181 करोड़ का सड़क घोटाला! कांग्रेस ने मांगी CBI जांच, जानिए अफसरों ने कैसे किया खेल
NEWS IN SHORT
- PMGSY में 181.90 करोड़ के फर्जीवाड़े का आरोप।
- कांग्रेस विधायकों ने मामले की CBI जांच की मांग की।
- डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने CBI जांच से इनकार किया।
- पिछली सरकार में 228 करोड़ रूपए बिना अनुमति के भुगतान किए गए।
- वर्तमान में 181.90 करोड़ के भुगतान अभी भी लंबित हैं।
NEWS IN DETAIL
सदन में उठा करोड़ों के गड़बड़ी का मुद्दा
छत्तीसगढ़ विधानसभा में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत कथित वित्तीय अनियमितताओं का बड़ा मामला सामने आया। कांग्रेस विधायकों ने 181.90 करोड़ रूपए के फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हुए सरकार को घेरा और CBI जांच की मांग की।
CBI जांच से सरकार का इनकार
विधायक द्वारिकाधीश यादव ने सीधे तौर पर डिप्टी सीएम विजय शर्मा से CBI जांच की घोषणा करने को कहा। इस पर डिप्टी सीएम ने स्पष्ट किया कि CBI जांच नहीं कराई जाएगी, बल्कि विभागीय स्तर पर जांच होगी और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
228 करोड़ के भुगतान पर बड़ा दावा
डिप्टी सीएम ने सदन में कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में 228 करोड़ रूपए का भुगतान बिना वित्त विभाग की अनुमति के किया गया। उन्होंने कहा कि यह राशि बजट में भी प्रावधानित नहीं थी और बिना सहमति के टेंडर जारी किए गए थे।
139.80 करोड़ के भुगतान पर सवाल
विधायक जनक ध्रुव ने 2024-25 और 2025-26 में 139.80 करोड़ रूपए के भुगतान पर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि क्या इसके लिए वित्त विभाग से अनुमति ली गई थी। मंत्री ने जवाब दिया कि यह राशि वित्त विभाग की सहमति से लंबित देयकों के भुगतान में खर्च की गई।
181.90 करोड़ अब भी बकाया
सरकार ने स्वीकार किया कि 1 फरवरी 2026 तक 181.90 करोड़ रूपए के भुगतान अभी भी ठेकेदारों को किया जाना बाकी है, जो 2023-24 से पहले के कार्यों से जुड़े हैं।
IMP FACTS
- 139.80 करोड़ रूपए: 2024-26 में भुगतान
- 228 करोड़ रूपए: पिछली सरकार पर बिना अनुमति भुगतान का आरोप
- 181.90 करोड़ रूपए: वर्तमान में लंबित भुगतान
- CBI जांच: सरकार ने खारिज की
- जांच: सचिव स्तर के अधिकारी द्वारा विभागीय जांच
आगे क्या
विभागीय जांच शुरू होगी और जिम्मेदार अधिकारियों की पहचान की जाएगी। विपक्ष इस मुद्दे को आगे भी राजनीतिक रूप से उठाता रह सकता है। यदि जांच में बड़े घोटाले (Road Scam) के संकेत मिले, तो उच्च स्तरीय जांच की मांग फिर तेज हो सकती है।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में कथित वित्तीय गड़बड़ियों का मामला राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर गंभीर होता जा रहा है। सरकार जहां विभागीय जांच पर भरोसा जता रही है, वहीं विपक्ष CBI जांच की मांग पर अड़ा है। आने वाले दिनों में जांच की दिशा और निष्कर्ष इस पूरे मामले की सच्चाई तय करेंगे।
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