एक्सिस बैंक के मैनेजर ने बदला ग्राहक का नंबर, रातों-रात पार किए लाखों
समझें क्या है पूरा मामला
- रायपुर में बैंक खाते से 14.97 लाख की ठगी
- मोबाइल नंबर बदलकर खाते से उड़ाए 14.97 लाख
- एक्सिस बैंक का डिप्टी मैनेजर गिरफ्तार
- फर्जी आवेदन से बदला ग्राहक का मोबाइल नंबर
- पूर्व बैंक कर्मचारी की भूमिका की भी जांच जारी
रायपुर में बैंक खाते से करीब 14.97 लाख रुपए निकालने का मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने एक्सिस बैंक के डिप्टी मैनेजर कुलदीप सिंह बिसेन को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि ग्राहक के खाते में दर्ज मोबाइल नंबर बदला गया। इसके बाद मोबाइल बैंकिंग के जरिए रकम दूसरे खाते में भेजी गई।
मामला एक्सिस बैंक की देवेंद्र नगर शाखा से जुड़ा है। पुलिस अब एक पूर्व बैंक कर्मचारी की भूमिका भी जांच रही है। बैंक रिकॉर्ड और डिजिटल लेनदेन के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
कम इस्तेमाल होने वाले खाते पर रखी नजर
पुलिस जांच के मुताबिक, बिलासपुर निवासी वरिष्ठ नागरिक सुषमा कुमार का बैंक खाता निशाने पर था। यह खाता लंबे समय से कम इस्तेमाल हो रहा था। आरोपियों को खाते से जुड़ी जानकारी मिलने के बाद ठगी की योजना बनाई गई।
पुलिस का आरोप है कि डिप्टी मैनेजर कुलदीप सिंह बिसेन ने खाते की जानकारी अपने साथी से साझा की। यह साथी पहले एक्सिस बैंक में काम कर चुका है। इसके बाद ग्राहक के नाम से कथित फर्जी आवेदन तैयार किया गया।
फर्जी आवेदन से मोबाइल नंबर बदलने का आरोप
पुलिस के अनुसार, ग्राहक के नाम से कस्टमर एप्लीकेशन फॉर्म तैयार किया गया। इस आवेदन को बैंक की आधिकारिक ई-मेल आईडी पर भेजा गया।
देवेंद्र नगर शाखा में तैनात कुलदीप ने इस आवेदन को प्रोसेस किया। इसके बाद ग्राहक के बैंक खाते में दर्ज मोबाइल नंबर बदल गया।
मोबाइल नंबर बदलने के बाद खाते पर आरोपियों का नियंत्रण आसान हो गया। पुलिस का कहना है कि इसके जरिए मोबाइल बैंकिंग एक्टिव की गई।
मोबाइल बैंकिंग की लिमिट भी बढ़ाई
मोबाइल बैंकिंग शुरू होने के बाद ट्रांजेक्शन लिमिट बढ़ाई गई। इसके बाद योगेश येडे के खाते को बेनिफिशियरी के रूप में जोड़ा गया। पुलिस जांच में सामने आया कि ग्राहक की एफडी भी समय से पहले बंद की गई। एफडी की रकम सेविंग खाते में ट्रांसफर की गई।
इसके बाद करीब 14.97 लाख रुपए योगेश येडे के इंडियन सेल्स नाम वाले खाते में भेजे गए। पुलिस के मुताबिक, खाते की वास्तविक ग्राहक को इन गतिविधियों की जानकारी नहीं थी।
सेल्फ चेक से दो बार निकाली गई रकम
पुलिस के अनुसार, रकम दूसरे खाते में पहुंचने के बाद इसे नकद निकाला गया। पंडरी स्थित एक्सिस बैंक की शाखा से सेल्फ चेक का इस्तेमाल किया गया।
दो अलग-अलग बार में नकदी निकालने की बात सामने आई है। इस तरह करीब 14.97 लाख रुपए खाते से बाहर कर दिए गए। ग्राहक को जब इस लेनदेन की जानकारी मिली, तब मामला बैंक प्रबंधन तक पहुंचा।
बैंक की आंतरिक जांच में खुला मामला
घटना सामने आने के बाद बैंक स्तर पर जांच शुरू की गई। इसमें खाते से जुड़े आवेदन, मोबाइल नंबर बदलने और रकम ट्रांसफर होने की जानकारी जांची गई। बैंक अधिकारियों ने ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड भी खंगाले। इसके बाद मौजूदा शाखा प्रबंधक ने गंज थाने में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत मिलने पर पुलिस ने बैंकिंग रिकॉर्ड अपने कब्जे में लिए। ई-मेल, मोबाइल बैंकिंग गतिविधियों और कैश निकासी से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की गई।
पुलिस ने डिप्टी मैनेजर को किया गिरफ्तार
जांच में मिले दस्तावेजों और अन्य सबूतों के आधार पर कुलदीप सिंह बिसेन को गिरफ्तार किया गया। कुलदीप की उम्र 26 वर्ष बताई गई है। वह मूल रूप से मध्यप्रदेश के सतना का रहने वाला है। पुलिस पूछताछ में एक पूर्व एक्सिस बैंक कर्मचारी का नाम भी सामने आया है। पुलिस उसके संबंध में जानकारी जुटा रही है।
बाकी लोगों की भूमिका की भी जांच
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि पूरी ठगी में कितने लोग शामिल थे। रकम जिस खाते में भेजी गई, उससे जुड़े व्यक्ति की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
पुलिस बैंक से मिले डिजिटल रिकॉर्ड का मिलान कर रही है। फर्जी आवेदन किसने तैयार किया और नकदी किसने निकाली, इसकी भी जांच जारी है।
मामले में आगे और गिरफ्तारी होने की संभावना से इनकार नहीं किया गया है। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध सबूतों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
FAQ
- बैंक खाते में मोबाइल नंबर बिना ग्राहक की जानकारी के कैसे बदला गया?
पुलिस के अनुसार, कथित फर्जी कस्टमर एप्लीकेशन फॉर्म के जरिए मोबाइल नंबर बदला गया। - खाते से 14.97 लाख रुपए कैसे निकाले गए?
पहले मोबाइल बैंकिंग चालू की गई, फिर एफडी तोड़कर रकम दूसरे खाते में भेजी गई। - क्या इस मामले में और लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है?
पुलिस एक पूर्व बैंक कर्मचारी समेत अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
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