भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा से साइबर ठगी, राष्ट्रीय अध्यक्ष का PA बनकर ऐंठे पैसे
रायपुर में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। ठगों ने इस बार आम लोगों नहीं बल्कि भाजपा विधायक को अपना निशाना बनाया। साइबर जालसाज ने खुद को भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष का निजी सहायक (PA) बताकर विधायक पुरंदर मिश्रा से 10 हजार रुपए ठग लिए। मामले का खुलासा होने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है।
भाजपा अध्यक्ष का पीए बनकर किया फोन
जानकारी के मुताबिक विधायक पुरंदर मिश्रा को एक अनजान नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का निजी सहायक बताया। उसने कहा कि तत्काल एक जरूरी काम के लिए छोटी आर्थिक मदद चाहिए।
शुरुआत में आरोपी ने विधायक से 4,500 रुपए भेजने का अनुरोध किया। बातचीत के दौरान उसने इतनी सफाई और विश्वास के साथ बात की कि विधायक को शक नहीं हुआ। इसके बाद आरोपी ने अलग-अलग बहानों से कुल 10 हजार रुपए अपने खाते में ट्रांसफर करवा लिए।
पुष्टि होते ही खुला ठगी का राज
कुछ समय बाद विधायक को कॉल और नंबर पर संदेह हुआ। जब उन्होंने संबंधित लोगों से संपर्क कर जानकारी की पुष्टि की, तब पता चला कि ऐसा कोई पीए नहीं है और पूरा मामला साइबर फ्रॉड का है। इसके बाद विधायक ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
खम्हारडीह थाने में FIR दर्ज
मामले की जानकारी मिलते ही विधायक पुरंदर मिश्रा ने खम्हारडीह थाना पहुंचकर अज्ञात आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय नेताओं के नाम का गलत इस्तेमाल कर लोगों से ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
विधायक ने पुलिस से मांग की है कि आरोपी की जल्द पहचान कर उसे गिरफ्तार किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
बढ़ रहे साइबर ठगी के मामले
प्रदेश में हाल के दिनों में साइबर अपराधों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। ठग अब नेताओं, अधिकारियों और प्रतिष्ठित लोगों के नाम का इस्तेमाल कर लोगों को निशाना बना रहे हैं। कभी फर्जी कॉल, तो कभी सोशल मीडिया और मैसेज के जरिए लोगों से पैसे ऐंठे जा रहे हैं।
साइबर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, मैसेज या ऑनलाइन भुगतान अनुरोध पर तुरंत भरोसा न करें। पैसा भेजने से पहले संबंधित व्यक्ति या संस्था से आधिकारिक तौर पर पुष्टि जरूर करें।
पुलिस कर रही जांच
पुलिस अब कॉल डिटेल, बैंक ट्रांजैक्शन और मोबाइल नंबर की जांच में जुट गई है। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि यह किसी संगठित साइबर गिरोह का काम हो सकता है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
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