रायपुर के मॉल्स में अब नहीं देने पड़ेंगे पार्किंग के पैसे, उपभोक्ता फोरम ने लगाई रोक
News In Short
- रायपुर के मॉल्स में 10 से 30 रूपए तक पार्किंग शुल्क लिया जा रहा है।
- उपभोक्ता फोरम ने इसे बंद करने का आदेश दिया।
- मॉल प्रशासन का कहना है कि शुल्क पार्किंग व्यवस्था और सुरक्षा के लिए लिया जा रहा है।
- फोरम ने मॉल के तर्क को खारिज करते हुए इसे अवैध बताया।
- यदि शुल्क जारी रहा, तो मॉल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
News In Details
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में मॉल के पार्किंग शुल्क को लेकर विवाद गहरा गया है। उपभोक्ता फोरम ने मॉल के पार्किंग शुल्क को अवैध करार देते हुए इसे तुरंत बंद करने का आदेश दिया है। रायपुर के विभिन्न मॉल्स में पार्किंग के लिए 10 से 30 रूपए तक शुल्क लिया जा रहा है, जिसे उपभोक्ताओं द्वारा गलत और अवैध बताया जा रहा है। उपभोक्ता फोरम के अनुसार, मॉल्स के पास कोई वैध प्राधिकरण नहीं है जिससे वे पार्किंग शुल्क वसूल सकते हैं, और इस प्रकार उनका यह शुल्क अत्यधिक और अनुचित है।
मॉल में शुल्क लेने का मामला
रायपुर के प्रमुख मॉल्स में शॉपिंग करने के लिए आने वाले ग्राहकों से पार्किंग शुल्क लिया जा रहा है, जो कि उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का कारण बन गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इन मॉल्स में पार्किंग के लिए 10 से लेकर 30 रूपए तक वसूले जा रहे हैं, जो मॉल के बाहर खड़ी कारों के लिए एक नियमित शुल्क बन गया है। कई उपभोक्ताओं ने इस पर विरोध जताया है और इसे गलत ठहराया है, क्योंकि मॉल के अधिकारियों के पास इसके लिए कोई आधिकारिक अनुमति नहीं है।
उपभोक्ता फोरम का आदेश
उपभोक्ता फोरम ने इस संदर्भ में एक अहम फैसला सुनाया है। फोरम ने कहा कि पार्किंग शुल्क लेना अवैध है, क्योंकि यह मॉल्स के दायित्व में नहीं आता। उन्होंने मॉल प्रशासन को तत्काल यह शुल्क बंद करने का आदेश दिया और चेतावनी दी कि अगर इसे जारी रखा गया तो मॉल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मॉल प्रबंधन की प्रतिक्रिया
वहीं, मॉल प्रबंधन ने इस मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि यह शुल्क मॉल के पार्किंग क्षेत्र के रखरखाव के लिए लिया जा रहा है। प्रबंधन के मुताबिक, शुल्क से होने वाली आय का इस्तेमाल पार्किंग व्यवस्था (Free parking) को बेहतर बनाने और सुरक्षा उपायों को मजबूत करने के लिए किया जाता है।
हालांकि, उपभोक्ता फोरम ने मॉल प्रबंधन के इस तर्क को खारिज कर दिया और कहा कि बिना उपभोक्ताओं की सहमति के शुल्क लिया जाना अवैध है। इसके अलावा, फोरम ने यह भी कहा कि मॉल को इसके लिए स्पष्ट अनुमति प्राप्त नहीं है, जिससे यह शुल्क एक अवैध करार है।
कानूनी कदम और उपभोक्ताओं की उम्मीद
अब देखना यह होगा कि मॉल प्रशासन इस आदेश के खिलाफ कोई कदम उठाता है या इस पर तत्काल कार्रवाई करता है। उपभोक्ता समुदाय की मांग है कि मॉल्स में पार्किंग शुल्क को पूरी तरह से खत्म किया जाए या फिर इसका पुनः मूल्यांकन किया जाए।
इस मामले में उपभोक्ताओं को अब उम्मीद है कि मॉल्स द्वारा वसूला जा रहा शुल्क जल्द ही समाप्त हो जाएगा, और उन्हें बिना किसी शुल्क के मॉल की सुविधाओं का इस्तेमाल करने का अधिकार मिलेगा।
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