भारतीय पासपोर्ट रैंकिंग 2026 फिसली, टॉप 100 से अब भी बाहर
Anjali Dwivedi | Jul 05, 2026, 12:52 IST
भारतीय पासपोर्ट रैंकिंग 2026
ग्लोबल सिटीजन सॉल्यूशंस (GCS) के पासपोर्ट इंडेक्स 2026 में भारत 197 देशों में 125वें स्थान पर है। पांच साल में सबसे बेहतर स्कोर के बावजूद भारत पिछले साल से एक पायदान नीचे खिसककर टॉप-100 से बाहर है।
भारत का पासपोर्ट ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स 2026 में 125वें स्थान पर है। यह रैंकिंग पिछले साल से एक पायदान नीचे खिसकी है। कुल 197 देशों की इस लिस्ट में भारत टॉप 100 से अब भी बाहर है। भारत का स्कोर बीते पांच साल में सबसे अच्छा रहा है। इसके बावजूद रैंक में मामूली गिरावट देखी गई है।
रेजिडेंसी और सिटीजनशिप एडवाइजरी फर्म ग्लोबल सिटीजन सॉल्यूशंस (GCS) ने यह रिपोर्ट जारी की है। यह इंडेक्स का पांचवां संस्करण है। रिपोर्ट में पासपोर्ट की ताकत को कई तरीकों से मापा गया है।
ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स (GPI) सिर्फ वीजा-फ्री यात्रा तक सीमित नहीं है। इसमें मोबिलिटी, निवेश की संभावनाएं और जीवन स्तर की गुणवत्ता भी शामिल होती है। यही वजह है कि इसका नतीजा हेनले पासपोर्ट इंडेक्स से अलग आता है। हेनले इंडेक्स मुख्य रूप से वीजा-फ्री और वीजा-ऑन-अराइवल पहुंच पर आधारित है।
भारत का कुल स्कोर इस बार 45.1 अंक तक पहुंचा है। यह पिछले पांच साल का सबसे अच्छा स्कोर है। फिर भी रैंकिंग में एक स्थान की गिरावट आई है। भारतीय पासपोर्ट धारकों को फिलहाल 26 देशों में वीजा-फ्री या वीजा-ऑन-अराइवल सुविधा मिलती है।
भारत ने लंबी अवधि में कुछ सुधार भी दिखाया है। साल 2021 में भारत 127वें स्थान पर था। अब 2026 में यह रैंक सुधरकर 125 हो गई है। यानी पांच साल में भारत ने दो पायदान की बढ़त बनाई है।
![भारतीय पासपोर्ट रैंकिंग 2026 में और फिसली]()
इस रिपोर्ट में एक अलग श्रेणी भी शामिल है, जिसे एनहांस्ड मोबिलिटी इंडेक्स कहा जाता है। इसमें भारत 136वें स्थान पर है। यह श्रेणी यात्रा की आजादी के साथ-साथ मंजिल देशों की गुणवत्ता को भी मापती है। पूरे इंडेक्स में इस श्रेणी का सबसे ज्यादा वेटेज होता है।
हेनले पासपोर्ट इंडेक्स में भारत की स्थिति ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स से बेहतर बताई जाती है। रिपोर्ट के अनुसार हेनले रैंकिंग में भारत करीब 80वें स्थान के आसपास है। दोनों इंडेक्स की गणना पद्धति अलग होने से यह अंतर आता है। इसी वजह से एक ही देश की रैंक अलग-अलग रिपोर्ट में अलग दिखती है।
इस साल स्वीडन ने टॉप पोजीशन हासिल की है। इसका स्कोर 96.05 अंक रहा। स्विट्जरलैंड दूसरे और फिनलैंड तीसरे स्थान पर है। जर्मनी, नीदरलैंड्स, डेनमार्क, आयरलैंड, ब्रिटेन और नॉर्वे भी टॉप 10 में शामिल हैं। सिंगापुर टॉप 10 में जगह बनाने वाला इकलौता गैर-यूरोपीय देश है।
रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि सबसे ताकतवर पासपोर्ट अधिकतर यूरोपीय देशों के ही हैं। टॉप 10 की लिस्ट में नौ देश यूरोप से हैं। सिर्फ सिंगापुर ही इस लिस्ट में अलग खड़ा नजर आता है। यह दिखाता है कि वैश्विक गतिशीलता में यूरोप अब भी सबसे आगे है।
पासपोर्ट रैंकिंग सीधे तौर पर विदेश यात्रा को प्रभावित करती है। कम रैंकिंग का मतलब है ज्यादा देशों के लिए पहले से वीजा लेना जरूरी होगा। इससे यात्रा की योजना बनाना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। बेहतर रैंकिंग से पर्यटन और व्यापार दोनों को फायदा मिलता है।
भारत का स्कोर लगातार सुधर रहा है, भले ही रैंक में उतार-चढ़ाव हो। आने वाले सालों में कूटनीतिक रिश्तों और आर्थिक स्थिति का असर रैंकिंग पर पड़ सकता है। अगर भारत और देशों के साथ यात्रा समझौते बढ़ाता है तो रैंक में सुधार संभव है। फिलहाल भारत को टॉप 100 में जगह बनाने के लिए अभी लंबा रास्ता तय करना है।
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रेजिडेंसी और सिटीजनशिप एडवाइजरी फर्म ग्लोबल सिटीजन सॉल्यूशंस (GCS) ने यह रिपोर्ट जारी की है। यह इंडेक्स का पांचवां संस्करण है। रिपोर्ट में पासपोर्ट की ताकत को कई तरीकों से मापा गया है।
किस पैमाने पर होती है रैंकिंग
भारत का स्कोर और स्थिति
भारत ने लंबी अवधि में कुछ सुधार भी दिखाया है। साल 2021 में भारत 127वें स्थान पर था। अब 2026 में यह रैंक सुधरकर 125 हो गई है। यानी पांच साल में भारत ने दो पायदान की बढ़त बनाई है।
भारतीय पासपोर्ट रैंकिंग 2026 में और फिसली
एनहांस्ड मोबिलिटी में स्थिति
हेनले इंडेक्स से तुलना
टॉप 10 में कौन-कौन से देश
रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि सबसे ताकतवर पासपोर्ट अधिकतर यूरोपीय देशों के ही हैं। टॉप 10 की लिस्ट में नौ देश यूरोप से हैं। सिर्फ सिंगापुर ही इस लिस्ट में अलग खड़ा नजर आता है। यह दिखाता है कि वैश्विक गतिशीलता में यूरोप अब भी सबसे आगे है।
आम भारतीय यात्री के लिए क्या मायने
आगे क्या उम्मीद की जा सकती है
FAQ
- भारत का पासपोर्ट 2026 में किस रैंक पर है?
ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स 2026 में भारत 197 देशों में 125वें स्थान पर है। यह पिछले साल से एक पायदान नीचे है। भारत अब भी टॉप 100 से बाहर है। - टॉप 10 में कौन से देश शामिल हैं?
स्वीडन पहले, स्विट्जरलैंड दूसरे और फिनलैंड तीसरे स्थान पर है। जर्मनी, नीदरलैंड्स, डेनमार्क, आयरलैंड, ब्रिटेन और नॉर्वे भी शामिल हैं। सिंगापुर टॉप 10 में इकलौता गैर-यूरोपीय देश है। - भारत का पासपोर्ट स्कोर बेहतर हुआ या रैंक?
भारत का स्कोर बीते पांच साल में सबसे अच्छा 45.1 अंक रहा है। इसके बावजूद रैंक एक पायदान नीचे खिसकी है। लंबी अवधि में हालांकि भारत ने रैंक में मामूली सुधार किया है।
न पासपोर्ट, न आधार, न वोटर ID, तो फिर कौन सा डॉक्युमेंट बताएगा भारतीय नागरिकता
पासपोर्ट रैंकिंग में भारत 85वें नंबर पर, न्याय यात्रा से अखिलेश दूर
एमपी में बढ़ा विदेश जाने का क्रेज: पासपोर्ट आवेदनों में बड़े शहरों से आगे छोटे जिले
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