छत्तीसगढ़ में पेंशन संकट : 19 लाख लोगों के सामने जीवनयापन का संकट
NEWS IN SHORT
- छत्तीसगढ़ में 6 महीने से रुकी सामाजिक सुरक्षा पेंशन।
- पेंशन न मिलने से 19 लाख हितग्राही बेहद परेशान।
- करीब 570 करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान अटका।
- केंद्र से राशि मिलने में देरी के कारण संकट बढ़ा।
- मंत्री के अनुसार तकनीकी और KYC कारण भी जिम्मेदार हैं।
NEWS IN DETAIL
छत्तीसगढ़ में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं को लेकर एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है। प्रदेश के करीब 19 लाख बुजुर्गों, विधवा महिलाओं और दिव्यांगजनों को पिछले छह महीने से पेंशन की राशि नहीं मिली है। इस लेटलतीफी के कारण करीब 570 करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान अटक गया है, जिससे गरीब और जरूरतमंद परिवारों के सामने घर चलाने और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने का गंभीर संकट पैदा हो गया है।
दफ्तरों के चक्कर काट रहे हितग्राही
छत्तीसगढ़ समाज कल्याण विभाग के दफ्तरों में रोजाना सैकड़ों लाचार हितग्राही अपनी रुकी हुई पेंशन की जानकारी लेने पहुंच रहे हैं, लेकिन उन्हें कोई ठोस जवाब नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में इसका बुरा असर पड़ा है। पेंशन की यह राशि (औसतन 500 रुपए मासिक) भले ही छोटी दिखे, लेकिन इसके रुकने से कई परिवारों का मासिक बजट पूरी तरह बिगड़ गया है। बुजुर्गों की दवाइयां, बच्चों का राशन और दैनिक जरूरतें पूरी करना अब मुश्किल होता जा रहा है।
प्रभावित हितग्राहियों का आंकड़ा
कुल प्रभावित हितग्राही: 19 लाख
वृद्धावस्था पेंशन: 10 से 11 लाख
विधवा पेंशन: 5 से 6 लाख
दिव्यांग पेंशन: 2 से 3 लाख
अन्य श्रेणियां: 1 लाख
केंद्र से राशि में देरी और राज्यांश का अटकना
विभागीय सूत्रों के अनुसार, इस संकट की मुख्य वजह केंद्र सरकार से मिलने वाली अनुदान राशि में देरी होना है। केंद्रीय हिस्सा समय पर जारी न होने के कारण राज्य सरकार का अंश (राज्यांश) भी अटक गया है। विभाग का कहना है कि समाधान के लिए केंद्र सरकार को कई बार पत्र भेजे जा चुके हैं, लेकिन अब तक वहां से राशि जारी नहीं की गई है।
विपक्ष का आरोप और आंदोलन की चेतावनी
इस मुद्दे पर अब सियासत भी गरमा गई है। नगर निगम रायपुर के नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी सहित कई विपक्ष के नेताओं ने सरकार को घेरा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की लापरवाही और केंद्र से तालमेल की कमी के कारण यह भुगतान रुका हुआ है। विपक्ष ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पात्र हितग्राहियों के खातों में पैसे ट्रांसफर नहीं किए गए, तो सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
KYC और तकनीकी खामियां भी वजह
मामले पर सामाजिक कल्याण छत्तीसगढ़ की मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि केवल बजट ही नहीं, बल्कि कुछ हितग्राहियों के बैंक खातों का KYC (नो योर कस्टमर) अपडेट न होना और अन्य तकनीकी कारण भी इसके लिए जिम्मेदार हैं। उन्होंने आश्वस्त किया है कि विभागीय स्तर पर प्रक्रियाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दे दिए गए हैं। सरकार का प्रयास है कि सभी जरूरी तकनीकी रुकावटों को दूर कर जल्द से जल्द पात्र लोगों तक उनकी पेंशन पहुंचाई जा सके।
निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ में 6 महीने से सामाजिक सुरक्षा पेंशन रुकने से 19 लाख जरूरतमंद परिवारों के सामने जीविका का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। केंद्र और राज्य के बीच बजटीय तालमेल की कमी और तकनीकी खामियों के कारण करीब 570 करोड़ का भुगतान अटका है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और गरीब तबका सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है।
FAQ
- छत्तीसगढ़ में सामाजिक सुरक्षा पेंशन कितने समय से रुकी हुई है?
पिछले करीब 6 महीने से पेंशन का भुगतान अटका हुआ है। - इस पेंशन संकट से कुल कितने लोग प्रभावित हैं?
प्रदेश के लगभग 19 लाख हितग्राही (बुजुर्ग, विधवा और दिव्यांग) प्रभावित हैं। - विभागीय स्तर पर पेंशन रुकने की मुख्य वजह क्या बताई जा रही है?
केंद्र सरकार से मिलने वाले अनुदान में देरी, जिसके कारण राज्यांश भी अटक गया है। - क्या बजट के अलावा कोई अन्य तकनीकी कारण भी जिम्मेदार है?
सामाजिक कल्याण मंत्री के अनुसार कुछ हितग्राहियों के बैंक खातों का KYC अपडेट न होना और तकनीकी खामियां भी वजह हैं।
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