रायपुर आंबेडकर अस्पताल में बच्ची के कान से निकाला सालभर पुराना लोहे का छर्रा

Aishwarya Dwivedi | Jul 17, 2026, 15:55 IST
रायपुर: लड़की के कान से लोहे का छर्रा निकालने की सर्जरी
रायपुर के आंबेडकर अस्पताल में 9 साल की बच्ची के कान से एक साल पुराना लोहे का छर्रा निकाला गया। डॉक्टरों ने तीन घंटे की जटिल सर्जरी से बच्ची की सुनने की क्षमता बचाई।

समझें क्या है पूरा मामला

  • रायपुर के आंबेडकर अस्पताल में नौ साल की बच्ची का सफल ऑपरेशन हुआ।
  • बच्ची के बाएं कान में एक साल से लोहे का छर्रा फंसा हुआ था।
  • जटिल सर्जरी कर डॉक्टरों ने बच्ची के सुनने की क्षमता को सुरक्षित किया।
  • ऑपरेशन के दौरान कान का पर्दा और सुनने की हड्डियां दोबारा बनाई गईं।
  • समय पर इलाज होने से बच्ची अब पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ है।

डॉक्टरों ने बचाया बच्ची का कान

रायपुर के डॉ. भीमराव आंबेडकर स्मृति चिकित्सालय में एक बड़ा चमत्कार हुआ है। यहाँ के डॉक्टरों ने एक नौ साल की बच्ची की सुनने की क्षमता बचा ली। बच्ची के बाएं कान में पिछले एक साल से लोहे का छर्रा फंसा था। इससे उसके कान का पर्दा और सुनने वाली हड्डियां पूरी तरह खराब हो चुकी थीं।



अस्पताल के ईएनटी विभाग की टीम ने तीन घंटे तक बेहद जटिल ऑपरेशन किया। डॉक्टरों ने सूक्ष्म तकनीक से छर्रे को बिना किसी नुकसान के बाहर निकाला। ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों के सामने चेहरे की नस को बचाने की बड़ी चुनौती थी। जरा सी भी चूक होने पर बच्ची का चेहरा हमेशा के लिए तिरछा हो सकता था।



रायपुर आंबेडकर अस्पताल


तीन घंटे की हुई सर्जरी

डॉक्टरों ने बच्ची के खुद के ऊतकों से टिम्पैनोप्लास्टी और ऑसिक्युलोप्लास्टी की। इससे कान के पर्दे और क्षतिग्रस्त हड्डियों का सफलतापूर्वक पुनर्निर्माण किया गया। अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक समय पर सर्जरी होना बहुत जरूरी था। देरी होने पर बच्ची हमेशा के लिए बहरी हो सकती थी। इसके अलावा संक्रमण दिमाग तक फैलने का भी बड़ा खतरा बना हुआ था।



डॉक्टरों ने दी बड़ी राहत

अस्पताल प्रबंधन ने इसे एक बेहद चुनौतीपूर्ण और सफल सर्जरी बताया है। यह ऑपरेशन अस्पताल की ईएनटी ENT (Ear, Nose, Throat) विशेषज्ञ टीम की देखरेख में पूरा हुआ। ऑपरेशन के बाद अब बच्ची पूरी तरह स्वस्थ है। डॉक्टरों को उम्मीद है कि उसकी सुनने की क्षमता जल्द सामान्य हो जाएगी।



अभिभावकों के लिए जरूरी सलाह

अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने सभी अभिभावकों के लिए एक जरूरी अपील जारी की है। डॉक्टरों ने कहा है कि बच्चों को कान या नाक में कोई भी बाहरी वस्तु डालने से रोकें। अगर ऐसी कोई घटना हो जाती है, तो घर पर कोई घरेलू उपाय न करें। घरेलू नुस्खों से संक्रमण और नुकसान बढ़ने का खतरा रहता है। ऐसी स्थिति में तुरंत नजदीकी ईएनटी विशेषज्ञ डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।





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