पीएम किसान योजना : रायपुर में मुर्दों और अपात्रों के खातों में गई किस्त
समझें क्या है पूरा मामला
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में रायपुर जिले में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है। अब तक 1750 किसानों के नाम पोर्टल से हटाए जा चुके हैं। इनमें एक ही परिवार के कई सदस्य जो लाभ ले रहे थे और मृत किसान दोनों शामिल हैं। 11 हजार संदिग्ध किसानों की सूची आई है जिनका भौतिक सत्यापन जारी है। 23वीं किस्त में 35 लाख रुपए की कटौती हुई। 4822 किसानों के संयुक्त बैंक खाते भी जांच के घेरे में हैं।
कैसे हुआ फर्जीवाड़ा
इस योजना के तहत पात्र किसानों को साल में 6 हजार रुपए तीन किस्तों में यानी हर बार 2 हजार रुपए मिलते हैं। जांच में सामने आया कि एक ही परिवार में एक से अधिक सदस्य इस योजना का लाभ ले रहे थे।
इसके अलावा जिन किसानों की मृत्यु हो चुकी थी उनके परिवार ने विभाग को सूचना नहीं दी। परिणाम यह हुआ कि मृत किसानों के खातों में भी किस्त जाती रही।
मृत किसानों को भी मिलती रही किस्त
योजना शुरू होने से अप्रैल 2026 तक रायपुर जिले में 2239 किसानों की मृत्यु हो चुकी है। कोविड काल में भी कई किसान गुजरे, लेकिन उनके बाद भी योजना की राशि खाते में जाती रही।
इसकी दो वजह रहीं — परिजनों ने विभाग को सूचना नहीं दी और विभाग ने भौतिक सत्यापन नहीं किया। अब मृत किसानों के नाम पोर्टल से हटा दिए गए हैं। उनके परिवार के पात्र सदस्य फौती कराकर योजना से दोबारा जुड़ सकते हैं।
23वीं किस्त में 35 लाख की कटौती
केंद्र सरकार ने हाल ही में 23वीं किस्त जारी की। इस बार सक्रिय किसानों की संख्या 91 हजार 845 रही और 18 करोड़ 36 लाख रुपए जारी हुए। पिछली 22वीं किस्त में 92 हजार 578 किसानों को 18 करोड़ 71 लाख रुपए मिले थे। यानी इस बार 35 लाख रुपए कम जारी हुए। यही वह राशि है जो 1750 अपात्र किसानों के नाम हटने से बची।
4822 संयुक्त खाते — नई समस्या
भौतिक सत्यापन में 4822 ऐसे किसान मिले जिनके बैंक खाते पति-पत्नी दोनों के नाम पर यानी संयुक्त रूप से खुले हैं। कुछ मामलों में पति या पत्नी की मृत्यु के बाद भी फौती कराए बिना किस्त खाते में आती रही। रायपुर कृषि विभाग के उप संचालक सतीश अवस्थी ने बताया कि अब इन 4822 किसानों को व्यक्तिगत नाम पर खाते खुलवाने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
कौन हैं अपात्र किसान
जांच में सरकारी नौकरी करने वाले, आईटीआर (ITR – Income Tax Return) दाखिल करने वाले और पेंशनधारी भी योजना का लाभ लेते पाए गए। ये सभी इस योजना के दायरे से बाहर हैं। 1310 ऐसे अपात्र किसानों की सूची मुख्यालय को भेजी जा चुकी है।
जांच अभी जारी है
11 हजार संदिग्ध किसानों का भौतिक सत्यापन अभी चल रहा है। जैसे-जैसे अपात्र सामने आ रहे हैं उन्हें हटाने की सूची मुख्यालय भेजी जा रही है। विभाग का कहना है कि पात्र किसानों को परेशानी न हो इसका भी ध्यान रखा जा रहा है।
FAQ
- PM किसान सम्मान योजना क्या है और इसमें कितनी राशि मिलती है?
उ. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसानों को साल में 6 हजार रुपए तीन किस्तों में दिए जाते हैं। हर किस्त 2 हजार रुपए की होती है और सीधे बैंक खाते में आती है। यह राशि केंद्र सरकार देती है। - रायपुर में PM किसान घोटाले में किन लोगों के नाम हटाए गए?
उ. एक ही परिवार के कई सदस्य जो लाभ ले रहे थे, मृत किसान जिनके नाम से किस्त जा रही थी और सरकारी कर्मचारी, आईटीआर धारक व पेंशनधारी जो अपात्र थे — इन सबके नाम हटाए गए हैं। अब तक 1750 नाम हटे हैं और 11 हजार की जांच जारी है। - क्या संयुक्त बैंक खाते वाले किसानों को योजना से हटाया जाएगा?
उ. नहीं, हटाया नहीं जाएगा लेकिन उन्हें अब व्यक्तिगत नाम पर बैंक खाता खुलवाना होगा। रायपुर जिले में 4822 ऐसे किसान चिन्हांकित हैं। विभाग ने उन्हें व्यक्तिगत खाते खुलवाने के निर्देश दिए हैं।
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