216 करोड़ का पीडीएस घोटाला, रिपोर्ट में बड़े खुलासे

Rajesh Lahoti | Apr 13, 2026, 17:43 IST
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कांग्रेस शासनकाल में हुए छत्तीसगढ़ के PDS घोटाले में नया मोड़ आया है। पहले 600 करोड़ का दावा, फिर 216 करोड़ बताया गया। अब दो साल की जांच के बाद समिति की रिपोर्ट विधानसभा को सौंप दी गई है, जिसमें कई चौंकाने वाले खुलासों की बात सामने आई है।


छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) से जुड़ा बहुचर्चित घोटाला एक बार फिर सुर्खियों में है। कभी 600 करोड़ रुपये के कथित घोटाले के रूप में सामने आया यह मामला अब जांच रिपोर्ट के साथ नए मोड़ पर पहुंच गया है। इस विवाद की शुरुआत कांग्रेस शासनकाल घोटाला में हुई थी, जब पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने पीडीएस में 600 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाया था।



सरकार पर उठे सवाल

मामला राजनीतिक रूप से काफी गरमाया और सरकार पर सवाल उठने लगे। बाद में जब भाजपा सत्ता में आई, तो इस मुद्दे को विधायक धरमलाल कौशिक ने विधानसभा में फिर से उठाया। सरकार की ओर से जवाब देते हुए खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने दावा किया कि यह घोटाला 600 करोड़ का नहीं बल्कि 216 करोड़ रुपये का है। उन्होंने कहा कि तकनीकी त्रुटि के कारण आंकड़ा 600 करोड़ का सामने आया था।



जांच टीम का हुआ गठन

हालांकि, मामला यहीं नहीं थमा। विधानसभा में इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित की गई, जिसमें 3 भाजपा और 2 कांग्रेस के विधायकों को शामिल किया गया। समिति ने करीब दो वर्षों तक जांच की और इस दौरान 18 बैठकें आयोजित कीं। जांच के दौरान घोटाले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की गहराई से पड़ताल की गई।



रिपोर्ट में तथ्य सार्वजनिक नहीं

दस्तावेजों का परीक्षण हुआ और जिम्मेदार माने जा रहे अधिकारियों से पूछताछ भी की गई। अब इस विस्तृत जांच के बाद समिति ने अपनी रिपोर्ट विधानसभा को सौंप दी है। बताया जा रहा है कि रिपोर्ट में कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं जो अब तक सार्वजनिक नहीं थे और जो पूरे घोटाले की सच्चाई को उजागर कर सकते हैं।



यह रिपोर्ट अब आगामी मानसून सत्र में विधानसभा के पटल पर रखी जाएगी। ऐसे में सियासी हलकों में हलचल तेज हो गई है और सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि रिपोर्ट में किन-किन जिम्मेदारों के नाम सामने आते हैं और सरकार इस पर क्या कार्रवाई करती है।



रिपोर्ट सौंप दी है

समिति के प्रमुख पुन्नूलाल मोहले ने बताया कि समिति ने अपनी जांच पूरी कर ली है। जांच के दौरान जो भी तथ्य आए हैं, उसकी रिपोर्ट विधानसभा को सौंप दी है। अगले सत्र में इसे पटल पर रखा जाएगा।




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