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अगर आप विदेश घूमने के शौकीन हैं, तो आपके लिए एक बहुत ही शानदार खबर आई है। साल 2026 भारतीय यात्रियों के लिए बहुत ही लकी साबित हो रहा है। Henley Passport Index 2026 की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय पासपोर्ट की ताकत अब काफी बढ़ गई है।
भारत ग्लोबल पासपोर्ट रैंकिंग में 5 पायदान ऊपर चढ़कर अब 75वें स्थान पर पहुंच गया है। इसका सीधा सा मतलब ये है कि अब दुनिया के कई देश भारतीयों का स्वागत करने के लिए तैयार हैं।
अब आपको कई देशों की यात्रा के लिए हफ्तों पहले वीजा के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। ये सुधार न केवल हमारे पर्यटन के लिए अच्छा है, बल्कि ग्लोबल लेवल पर भारत की बढ़ती साख को भी दर्शाता है।
आखिर कैसे तय होती है पासपोर्ट की ताकत
हेनले पासपोर्ट इंडेक्स दुनियाभर के लगभग दो सौ देशों के पासपोर्ट को रैंक करता है। यह इंडेक्स इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) के डेटा का इस्तेमाल करता है।
ये इस बेस पर रैंकिंग देता है कि किसी देश का नागरिक कितने देशों में बिना पहले से वीजा लिए जा सकता है। रैंकिंग जितनी ऊंची होगी, उस देश के नागरिकों को उतनी ही ज्यादा ट्रैवल फ्रीडम मिलती है।
भारतीय पासपोर्ट की रैंकिंग पिछले 10 साल में काफी ऊपर-नीचे होती रही है। लेकिन 2026 की ताजा रैंकिंग बताती है कि हम फिर से अपनी मजबूती की ओर लौट रहे हैं। 2025 में हम 85वें स्थान पर थे, जहां से अब हम 75वें पायदान पर आ गए हैं।
भारतीय पासपोर्ट का सफर
हेनले पासपोर्ट इंडेक्स में भारत का प्रदर्शन अपने पड़ोसी देशों के मुकाबले काफी बेहतर रहा है। जहां भारतीय पासपोर्ट 75वें नंबर पर है। वहीं पाकिस्तानी पासपोर्ट 97वें नंबर पर फिसल गया है। पाकिस्तान की स्थिति तो फिलिस्तीन (91), नॉर्थ कोरिया (94) और सोमालिया (96) जैसे देशों से भी खराब है।
2006 का गोल्डन दौर
भारतीय पासपोर्ट की रैंकिंग का इतिहास काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। आपको जानकर हैरानी होगी कि साल 2006 में भारत अपनी सबसे अच्छी पोजीशन यानी 71वें पायदान पर था।
इसके बाद कूटनीतिक कारणों से रैंकिंग गिरने लगी और पिछले साल (2025) हम 85वें स्थान पर खिसक गए थे। लेकिन 2026 की शुरुआत में सुधार हुआ और अब हम 80 से छलांग लगाकर 75वें स्थान पर आ चुके हैं।
नई रैंकिंग सुधरने का क्या है मतलब
जब रैंकिंग में सुधार होता है, तो इसका सीधा असर आपकी विदेश यात्रा पर पड़ता है। अब भारतीयों के लिए छुट्टियों, बिजनेस ट्रिप और पढ़ाई के लिए बाहर जाना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है।
एशिया, कैरेबियन, अफ्रीका और ओशिनिया के कई देशों ने भारतीयों के लिए वीजा नियम आसान कर दिए हैं। इसका मतलब है कि कम कागजी कार्रवाई और विदेश घूमने की ज्यादा आजादी।
दुनिया के सबसे पावरफुल पासपोर्ट
अगर हम ग्लोबल लेवल पर टॉप देशों की बात करें, तो सिंगापुर एक बार फिर दुनिया का सबसे शक्तिशाली पासपोर्ट बना हुआ है। सिंगापुर के नागरिक दुनिया के 192 देशों में बिना किसी पूर्व वीजा के यात्रा कर सकते हैं।
दूसरे स्थान पर: जापान और साउथ कोरिया हैं (187 देश)।
तीसरे स्थान पर: स्वीडन और UAE का कब्जा है (186 देश)।
चौथे स्थान पर: फ्रांस, जर्मनी और इटली जैसे 12 यूरोपीय देश शामिल हैं।
अमेरिका का स्थान: अमेरिका इस लिस्ट में 10वें स्थान के भीतर है, जहां से 179 देशों में फ्री एंट्री मिलती है।
56 देशों में भारतीयों को क्या सुविधा मिलेगी
भारतीय पासपोर्ट के 75वें स्थान पर आने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अब 56 देशों में हमें वीजा-फ्री या वीजा-ऑन-अराइवल की सुविधा मिलेगी। इनमें भूटान, नेपाल, थाईलैंड, मलेशिया, मालदीव और मॉरीशस जैसे खूबसूरत देश शामिल हैं।
इसका मतलब है कि आपको बस अपना टिकट बुक करना है। पासपोर्ट लेकर निकल जाना है। इन देशों में पहुंचने के बाद ही आपको वीजा की औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी या इसकी जरूरत ही नहीं पड़ेगी। ये सुविधा न केवल टूरिज्म को बढ़ावा देती है, बल्कि व्यापार और शिक्षा के लिए विदेश जाने वालों का काम भी आसान बनाती है।
मजबूत पासपोर्ट के बड़े फायदे
कम कागजी कार्रवाई (Less Paperwork)
मजबूत पासपोर्ट (INDIAN PASSPORT) होने पर आपको वीजा के लिए दूतावासों (Embassies) के चक्कर नहीं काटने पड़ते और न ही घंटों लंबे इंटरव्यू देने होते हैं। इससे आपका कीमती समय बचता है और आप बिना किसी मानसिक तनाव के अपनी विदेश यात्रा की तैयारी कर सकते हैं।
सस्ती यात्रा (Cost-Effective Travel)
वीजा फीस न लगने या वीजा-ऑन-अराइवल मिलने से आपके हजारों रुपए बच जाते हैं, जो वरना वीजा प्रोसेसिंग में खर्च होते। यह बचत आपके यात्रा बजट को कम करती है, जिससे आप विदेश में अधिक शॉपिंग या घूमने का लुत्फ उठा सकते हैं।
अचानक ट्रिप की आजादी (Spontaneous Travel)
अगर आपका पासपोर्ट पावरफुल (भारत की पासपोर्ट पावर रैंक) है, तो आप कभी भी लास्ट मिनट प्लान बनाकर विदेश जा सकते हैं। आपको हफ्तों पहले वीजा आने का इंतजार नहीं करना पड़ता, बस टिकट बुक कीजिए और अपने सपनों की डेस्टिनेशन के लिए निकल पड़िए।
भरोसे का प्रतीक (Symbol of Trust)
एक अच्छी रैंकिंग (ई-पासपोर्ट) यह दिखाती है कि दुनिया के दूसरे देश भारतीय नागरिकों को सुरक्षित और जिम्मेदार सैलानी मानते हैं। यह डिप्लोमेटिक विक्ट्री है, जो इंटरनेशनल लेवल पर भारत की मजबूत होती छवि और रिलायबिलिटी को बयां करता है।
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