न पासपोर्ट, न आधार, न वोटर ID, तो फिर कौन सा डॉक्युमेंट बताएगा भारतीय नागरिकता

Amresh Kushwaha | Jun 25, 2026, 15:39 IST
Share
कौन सा डॉक्युमेंट बताएगा भारतीय नागरिकता
कौन सा डॉक्युमेंट बताएगा भारतीय नागरिकता

विदेश मंत्रालय ने 14वें पासपोर्ट सेवा दिवस पर साफ किया कि भारतीय पासपोर्ट यात्रा दस्तावेज है। नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं है। SIR में मतदाता सूची से हटाए जाने को पासपोर्ट से चुनौती नहीं दी जा सकती।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारतीय पासपोर्ट एक यात्रा डॉक्युमेंट है, नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं।
  • यह बयान 14वें पासपोर्ट सेवा दिवस पर एक सवाल के जवाब में दिया गया है।
  • SIR के दौरान मतदाता सूची से बाहर किए जाने को पासपोर्ट से चुनौती नहीं दी जा सकती।
  • आधार, वोटर आईडी, पैन कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र में से कोई भी अकेले नागरिकता का पक्का सबूत नहीं।
  • भारत में नागरिकता का निर्धारण नागरिकता अधिनियम 1955 के तहत होता है।

बड़ा सवाल जिसने बहस छेड़ दी

भारत में लाखों लोग पासपोर्ट को अपनी नागरिकता का सबसे पक्का सबूत मानते आए हैं। वहीं, 14वें पासपोर्ट सेवा दिवस पर विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के बयान ने इस धारणा को हिला दिया है। अधिकारी ने साफ कहा कि पासपोर्ट एक ट्रैवल डॉक्यूमेंट है, नागरिकता का अंतिम कानूनी प्रमाण नहीं।

यह बयान ऐसे समय आया जब पासपोर्ट को कई प्रशासनिक और नागरिकता से जुड़े संदर्भों में इस्तेमाल किए जाने को लेकर चर्चा बढ़ी हुई थी। खास बात यह है कि यह सवाल SIR के संदर्भ में पूछा गया था। जिन लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए उन्होंने जानना चाहा कि क्या वे पासपोर्ट दिखाकर इसे चुनौती दे सकते हैं।

MEA ने क्या कहा

विदेश मंत्रालय (MEA - Ministry of External Affairs) के अनुसार पासपोर्ट मुख्य रूप से एक ट्रैवल डॉक्यूमेंट है। इसे विदेश यात्रा, कांसुलर सेवाओं और विदेश में पहचान के लिए जारी किया जाता है। इसका उद्देश्य नागरिकों को अंतरराष्ट्रीय यात्रा की सुविधा प्रदान करना है, न कि नागरिकता का अंतिम कानूनी प्रमाण देना।

तो नागरिकता साबित कौन करता है

नागरिकता अधिनियम, 1955 के तहत जारी नागरिकता प्रमाण-पत्र ऐसा दस्तावेज है जो सीधे तौर पर नागरिकता को प्रमाणित करता है। हालांकि यह केवल उन लोगों को जारी किया जाता है जिन्होंने पंजीकरण या प्राकृतिककरण के माध्यम से भारतीय नागरिकता प्राप्त की हो। जन्म से भारतीय नागरिक बने अधिकांश लोगों को यह प्रमाण-पत्र नहीं मिलता।

फरवरी 2020 में गृह मंत्रालय (MHA - Ministry of Home Affairs) ने संसद में स्पष्ट किया था कि आधार कार्ड, पासपोर्ट, वोटर आईडी, पैन कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र - इनमें से किसी भी दस्तावेज को अकेले नागरिकता का पक्का और अंतिम प्रमाण नहीं माना जा सकता।

जन्म तिथि के आधार पर अलग नियम

26 जनवरी 1950 से 01 जुलाई 1987 के बीच भारत में जन्म लेने वाले लोग जन्म से नागरिक माने जाते हैं। वहीं, 01 जुलाई 1987 से 3 दिसंबर 2004 के बीच जन्मे व्यक्ति के लिए कम से कम एक माता या पिता का भारतीय नागरिक होना जरूरी है। वहीं 03 दिसंबर 2004 के बाद जन्मे लोगों के लिए दोनों माता-पिता का भारतीय नागरिक होना या एक माता-पिता का नागरिक होना और दूसरा अवैध प्रवासी न होना जरूरी है।

पासपोर्ट रद्द भी हो सकता है

यदि बाद में यह पता चलता है कि किसी व्यक्ति ने गलत जानकारी, झूठे दस्तावेज या फर्जी पहचान के आधार पर पासपोर्ट हासिल किया था, तो उसका पासपोर्ट रद्द या जब्त किया जा सकता है। इसलिए पासपोर्ट नागरिकता का मजबूत संकेत तो है, लेकिन अंतिम कानूनी प्रमाण नहीं। यही वजह है कि सरकार इसे नागरिकता का निर्णायक दस्तावेज नहीं मानती।

पासपोर्ट सेवाओं का विस्तार

अधिकारी ने बताया कि 2025 में एक करोड़ 50 लाख पासपोर्ट और उससे जुड़ी सेवाएं दी गईं। इनमें से अकेले पासपोर्ट की संख्या एक करोड़ 39 हजार थी। वीजा-फ्री एंट्री वाले देशों की संख्या 2019 में 16 थी जो अब 27 हो गई है। 47 देशों में वीजा ऑन अराइवल और 66 देश इलेक्ट्रॉनिक वीजा देते हैं।

भारत अब तक 25 देशों के साथ 27 मोबिलिटी एग्रीमेंट कर चुका है जिनमें यूरोपीय संघ, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और कई खाड़ी देश शामिल हैं। देशभर में 545 पासपोर्ट सेवा केंद्र संचालित हो रहे हैं और 2027 तक हर लोकसभा क्षेत्र में कम से कम एक केंद्र का लक्ष्य है।

यह खबर क्यों जरूरी है

यह खबर हर भारतीय नागरिक से सीधे जुड़ी है। SIR के दौरान लाखों लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। ऐसे में जब पासपोर्ट को भी नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं माना जाता तो सवाल उठता है कि आम नागरिक अपनी नागरिकता कैसे साबित करे। भारतीय संविधान का अनुच्छेद 326 हर नागरिक को मताधिकार देता है। वहीं, यदि नागरिकता साबित करने का कोई एक सार्वभौमिक दस्तावेज ही नहीं है तो यह अधिकार खतरे में पड़ सकता है। डिजिटल और सामाजिक नैतिकता के नजरिए से यह जानकारी हर नागरिक तक पहुंचना जरूरी है ताकि वे सही दस्तावेज संभालकर रखें और भविष्य में किसी परेशानी से बचें।

ये खबरें भी पढ़िए...

सरकार ने कहा- पासपोर्ट भी नहीं है नागरिकता का सबूत, उठने लगे सवाल

ग्वालियर में हजारों लोगों के पासपोर्ट हुए बेकार, विदेश यात्रा पर ब्रेक, एक लापरवाही पड़ी भारी

रोहित गोदारा सहित 10 गैंगस्टरों के पासपोर्ट रद्द करेगी पुलिस, विदेश मंत्रालय को भेजी सूची

ट्विशा शर्मा मर्डर केस: फरार पति समर्थ सिंह का पासपोर्ट होगा जब्त, लुकआउट सर्कुलर जारी

Tags:
  • आधार कार्ड
  • गृह मंत्रालय
  • विदेश मंत्रालय
  • वोटर आईडी
  • पासपोर्ट
  • भारतीय नागरिक
  • नागरिकता अधिनियम
  • भारतीय नागरिकता
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा