रायपुर एयरपोर्ट पर हाई अलर्ट : इबोला वायरस को लेकर विशेष जांच शुरू

Umeshwari Baghel | May 28, 2026, 20:29 IST
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रायपुर एयरपोर्ट पर इबोला वायरस की जांच बढ़ा दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी यात्रियों की अनिवार्य स्क्रीनिंग और ट्रैवल हिस्ट्री की जांच शुरू की है। संदिग्ध लक्षण दिखने पर यात्रियों को आइसोलेशन और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

NEWS IN SHORT

  • रायपुर एयरपोर्ट पर इबोला जांच शुरू
  • यात्रियों की ट्रैवल हिस्ट्री और स्वास्थ्य स्क्रीनिंग अब अनिवार्य
  • अफ्रीका में WHO अलर्ट के बाद छत्तीसगढ़ में सतर्कता बढ़ी
  • केंद्र सरकार ने देशभर में इबोला निगरानी और तैयारी तेज की
  • इबोला वायरस: लक्षण, फैलाव और बचाव के लिए सतर्कता जरूरी

NEWS IN DETAIL

Raipur। वैश्विक स्तर पर इबोला वायरस के बढ़ते खतरे को देखते हुए छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग पूरी सतर्कता बरत रहा है। स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर विशेष इबोला जांच काउंटर स्थापित कर दिया गया है। अब एयरपोर्ट पर आने वाले सभी यात्रियों की अनिवार्य स्वास्थ्य जांच की जा रही है।



यात्रियों की ट्रैवल हिस्ट्री की जाँच भी की जा रही है ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके। स्वास्थ्य विभाग ने एयरपोर्ट पर पूरी व्यवस्था कर दी है और नोडल अधिकारी तैनात कर दिए हैं, जो संदिग्ध लक्षण वाले यात्रियों की पहचान करके उन्हें आइसोलेशन में रखेंगे और आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराएंगे।



एयरपोर्ट पर सुरक्षा और स्क्रीनिंग

छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने रायपुर एयरपोर्ट पर सभी यात्रियों की जांच को अनिवार्य कर दिया है। स्कैनिंग मशीन से बुखार और अन्य लक्षणों की जांच की जाती है और यात्रियों की ट्रैवल हिस्ट्री भी जांची जाती है। अगर किसी यात्री में इबोला के संदिग्ध लक्षण पाए जाते हैं, तो उसे तुरंत आइसोलेशन में रखा जाएगा



और मेडिकल टीम द्वारा उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा एयरपोर्ट पर नोडल अधिकारी तैनात किए गए हैं, जो किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई कर सकें। स्वास्थ्य विभाग की यह तैयारी संक्रमण को फैलने से रोकने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए की गई है।



अफ्रीका में WHO अलर्ट के बाद बढ़ी सतर्कता

अफ्रीका के कांगो और युगांडा में इबोला मामलों में बढ़ोतरी हुई है, जिसके बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑफ इंटरनेशनल कंसर्न घोषित किया। इस घोषणा के बाद दुनिया के कई देशों ने अपनी सतर्कता बढ़ा दी है और भारत सरकार ने भी तुरंत कदम उठाए हैं।



केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने बताया कि फिलहाल भारत में कोई इबोला का मामला सामने नहीं आया है, लेकिन एयरपोर्ट, बंदरगाह और सीमावर्ती क्षेत्रों पर निगरानी और स्क्रीनिंग बढ़ा दी गई है। NDC, ICMR और अन्य स्वास्थ्य एजेंसियों को ट्रैकिंग, टेस्टिंग और सर्विलांस के लिए अलर्ट कर दिया गया है।



केंद्र सरकार की तैयारी

केंद्र सरकार लगातार एहतियात बरत रही है और देशभर में सभी एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशनों, बंदरगाहों और सीमावर्ती इलाकों में स्क्रीनिंग को सख्ती से लागू किया गया है।



संदिग्ध यात्रियों की तुरंत पहचान और ट्रैकिंग के लिए सभी राज्य और केंद्रीय एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा आपात स्थिति में मरीज को तुरंत आइसोलेशन और उपचार सुविधा उपलब्ध कराने की भी तैयारी है।



इबोला वायरस क्या है

इबोला वायरस एक गंभीर और जानलेवा संक्रमण है। यह मुख्य रूप से संक्रमित व्यक्ति या जानवर के खून और शारीरिक तरल पदार्थों के संपर्क में आने से फैलता है। इस वायरस के प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, कमजोरी, मांसपेशियों और सिर में दर्द, उल्टी और दस्त शामिल हैं।



गंभीर मामलों में आंतरिक या बाहरी रक्तस्राव भी हो सकता है। इबोला का ऊष्मायन काल आमतौर पर दो से 21 दिनों के बीच होता है। इसका कोई विशेष इलाज नहीं है, इसलिए प्राथमिक रोकथाम और सतर्कता बेहद जरूरी है।



इबोला से बचाव

इबोला से बचाव के लिए सबसे जरूरी है संक्रमण के स्रोत से दूरी बनाए रखना और हाथों की स्वच्छता बनाए रखना। संक्रमित व्यक्ति या जानवर के संपर्क में आने से बचना चाहिए। अगर बुखार या किसी अन्य लक्षण के संकेत दिखें, तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें और सरकारी निर्देशों का पालन करें।



यात्रा करने से पहले स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी अलर्ट और निर्देशों को ध्यान से देखें। एयरपोर्ट पर की जाने वाली जांच और निगरानी का मकसद भी संक्रमण के फैलाव को रोकना और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।



FAQ

  1. क्या छत्तीसगढ़ में इबोला का कोई मामला है?
    अभी तक भारत में और छत्तीसगढ़ में कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है।
  2. एयरपोर्ट पर यात्रियों की जांच कैसे होती है?
    स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्कैनिंग मशीन से बुखार जांच और ट्रैवल हिस्ट्री की निगरानी की जाती है।
  3. संदिग्ध मरीजों के लिए क्या प्रावधान हैं?
    यदि किसी यात्री में संदिग्ध लक्षण पाए जाते हैं तो उसे आइसोलेशन में रखा जाता है और उपचार सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।
  4. इबोला कैसे फैलता है?
    इबोला संक्रमित व्यक्ति या जानवर के खून और शारीरिक तरल पदार्थों के संपर्क से फैलता है।

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