी मिलती है। पिछले पांच सालों में 11 ऐसे पासपोर्ट जारी किए गए हैं।
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