अपेक्स बैंक के एमडी के.एन. काण्डे की प्रतिनियुक्ति खत्म, सहकारिता आयुक्त कार्यालय भेजे गए
VINAY VERMA | May 06, 2026, 20:24 IST
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छत्तीसगढ़ सरकार ने सहकारिता विभाग में बड़ा बदलाव किया है। राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक के.एन. काण्डे की प्रतिनियुक्ति समाप्त कर उन्हें उनके मूल विभाग में वापस बुला लिया है।
Raipur। CG News :छत्तीसगढ़ के सहकारिता तंत्र में बदलाव किया गया है। राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक के.एन. काण्डे की प्रतिनियुक्ति समाप्त कर उन्हें उनके मूल विभाग में वापस बुला लिया है। सहकारिता विभाग द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, काण्डे को आगामी आदेश तक कार्यालय आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएं, नवा रायपुर में पदस्थ किया गया है।
यह आदेश ऐसे समय में आया है जब राज्य में सहकारी संस्थाओं की कार्यप्रणाली और वित्तीय अनुशासन को लेकर लगातार समीक्षा चल रही है। माना जा रहा है कि सरकार सहकारिता ढांचे में नई रणनीति और प्रशासनिक कसावट लाने के लिए यह कदम उठा रही है।
के.एन. काण्डे जुलाई 2020 से अपेक्स बैंक, रायपुर में प्रबंध संचालक के पद पर कार्यरत थे। करीब छह वर्षों के लंबे कार्यकाल के दौरान उन्होंने बैंक के संचालन, ऋण वितरण और संस्थागत मजबूती से जुड़े कई अहम फैसलों में भूमिका निभाई। हालांकि, सरकार ने अचानक उनका ट्रांसफर कर यह संकेत दे दिया है कि अब सहकारिता विभाग में नई प्राथमिकताएं तय की जा रही हैं।
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सूत्रों के मुताबिक, यह सिर्फ एक सामान्य प्रशासनिक आदेश नहीं है, बल्कि सहकारिता सेक्टर में व्यापक बदलाव की शुरुआत भी हो सकती है। हाल के महीनों में सहकारी बैंकों की कार्यप्रणाली, ऋण वितरण और पारदर्शिता को लेकर कई स्तरों पर सवाल उठे हैं। ऐसे में अनुभवी अधिकारियों को फील्ड से हटाकर पॉलिसी लेवल पर लाना सरकार की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
काण्डे की वापसी के बाद अपेक्स बैंक में प्रबंध संचालक का पद फिलहाल खाली हो गया है। अब सवाल यह है कि सरकार इस महत्वपूर्ण पद पर किसे जिम्मेदारी देती है। अपेक्स बैंक राज्य की सहकारी बैंकिंग व्यवस्था का केंद्र है, ऐसे में यहां नियुक्ति को लेकर सरकार कोई भी फैसला सोच-समझकर करना चाहेगी।
कार्यालय आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएं में पदस्थ होने के बाद काण्डे की भूमिका और अधिक व्यापक हो जाएगी। यहां से पूरे राज्य की सहकारी संस्थाओं की निगरानी, नीतिगत फैसले और प्रशासनिक नियंत्रण संचालित होता है। ऐसे में उनका अनुभव अब राज्यभर की सहकारिता व्यवस्था को दिशा देने में उपयोग किया जाएगा।
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सरकार के इस फैसले को कई तरह से देखा जा रहा है। एक तरफ इसे रूटीन प्रशासनिक प्रक्रिया बताया जा रहा है, तो दूसरी ओर इसे सिस्टम में कसावट और जवाबदेही बढ़ाने की कवायद भी माना जा रहा है।
स्पष्ट है कि छत्तीसगढ़ में सहकारिता क्षेत्र को लेकर सरकार अब ज्यादा सक्रिय नजर आ रही है। अपेक्स बैंक से लेकर जिला सहकारी बैंकों तक, आने वाले समय में और भी बदलाव देखने को मिल सकते हैं। फिलहाल के.एन. काण्डे की वापसी ने यह संकेत जरूर दे दिया है कि सहकारिता विभाग में कुछ बड़ा पक रहा है।
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यह आदेश ऐसे समय में आया है जब राज्य में सहकारी संस्थाओं की कार्यप्रणाली और वित्तीय अनुशासन को लेकर लगातार समीक्षा चल रही है। माना जा रहा है कि सरकार सहकारिता ढांचे में नई रणनीति और प्रशासनिक कसावट लाने के लिए यह कदम उठा रही है।
करीब 6 साल का कार्यकाल, अब नई जिम्मेदारी
सिर्फ तबादला नहीं, सिस्टम रीसेट के संकेत
अपेक्स बैंक पर नजर, नए एमडी की तलाश
नवा रायपुर में अहम भूमिका
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संदेश क्या है?
स्पष्ट है कि छत्तीसगढ़ में सहकारिता क्षेत्र को लेकर सरकार अब ज्यादा सक्रिय नजर आ रही है। अपेक्स बैंक से लेकर जिला सहकारी बैंकों तक, आने वाले समय में और भी बदलाव देखने को मिल सकते हैं। फिलहाल के.एन. काण्डे की वापसी ने यह संकेत जरूर दे दिया है कि सहकारिता विभाग में कुछ बड़ा पक रहा है।
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