रायगढ़ इस्पात संयंत्र में बड़ा हादसा: फर्नेस की गैस से तीन श्रमिक झुलसे
समझें क्या है पूरा मामला
Raigarh : छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के पूंजीपथरा औद्योगिक क्षेत्र में आज बुधवार को बड़ा हादसा हो गया। रायगढ़ इस्पात संयंत्र में काम के दौरान फर्नेस क्षेत्र से अचानक तेज गर्मी और धुआं निकलने लगा। इस घटना में तीन श्रमिक झुलस गए और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
घटना के तुरंत बाद घायल कर्मचारियों को नजदीकी अपेक्स अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार सभी घायल अब खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं।
कैसे हुआ हादसा
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक यह घटना फर्नेस में बढ़ी नमी की वजह से हुई। बताया जा रहा है कि बरसात के मौसम में कच्चे माल में नमी आ गई थी, जिससे फर्नेस के भीतर असामान्य रिएक्शन हुआ।
काम के दौरान अचानक गर्मी और धुएं का दबाव बढ़ गया। इसी दौरान वहां मौजूद कर्मचारी इसकी चपेट में आ गए। कर्मचारियों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। इसी अफरा-तफरी में तीन श्रमिक झुलस गए, जबकि कुछ अन्य को हल्की चोटें आई हैं।
अस्पताल में इलाज जारी, हालत स्थिर
घटना के बाद सभी घायलों को तुरंत अपेक्स अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार तीनों श्रमिकों की हालत स्थिर है और खतरे से बाहर है। एक कर्मचारी को अधिक चोटें आई हैं, जबकि अन्य दो को हल्की जलन और चोटें हैं। संयंत्र प्रबंधन के अधिकारी भी अस्पताल पहुंचे और घायलों की स्थिति की जानकारी ली।
प्रबंधन का बयान, फर्नेस ब्लास्ट नहीं हुआ
रायगढ़ इस्पात संयंत्र के जनरल मैनेजर सुनील पांडा ने घटना को लेकर अलग दावा किया है। उनका कहना है कि यह कोई ब्लास्ट नहीं था। उनके अनुसार बरसात के मौसम में रॉ मैटेरियल में नमी आ जाती है। जब फर्नेस में तापमान बढ़ता है तो गैस बनती है और ऊपर की ओर निकलती है। इसी कारण धुआं फैला और माहौल अचानक बिगड़ गया। उन्होंने बताया कि इस स्थिति में कुछ कर्मचारी घबरा गए और ऊपर से कूदने जैसी कोशिश भी की, जिससे चोटें आईं।
जांच में जुटी औद्योगिक सुरक्षा टीम
घटना की सूचना मिलते ही औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग की टीम मौके पर पहुंचने के लिए रवाना हो गई है।विभाग के सहायक संचालक राहुल पटेल ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। उनके अनुसार श्रमिकों को करीब 10 प्रतिशत तक जलन के निशान हैं और एक कर्मचारी का हाथ भी टूट गया है।
अधिकारियों ने कहा है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि सुरक्षा मानकों का पालन सही तरीके से किया जा रहा था या नहीं।
IMP FACTS
रायगढ़ इस्पात संयंत्र, पूंजीपथरा में हादसा हुआ
फर्नेस क्षेत्र से अचानक धुआं निकलने की घटना
3 श्रमिक झुलसे, अस्पताल में भर्ती
सभी घायलों की हालत फिलहाल स्थिर बताई गई
प्रबंधन ने ब्लास्ट से इनकार किया
शुरुआती वजह: कच्चे माल में नमी बताई जा रही
औद्योगिक सुरक्षा विभाग की जांच जारी
कुछ श्रमिक घबराकर ऊंचाई से कूदे, चोटें आई
औद्योगिक सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस घटना के बाद एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। फर्नेस जैसे हाई-टेम्परेचर यूनिट में छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
स्थानीय स्तर पर अब यह चर्चा भी तेज है कि क्या नियमित सुरक्षा ऑडिट समय पर हो रहे हैं या नहीं। फिलहाल प्रशासन और सुरक्षा विभाग दोनों ही मामले की जांच में जुटे हैं। जांच के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि यह तकनीकी खराबी थी या प्रबंधन स्तर की चूक।
FAQ
- रायगढ़ इस्पात संयंत्र में क्या हादसा हुआ?
फर्नेस से अचानक गैस और धुआं निकलने की घटना हुई, जिससे अफरा-तफरी मच गई। - इस हादसे में कितने लोग घायल हुए?
तीन श्रमिक झुलस गए और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। - क्या यह फर्नेस ब्लास्ट था?
प्रबंधन ने ब्लास्ट से इनकार किया है और कहा है कि गैस बनने से धुआं फैला। जांच जारी है।
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