सरकार ने कहा- पासपोर्ट भी नहीं है नागरिकता का सबूत, उठने लगे सवाल

Kaushiki | Jun 25, 2026, 14:45 IST
Share
Indian Passport Law
Indian Passport Law

विदेश मंत्रालय के अनुसार भारतीय पासपोर्ट केवल एक यात्रा दस्तावेज है, नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं। इस बयान के बाद देश में बहस छिड़ गई है कि अगर पासपोर्ट और वोटर आईडी भी नागरिकता का पक्का सबूत नहीं हैं, तो आखिर कौन सा कागज काम आएगा।

समझें क्या है पूरा मामला

  • विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारतीय पासपोर्ट सिर्फ एक ट्रैवल डॉक्यूमेंट है।
  • इसे देश की नागरिकता का अंतिम और पक्का सर्टिफिकेट नहीं मान सकते।
  • कोर्ट के पुराने फैसलों में भी पासपोर्ट को आखिरी सबूत नहीं माना गया।
  • इस बयान के बाद देश के बड़े नेताओं और मशहूर लोगों ने सवाल उठाए।
  • अब लोग पूछ रहे हैं कि नागरिकता साबित करने का असली कागज कौन सा है।

पासपोर्ट को लेकर अचानक क्यों शुरू हुआ विवाद

Indian Passport Law: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक नई बहस छिड़ गई है। हर तरफ ये चर्चा हो रही है कि क्या हमारा पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण है? विदेश मंत्रालय के एक बड़े अधिकारी के बयान ने सबको चौंका दिया है।

विदेश मंत्रालय ने साफ कहा है कि पासपोर्ट सिर्फ एक ट्रैवल डॉक्यूमेंट है, यानी यात्रा के लिए इस्तेमाल होने वाला दस्तावेज, इसे नागरिकता का पक्का सबूत नहीं माना जा सकता। इसी बयान के साथ मंत्रालय ने पासपोर्ट सेवाओं से जुड़े कई आंकड़े भी साझा किए। इस मुद्दे पर मशहूर वकील और नेता कपिल सिब्बल और लेखक जावेद अख्तर ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

इस खबर के सामने आते ही लोगों के मन में कई सवाल उठने लगे हैं। द हिन्दू की रिपोर्ट में इस मामले का पूरा जिक्र किया गया है। विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने यह बात वोटर लिस्ट से जुड़े एक सवाल के जवाब में कही थी।

नेताओं और हस्तियों ने उठाए गंभीर सवाल

फिल्मकार जावेद अख्तर

इस नए बयान के सामने आते ही मशहूर फिल्मकार जावेद अख्तर ने अपनी राय रखी। उन्होंने एक्स पर लिखा कि यह तर्क बहुत ही अजीब लगता है। क्या सरकार बिना पूरी जांच किए किसी को भी पासपोर्ट जारी कर रही है?

कपिल सिब्बल

देश के पूर्व कानून मंत्री और सीनियर वकील कपिल सिब्बल ने भी इस पर ट्वीट किया। उन्होंने पूछा कि अगर पासपोर्ट पक्का सबूत नहीं तो फिर असली दस्तावेज कौन सा है? क्या कोई भी अधिकारी हमारी नागरिकता पर सवाल उठा सकता है?

शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे

शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे ने भी सरकार से कुछ बुनियादी सवाल पूछे हैं। उन्होंने पूछा कि पासपोर्ट जारी करने से पहले पुलिस आखिर क्या वेरीफाई करती है? क्या दूसरे देशों को अब हमारे पासपोर्ट पर संदेह नहीं होगा?

क्या कहता है भारत का पासपोर्ट कानून

इस पूरे मामले पर पूर्व विदेश सचिव निरूपमा मेनन राव ने स्थिति साफ की। उन्होंने बताया कि कानूनी तौर पर विदेश मंत्रालय की बात बिल्कुल सही है। भारत में पासपोर्ट और नागरिकता के लिए दो अलग-अलग कानून बने हुए हैं।

हमारा पासपोर्ट, पासपोर्ट एक्ट 1967 के तहत जारी किया जाता है। दूसरी तरफ हमारी नागरिकता, सिटीजनशिप एक्ट 1955 के तहत तय होती है। इसलिए एक कानून दस्तावेज को संभालता है और दूसरा आपकी कानूनी स्थिति को तय करता है।

निरूपमा राव ने कहा कि आम लोगों की समझ और कानून में अंतर होता है। ज्यादातर भारतीयों के लिए पासपोर्ट सबसे बड़ा और भरोसेमंद सरकारी कागज होता है। दुनिया भर में इस दस्तावेज को बहुत ही सम्मान के साथ स्वीकार किया जाता है।

कोर्ट के पुराने फैसले भी दे रहे हैं गवाही

यह पहली बार नहीं है जब पासपोर्ट को लेकर ऐसा फैसला आया हो। बता दे कि, साल 2013 में बॉम्बे हाई कोर्ट ने भी एक ऐसा ही अहम फैसला सुनाया था। कोर्ट ने कहा था कि पासपोर्ट नागरिकता का आखिरी सबूत नहीं हो सकता।

उस मामले में कुछ आरोपियों ने खुद को भारतीय साबित करने के डॉक्यूमेंट दिए थे। उन्होंने कोर्ट के सामने अपना जन्म प्रमाणपत्र, पासपोर्ट और आधार कार्ड पेश किया था। लेकिन अदालत ने उन्हें नागरिक मानने से पूरी तरह इनकार कर दिया था।

अदालत ने कहा था कि विशेषकर जिनका जन्म 1 जुलाई 1987 के बाद हुआ है, उनके लिए ये कागज काफी नहीं हैं। अगर किसी व्यक्ति पर अवैध प्रवासी होने का आरोप है, तो उसे अपनी नागरिकता अलग से साबित करनी होगी।

वोटर आईडी कार्ड की सच्चाई क्या है

पासपोर्ट (पासपोर्ट डिपार्टमेंट)के अलावा अब लोगों के मन में वोटर आईडी कार्ड को लेकर भी असमंजस है। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के सामने भी यह बड़ा मुद्दा आया था। चुनाव आयोग के पास ये पूरा अधिकार होता है कि वह वोटर लिस्ट की जांच करे।

वोटर आईडी कार्ड केवल यह दिखाता है कि आपका नाम मतदाता सूची में है। यह अपने आप में नागरिकता का कोई स्वतंत्र या अंतिम प्रमाण नहीं होता। हालांकि नियम के मुताबिक केवल भारतीय नागरिक ही वोट देने के हकदार होते हैं।

लेकिन स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान पुराने वोटर कार्ड को आखिरी सबूत नहीं माना गया। अगर किसी की नागरिकता पर विवाद हो, तो उसे नागरिकता कानून के तहत ही साक्ष्य देने होते हैं। इसी वजह से देश के नागरिकों में अब भ्रम की स्थिति बनी हुई है।

धोखाधड़ी के मामलों में रद्द हो सकता है पासपोर्ट

कानून के मुताबिक, अगर कोई गलत जानकारी देकर पासपोर्ट बनवा लेता है, तो सरकार के पास उसे रद्द करने का पूरा अधिकार होता है। अगर नागरिकता का दावा झूठा निकलता है, तो पासपोर्ट तुरंत जब्त कर लिया जाता है।

यही कारण है कि कानून की नजर में पासपोर्ट हर परिस्थिति में अंतिम सच नहीं होता। हालांकि इसका व्यावहारिक महत्व दुनिया भर में कभी भी कम नहीं होता है। सरकार पूरी जांच और पुलिस वेरिफिकेशन के बाद ही इसे जारी करती है।

अब सबसे बड़ा सवाल यही बचता है कि आखिर आम नागरिक अपनी नागरिकता कैसे साबित करे। अगर पासपोर्ट, आधार और वोटर आईडी भी अंतिम सबूत नहीं हैं, तो फिर कौन सा कागज काम आएगा। इस बात का स्पष्ट जवाब हर कोई जानना चाहता है।

FAQ

  1. विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट को लेकर क्या नया बयान दिया है?
    विदेश मंत्रालय के अनुसार भारतीय पासपोर्ट केवल एक ट्रैवल डॉक्यूमेंट है। यह विदेश यात्रा के दौरान आपकी राष्ट्रीयता तो बताता है, लेकिन इसे भारत की नागरिकता का अंतिम और निर्णायक प्रमाण नहीं माना जा सकता।
  2. क्या बॉम्बे हाई कोर्ट ने पासपोर्ट को नागरिकता का सबूत माना है?
    बॉम्बे हाई कोर्ट ने अपने एक पुराने फैसले में साफ कहा था कि जन्म प्रमाणपत्र, पासपोर्ट और आधार कार्ड किसी व्यक्ति की भारतीय नागरिकता साबित करने के लिए हमेशा पर्याप्त नहीं होते, खासकर अवैध प्रवासियों के मामलों में।
  3. अगर पासपोर्ट अंतिम प्रमाण नहीं है, तो नागरिकता किस कानून से तय होती है?
    भारत में नागरिकता से जुड़े सभी मामलों का निर्धारण सिटिज़नशिप एक्ट 1955 (Citizenship Act 1955) के तहत किया जाता है। पासपोर्ट केवल पासपोर्ट्स एक्ट 1967 के नियमों के अनुसार काम करता है।
ये खबरें भी पढ़ें...

भारतीय पासपोर्ट की बढ़ी ताकत, Indian Passport Ranking से 56 देशों में वीजा-फ्री एंट्री

Henley Passport Index 2026: भारत की रैंक सुधरी, पर कम हुए वीजा-फ्री देश

समझना जरूरी है: क्या है E-PASSPORT, जल्द शुरू होगी सेवा, TCS कर रही काम

Free Adhaar Email Update: फ्री में आधार में ईमेल आईडी करें अपडेट, ये है प्रोसेस

Tags:
  • विदेश मंत्रालय
  • भारत की नागरिकता
  • पासपोर्ट
  • नागरिकता
  • INDIAN PASSPORT
  • पासपोर्ट डिपार्टमेंट
  • भारतीय नागरिकता
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा