राहुल-भूपेश की हिरासत पर रायपुर में बवाल, पुलिस-कांग्रेस में भारी धक्का-मुक्की
समझें क्या है पूरा मामला
Raipur। दिल्ली में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिए जाने का असर रायपुर तक पहुंच गया। दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के विरोध में आज मंगलवार को राजधानी रायपुर में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। अंबेडकर चौक से लोकभवन की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने रास्ते में रोक दिया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई।
कांग्रेस कार्यकर्ता बड़ी संख्या में अंबेडकर चौक पर जमा हुए थे। यहां से उन्होंने लोकभवन की ओर मार्च शुरू किया। प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए गए और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को लोकभवन तक पहुंचने से पहले ही बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया।
बैरिकेडिंग पर पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ता आमने-सामने
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस की बैरिकेडिंग पार कर आगे बढ़ने की कोशिश की। पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो मौके पर धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। आगे जाने की अनुमति नहीं मिलने पर कई कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता सड़क पर बैठ गए और वहीं धरना शुरू कर दिया।
कांग्रेस की मांग है कि नीट परीक्षा से जुड़े विवाद पर संसद में चर्चा कराई जाए। साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा लिया जाए। प्रदर्शनकारियों ने छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग भी उठाई।
दिल्ली में कांग्रेस नेताओं को लिया गया हिरासत में
रायपुर में यह प्रदर्शन दिल्ली में हुई कार्रवाई के बाद शुरू हुआ। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रधानमंत्री आवास के पास प्रदर्शन कर रहे थे। उनकी मांग थी कि संसद में नीट परीक्षा और इससे जुड़े विवाद पर चर्चा हो।
करीब तीन घंटे तक चले विरोध प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, प्रियंका गांधी वाड्रा, कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत कई कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिया। प्रदर्शन के दौरान कुछ नेताओं ने विरोध के प्रतीक के रूप में अपने हाथ रस्सी से बांध रखे थे। पुलिस ने बाद में प्रदर्शनकारी नेताओं को बसों में बैठाकर धरनास्थल से हटाया।
भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी
हिरासत में लिए जाने के बाद भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दिल्ली पुलिस उन्हें अन्य कांग्रेस नेताओं के साथ बस में बैठाकर ले गई है।
बघेल ने अपनी पोस्ट में यह भी आरोप लगाया कि कार्रवाई के दौरान उनका एक जूता भी पुलिस के पास रह गया। दिल्ली में बघेल को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आने के बाद छत्तीसगढ़ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ गई और रायपुर में तत्काल विरोध तेज हो गया।
राहुल गांधी ने क्या कहा?
राहुल गांधी ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि कांग्रेस नीट परीक्षा और छात्रों से जुड़े मुद्दे पर संसद में चर्चा चाहती है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस मामले में जवाब देने की मांग की। राहुल गांधी के मुताबिक यदि सरकार संसद में चर्चा कराने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के मुद्दे पर स्पष्ट आश्वासन देती है तो कांग्रेस अपना विरोध खत्म करने पर विचार करेगी। प्रदर्शन से पहले भी राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने छात्रों के मुद्दे पर जवाबदेही तय करने की मांग करते हुए कहा था कि कांग्रेस इस विषय को संसद और सड़क दोनों जगह उठाएगी।
छत्तीसगढ़ में भी बढ़ा राजनीतिक टकराव
दिल्ली की घटना के बाद छत्तीसगढ़ में भी राजनीतिक माहौल गरमा गया है। रायपुर के अलावा प्रदेश के दूसरे हिस्सों में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ओर से विरोध किए जाने की बात सामने आई है। रायपुर में लोकभवन तक मार्च करने की कोशिश के दौरान पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी। प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोके जाने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता सड़क पर बैठकर नारेबाजी करते रहे।
IMP FACTS
तारीख: 21 जुलाई 2026
स्थान: रायपुर, छत्तीसगढ़
प्रदर्शन स्थल: अंबेडकर चौक से लोकभवन की ओर मार्च
मुख्य वजह: राहुल गांधी, भूपेश बघेल समेत कांग्रेस नेताओं की हिरासत का विरोध
दिल्ली में हिरासत: राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, डी.के. शिवकुमार, भूपेश बघेल समेत कई नेता
धरने की अवधि: करीब 3 घंटे
मुख्य मांग: NEET मामले पर संसद में चर्चा
दूसरी मांग: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा
रायपुर में स्थिति: पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को लोकभवन की ओर बढ़ने से रोका
घटना: पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की
इसके बाद: कांग्रेस कार्यकर्ता सड़क पर बैठकर धरना देने लगे
अन्य मांग: छात्रों पर दर्ज FIR वापस लेने की मांग
निष्कर्ष
दिल्ली में राहुल गांधी और भूपेश बघेल समेत कांग्रेस नेताओं की हिरासत ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में भी नया टकराव पैदा कर दिया है। कांग्रेस नीट विवाद, छात्रों से जुड़े मामलों और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दबाव बढ़ा रही है। वहीं रायपुर में लोकभवन मार्च के दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हुई धक्का-मुक्की के बाद मामला और गरमा गया है।
FAQ
- रायपुर में कांग्रेस ने प्रदर्शन क्यों किया?
दिल्ली में राहुल गांधी, भूपेश बघेल समेत कई कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिए जाने के विरोध में रायपुर में कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। - रायपुर में कांग्रेस की मुख्य मांग क्या थी?
कांग्रेस ने NEET मामले पर संसद में चर्चा कराने, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और छात्रों पर दर्ज FIR वापस लेने की मांग की। - लोकभवन मार्च के दौरान क्या हुआ?
अंबेडकर चौक से लोकभवन की ओर बढ़ रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोक दिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई, जिसके बाद कार्यकर्ता सड़क पर धरने पर बैठ गए।
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