रेलवे में नौकरी के बदले मांगे 5 लाख, CBI ने दो कर्मचारियों को दबोचा
News In Short
- रेलवे में स्पोर्ट्स कोटे से नौकरी के नाम पर 5 लाख की रिश्वत मांगने का मामला।
- CBI ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो रेलवे कर्मचारियों को गिरफ्तार किया।
- आरोपियों में इंटरनेशनल रेफरी बी. राजशेखर राव और के. रमा लक्ष्मी शामिल।
- पीड़िता को चयन प्रक्रिया में मदद और मेडिकल फेल कराने की धमकी।
- कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 1 जून तक कस्टोडियल रिमांड पर भेजा।
News in Details
रेलवे में स्पोर्ट्स कोटे से नौकरी दिलाने के नाम पर रिश्वत मांगने का गंभीर मामला सामने आया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो रेलवे कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। दोनों पर एक युवती से नौकरी लगाने के बदले 5 लाख रूपए की मांग करने का आरोप है।
गिरफ्तार आरोपियों में इंटरनेशनल बॉडी बिल्डिंग रेफरी बी. राजशेखर राव और वेटलिफ्टर के. रमा लक्ष्मी शामिल हैं। कोर्ट में पेशी के बाद दोनों को 1 जून तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
नौकरी का झांसा देकर मांगे 5 लाख रूपए
जानकारी के अनुसार आरोपियों ने एक युवती को रेलवे में स्पोर्ट्स कोटे के तहत नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया था। इसके बदले चयन प्रक्रिया में मदद करने के नाम पर 5 लाख रूपए की मांग की गई। पीड़िता का आरोप है कि पैसे न देने पर उसे मेडिकल टेस्ट में फेल कराने की धमकी भी दी गई थी, जिसके बाद उसने मामले की शिकायत CBI से की।
CBI जांच में कई अहम खुलासे
CBI के वकील प्रशांत बाजपेयी के अनुसार शुरुआती जांच में रिश्वत मांगने के आरोप सही पाए गए हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी बी. राजशेखर राव रेलवे में असिस्टेंट स्पोर्ट्स सेक्रेटरी के पद पर कार्यरत हैं। वहीं के. रमा लक्ष्मी, जो खुद भी स्पोर्ट्स कोटे से रेलवे में नौकरी कर रही हैं, इस मामले में शामिल पाई गई हैं।
कोच कनेक्शन की भी जांच
CBI जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि बी. राजशेखर राव, के. रमा लक्ष्मी के कोच भी रह चुके हैं। इसी कनेक्शन को लेकर एजेंसी अब यह जांच कर रही है कि क्या इस पूरे मामले में कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है। जांच एजेंसी ने संकेत दिए हैं कि भर्ती प्रक्रिया में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
रेलवे भर्ती प्रक्रिया पर उठे सवाल
इस घटना के बाद रेलवे की स्पोर्ट्स कोटे भर्ती प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। खिलाड़ियों और अभ्यर्थियों का कहना है कि अगर रिश्वत के जरिए चयन प्रभावित होगा तो योग्य खिलाड़ियों के साथ अन्याय होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि स्पोर्ट्स कोटे की भर्ती में पारदर्शिता बढ़ाने की सख्त जरूरत है।
डिजिटल सबूतों की भी जांच जारी
CBI अधिकारियों के अनुसार मामले में अब कॉल डिटेल, बैंक ट्रांजेक्शन और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। एजेंसी ने संकेत दिए हैं कि अगर जांच में नए नाम सामने आते हैं तो आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं। यह मामला रेलवे भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार के बड़े नेटवर्क की ओर इशारा करता है, जिसकी गहराई से जांच जारी है।
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