डेटा सेंटर को मिला उद्योग का दर्जा, पेंशनर्स और दिव्यांगों को बड़ी राहत, कैबिनेट में लिए बड़े फैसले
Ashish Bhardwaj | May 22, 2026, 20:50 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान सरकार ने शुक्रवार को औद्योगिक निवेश और आमजन को राहत देने वाले कई फैसले लिए। इन पर कैबिनेट और मंत्रिपरिषद की बैठक में मुहर लगाई गई है।
जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट और मंत्रिपरिषद की बैठक में औद्योगिक निवेश और आमजन को राहत देने वाले कई फैसले लिए गए। कैबिनेट ने प्रदेश की नई इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट पॉलिसी को मंजूरी दे दी है।
इसके साथ ही पेंशनर्स और दिव्यांगों के लिए नियमों को बेहद सरल बनाते हुए कई अहम घोषणाएं की गई हैं। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी के मद्देनजर सभी मंत्रियों को अपने-अपने प्रभार वाले जिलों का दौरा करने अथवा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के जरिए बिजली और पानी की सुचारू आपूर्ति तय करने के कड़े निर्देश भी दिए।
बैठक के बाद उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने मीडिया को बताया कि राजस्थान को निवेश का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए इंडस्ट्रीयल डवलपमेंट पॉलिसी को हरी झंडी दे दी गई है। इस नीति की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
उद्योग का दर्जा: प्रदेश में अब डेटा सेंटर और लॉजिस्टिक्स सेंटर्स को सेवा क्षेत्र के बजाय पूर्ण उद्योग का दर्जा दिया जाएगा, जिससे इन्हें उद्योगों को मिलने वाली सभी रियायतें और वित्तीय लाभ मिल सकेंगे।
हर जिले की आर्थिक पहचान: नीति के तहत वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट और क्षेत्रीय विशेषताओं के आधार पर हर जिले की एक विशिष्ट आर्थिक पहचान विकसित की जाएगी।
भविष्य की तकनीक: राजस्थान के औद्योगिक ढांचे को आधुनिक बनाने के लिए पहली बार सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को राज्य की मूल उद्योग नीति में प्रमुखता से शामिल किया गया है।
कैबिनेट ने बुजुर्ग पेंशनभोगियों को बड़ी सहूलियत दी है। अब पेंशनर्स को अपना वार्षिक भौतिक सत्यापन कराने के लिए ई-मित्र केंद्रों या बैंकों के चक्कर काटने की बाध्यता से मुक्ति मिल जाएगी।
पेंशनर्स अब अपने स्मार्टफोन पर उपलब्ध सरकारी मोबाइल ऐप के माध्यम से 'फेस रिकग्निशन' (चेहरा पहचानने वाली) तकनीक का उपयोग करके घर बैठे ही अपना जीवन प्रमाण पत्र (Life Certificate) ऑनलाइन जमा कर सकेंगे।
इसके अलावा, सत्यापन प्रक्रिया को आसान बनाते हुए सरकार ने प्रावधान किया है कि अब नॉन-गजटेड (अराजपत्रित) अधिकारी भी एसएसओ आईडी (SSO ID) के जरिए जीवन प्रमाण पत्र जारी कर सकेंगे। पेंशन को पूरी तरह प्रमाणित करवाने के लिए अब केवल एक गजटेड (राजपत्रित) अधिकारी के हस्ताक्षर ही पर्याप्त होंगे।
राज्य सरकार ने दिव्यांगों को प्रशासनिक जटिलताओं से राहत देते हुए एक मानवीय फैसला किया है। पहले दिव्यांग पेंशन का लाभ उठाने के लिए लाभार्थियों को हर तीन साल में अपना दिव्यांगता प्रमाण पत्र (Medical Certificate) नए सिरे से जमा करना पड़ता था, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था।
अब नई व्यवस्था के तहत दिव्यांगों को पूरी सेवा अवधि के दौरान केवल एक बार ही अपना सर्टिफिकेट देना होगा। बार-बार नए दस्तावेज जमा करने की इस अनिवार्यता को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है।
प्रदेश में सौर ऊर्जा और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कैबिनेट ने जैसलमेर, बाड़मेर और बीकानेर जिलों में हजारों हेक्टेयर भूमि आवंटन के प्रस्तावों को मंजूरी दी है।
ऊर्जा राज्य मंत्री हीरालाल नागर ने बताया कि रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स को गति देने के लिए भूमि स्वीकृत की गई है:
जैसलमेर: घोटारू में एक बड़ी सोलर कंपनी को 1198.33 हेक्टेयर और फतेहगढ़ तहसील में 106 हेक्टेयर जमीन आवंटित की जाएगी।
बाड़मेर: शिव के मुंगेरिया क्षेत्र में 39 हेक्टेयर भूमि स्वीकृत की गई है।
बीकानेर: करणीसर भाटियान में 63.5 हेक्टेयर और बज्जू में 80 हेक्टेयर जमीन आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
औद्योगिक कॉरिडोर को बढ़ावा देने के लिए जैसलमेर में सीमेंट कंपनियों को दोगुनी डीएलसी (DLC) रेट पर जमीन देने का बड़ा फैसला हुआ है:
जेके सीमेंट (JK Cement): जैसलमेर में कंपनी को अपने प्लांट के लिए रेलवे ट्रैक के निर्माण हेतु 71 हेक्टेयर भूमि आवंटित की जाएगी। यह जमीन वर्तमान डीएलसी दर से दोगुनी कीमत पर मिलेगी।
डालमिया सीमेंट (Dalmia Cement): जैसलमेर में ही इस समूह को भी दोगुनी डीएलसी रेट पर 121 हेक्टेयर भूमि आवंटित करने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने अपनी स्वीकृति दे दी है।
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इसके साथ ही पेंशनर्स और दिव्यांगों के लिए नियमों को बेहद सरल बनाते हुए कई अहम घोषणाएं की गई हैं। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी के मद्देनजर सभी मंत्रियों को अपने-अपने प्रभार वाले जिलों का दौरा करने अथवा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के जरिए बिजली और पानी की सुचारू आपूर्ति तय करने के कड़े निर्देश भी दिए।
AI और सेमीकंडक्टर को बढ़ावा
उद्योग का दर्जा: प्रदेश में अब डेटा सेंटर और लॉजिस्टिक्स सेंटर्स को सेवा क्षेत्र के बजाय पूर्ण उद्योग का दर्जा दिया जाएगा, जिससे इन्हें उद्योगों को मिलने वाली सभी रियायतें और वित्तीय लाभ मिल सकेंगे।
हर जिले की आर्थिक पहचान: नीति के तहत वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट और क्षेत्रीय विशेषताओं के आधार पर हर जिले की एक विशिष्ट आर्थिक पहचान विकसित की जाएगी।
भविष्य की तकनीक: राजस्थान के औद्योगिक ढांचे को आधुनिक बनाने के लिए पहली बार सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को राज्य की मूल उद्योग नीति में प्रमुखता से शामिल किया गया है।
पेंशनर्स को राहत: अब घर बैठे मोबाइल से बनेगा 'जीवन प्रमाण पत्र'
पेंशनर्स अब अपने स्मार्टफोन पर उपलब्ध सरकारी मोबाइल ऐप के माध्यम से 'फेस रिकग्निशन' (चेहरा पहचानने वाली) तकनीक का उपयोग करके घर बैठे ही अपना जीवन प्रमाण पत्र (Life Certificate) ऑनलाइन जमा कर सकेंगे।
इसके अलावा, सत्यापन प्रक्रिया को आसान बनाते हुए सरकार ने प्रावधान किया है कि अब नॉन-गजटेड (अराजपत्रित) अधिकारी भी एसएसओ आईडी (SSO ID) के जरिए जीवन प्रमाण पत्र जारी कर सकेंगे। पेंशन को पूरी तरह प्रमाणित करवाने के लिए अब केवल एक गजटेड (राजपत्रित) अधिकारी के हस्ताक्षर ही पर्याप्त होंगे।
दिव्यांग पेंशन: बार-बार सर्टिफिकेट बनवाने का झंझट खत्म
अब नई व्यवस्था के तहत दिव्यांगों को पूरी सेवा अवधि के दौरान केवल एक बार ही अपना सर्टिफिकेट देना होगा। बार-बार नए दस्तावेज जमा करने की इस अनिवार्यता को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है।
रिन्यूएबल एनर्जी और उद्योगों के लिए भारी भूमि आवंटन
सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट्स (क्लीन एनर्जी)
जैसलमेर: घोटारू में एक बड़ी सोलर कंपनी को 1198.33 हेक्टेयर और फतेहगढ़ तहसील में 106 हेक्टेयर जमीन आवंटित की जाएगी।
बाड़मेर: शिव के मुंगेरिया क्षेत्र में 39 हेक्टेयर भूमि स्वीकृत की गई है।
बीकानेर: करणीसर भाटियान में 63.5 हेक्टेयर और बज्जू में 80 हेक्टेयर जमीन आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
सीमेंट उद्योग और रेलवे कनेक्टिविटी
जेके सीमेंट (JK Cement): जैसलमेर में कंपनी को अपने प्लांट के लिए रेलवे ट्रैक के निर्माण हेतु 71 हेक्टेयर भूमि आवंटित की जाएगी। यह जमीन वर्तमान डीएलसी दर से दोगुनी कीमत पर मिलेगी।
डालमिया सीमेंट (Dalmia Cement): जैसलमेर में ही इस समूह को भी दोगुनी डीएलसी रेट पर 121 हेक्टेयर भूमि आवंटित करने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने अपनी स्वीकृति दे दी है।
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