PRSU की बड़ी लापरवाही : BA के छात्रों को थमाया BBA का पर्चा
NEWS IN SHORT
- PRSU बीए परीक्षा में गड़बड़ी, बीबीए का पर्चा बांटा गया
- हिंदी माध्यम छात्रों को भी इंग्लिश पर्चा, छात्रों में नाराजगी
- जेनेरिक इलेक्टिव विषय में प्रश्नपत्र वितरण में त्रुटि
- ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों को सबसे अधिक परेशानी का सामना
- विश्वविद्यालय और उच्च शिक्षा विभाग ने लिया संज्ञान
NEWS IN DETAIL
Raipur। पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय (Pandit Ravishankar Shukla University) ने बीए द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा में छात्रों को गलत प्रश्नपत्र देने का मामला सामने आया है। सोमवार को आयोजित परीक्षा के दौरान जेनेरिक इलेक्टिव विषय (Generic Elective Subject) के पर्चे बांटने में गंभीर गड़बड़ी हुई। खास बात यह है कि बीए छात्रों को उनके मूल संकाय के लिए तैयार किए गए बीबीए या कॉमर्स संकाय के पर्चे थमा दिए गए।
हिंदी माध्यम के छात्रों को भी अंग्रेजी में पर्चा
बात सिर्फ अलग विषयों का पेपर देने तक ही खत्म नहीं हुई। यूनिवर्सिटी ने हिंदी मीडियम से पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स के सामने भी अंग्रेजी में छपा हुआ क्वेश्चन पेपर रख दिया। इस वजह से ग्रामीण इलाकों से आने वाले छात्र-छात्राओं को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
विश्वविद्यालय का जवाब
रविवि के जनसंपर्क अधिकारी प्रो. राजीव चौधरी (Prof. Rajeev Chaudhary) ने कहा कि परीक्षा केंद्रों से इस प्रकार की दिक्कतों की कोई सूचना नहीं मिली। उन्होंने यह भी बताया कि छात्रहित (Student Interest) को प्राथमिकता दी जाएगी और इस आधार पर निर्णय लिया जाएगा।
नियमों के अनुसार जेनेरिक इलेक्टिव
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (National Education Policy) के तहत विद्यार्थी अपने संकाय के अलावा दूसरे संकाय से एक विषय का चुनाव कर सकते हैं। इस विषय के अंक भी उनके अंतिम परिणाम (Final Result) में जोड़े जाते हैं। ऐसे विषय को जेनेरिक इलेक्टिव (Generic Elective) कहा जाता है।
संकाय से बाहर विषय की जटिलता
छात्र केवल एक विषय अन्य संकाय से पढ़ते हैं। इस वजह से उनकी तैयारी उस विषय के मूल संकाय के छात्रों जितनी गहरी नहीं होती। उच्च शिक्षा विभाग (Higher Education Department) ने विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों को आदेश दिया था कि जेनेरिक इलेक्टिव के प्रश्नपत्रों की कठिनाई स्तर (Difficulty Level) को कम रखा जाए।
छात्रों की मुश्किलें और अपेक्षाएं
छात्रों ने कहा कि पर्चे में गड़बड़ी से उनकी परीक्षा में असर पड़ा। कई छात्रों ने ग्रामीण क्षेत्रों में होने के कारण अतिरिक्त परेशानी का सामना किया। इस मामले में समय पर सूचना और समाधान न मिलने से छात्रों में नाराजगी (Frustration) बढ़ रही है।
परीक्षा व्यवस्था में सुधार की जरूरत
विशेषज्ञों का कहना है कि विश्वविद्यालय को परीक्षा व्यवस्था (Exam Management) में सुधार लाना चाहिए। प्रश्नपत्रों को संकाय और माध्यम के अनुसार अलग तैयार करना आवश्यक है। इससे छात्रों के परिणाम और उनके मानसिक तनाव दोनों पर सकारात्मक असर पड़ेगा।
शिक्षा मंत्रालय की संभावित कार्रवाई
उच्च शिक्षा विभाग (Higher Education Department) ने इस मामले को संज्ञान में लिया है। विभाग ने कहा है कि छात्रों की शिकायतों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। विश्वविद्यालय के लिए यह चेतावनी है कि भविष्य में परीक्षा प्रक्रियाओं में सावधानी बरती जाए।
FAQ
- बीए परीक्षा में बीबीए का पर्चा कैसे बांट दिया गया?
पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय ने बीए द्वितीय सेमेस्टर के जेनेरिक इलेक्टिव विषय के पर्चे गलत संकाय के छात्रों को बांटे। कॉमर्स और बीबीए संकाय के बिजनेस इकोनॉमिक्स पर्चे बीए छात्रों को दे दिए गए। - हिंदी माध्यम के छात्रों को क्यों परेशानी हुई?
विश्वविद्यालय ने हिंदी माध्यम के छात्रों को भी इंग्लिश में पर्चा थमा दिया। इससे ग्रामीण और कम संसाधन वाले छात्र परीक्षा में कठिनाई का सामना कर रहे हैं। - इस गड़बड़ी का समाधान क्या होगा?
विश्वविद्यालय ने कहा कि छात्रहित को प्राथमिकता दी जाएगी। उच्च शिक्षा विभाग और विश्वविद्यालय दोनों मामलों को संज्ञान में लेकर भविष्य में सुधारात्मक कदम उठाएंगे।
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