27 करोड़ का GST घोटाला: DGGI ने पकड़ी फर्जी आईटीसी बिलिंग, मास्टरमाइंड निकला रोहित टन्ना

Harrison Masih | Apr 29, 2026, 20:05 IST
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रायपुर में डीजीजीआई की जांच में एक बड़े फर्जी आईटीसी घोटाले का खुलासा हुआ है, जिसमें शहरी निर्माण की आड़ में 27 करोड़ का गबन हुआ। बिना माल की आपूर्ति किए, फर्जी बिलों के जरिए अवैध आईटीसी का लाभ लिया गया।

Raipur. छत्तीसगढ़ के रायपुर में डीजीजीआई (डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस) ने एक बड़े फर्जी आईटीसी (Input Tax Credit) घोटाले का पर्दाफाश किया है, जिसमें एक फर्म ने बिना वास्तविक माल की आपूर्ति के फर्जी बिलों के जरिए आईटीसी का अवैध लाभ लिया। इस घोटाले का मुख्य आरोपी रोहन टन्ना को बताया गया है, और जांच में उनके अलावा अन्य व्यक्तियों की भी भूमिका की तलाश की जा रही है।



क्या है पूरा मामला?

डीजीजीआई के अनुसार, M/s Shristi Construction (GSTIN: 22BZIPP0049L1ZA) के माध्यम से लगभग ₹27.80 करोड़ का फर्जी आईटीसी का लेन-देन किया गया है। इसमें ₹17.18 करोड़ का अवैध लाभ प्राप्त किया गया और ₹10.62 करोड़ की राशि को आगे की फर्मों को पास किया गया। यह कार्रवाई सीजीएसटी अधिनियम, 2017 की धारा 16 का उल्लंघन करती है। धारा 132 के तहत यह कृत्य संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध की श्रेणी में आता है।



मुख्य आरोपी और गिरफ्तारियां

जांच में इस घोटाले के प्रमुख आरोपियों में से एक के रूप में रोहन टन्ना का नाम सामने आया है। डीजीजीआई रायपुर द्वारा की जा रही जांच में चंदन गुप्ता नामक एक अन्य प्रमुख आरोपी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है और वह वर्तमान में न्यायिक हिरासत में है। इस मामले में अब रोहन टन्ना की गिरफ्तारी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि उनके खिलाफ पहले से कई अन्य जांच भी लंबित हैं।



कैसे हुआ घोटाला?

फर्जी आईटीसी का यह घोटाला बिना वास्तविक माल की आपूर्ति किए, केवल कागजी बिलों के माध्यम से किया गया था, जिसके जरिए अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किए बिना विभिन्न कंपनियों को अवैध लाभ पहुंचाया गया। इस धोखाधड़ी के माध्यम से विभिन्न फर्मों को फर्जी तरीके से टैक्स क्रेडिट दिया गया, जिससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान हुआ।



आगे की जांच:

डीजीजीआई रायपुर ने मामले (Raipur Fake Billing Case) की आगे की जांच को जारी रखा है और अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका का भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि वे इस घोटाले में शामिल सभी व्यक्तियों को जल्द ही सजा दिलवाने के लिए काम कर रहे हैं। यह घोटाला जीएसटी से संबंधित कानूनों की गंभीर अवहेलना है, और अधिकारियों ने देशभर में ऐसे मामलों पर कड़ी निगरानी रखने का संकल्प लिया है।



डीजीजीआई का बयान:

डीजीजीआई के एक प्रवक्ता ने बताया, "हम इस मामले में पूरी तरह से सक्रिय हैं और मामले की जांच में तेजी से प्रगति हो रही है। हमारे उद्देश्यों में किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना शामिल है, ताकि टैक्स चोरी को रोका जा सके और सरकारी राजस्व की सुरक्षा की जा सके।"



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