छत्तीसगढ़ पुलिस ने महिला को रातभर थाने में बिठाया, रिपोर्ट भी नही लिखी

Arun Tiwari | Jun 06, 2026, 22:30 IST
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छत्तीसगढ़ में महिला को छेड़छाड़ और मारपीट की शिकायत दर्ज कराने थाने जाना पड़ा, लेकिन थाना प्रभारी और पुलिसकर्मियों ने उसकी शिकायत को नजरअंदाज किया। महिला को 5 जून की रात पूरी रात थाने में बैठाया गया, लेकिन रिपोर्ट नहीं लिखी गई।

NEWS IN SHORT

  • महिला की शिकायत पुलिस ने नहीं सुनी, पूरी रात थाने में बैठाया
  • छेड़छाड़ और मारपीट की शिकायत दर्ज कराने गई थी महिला
  • जन चौपाल में मुख्यमंत्री के सामने पीड़ा जताई महिला ने
  • मुख्यमंत्री ने तुरंत जांच कराने और कार्रवाई के निर्देश दिए
  • प्रशासन और पुलिस महकमे में मची हलचल, निगाहें अब जांच पर

NEWS IN DETAIL

Raipur: छत्तीसगढ़ पुलिस की कार्यप्रणाली देखिए। एक महिला शिकायत लेकर पुलिस के पास पहुंचती है। थाने में टीआई भी मौजूद थे। महिला को रातभर थाने में बैठाया जाता है और उसकी रिपोर्ट भी नहीं लिखी जाती। पुलिस के लिए ये आम बात होगी लेकिन मामला सीएम तक पहुंच गया। क्या है पूरा मामला आपको बताते हैं।



सीएम के सामने खुली पुलिस की पोल

सुशासन तिहार के तहत आयोजित जन चौपाल में उस समय माहौल गंभीर हो गया, जब एक महिला ने मुख्यमंत्री के सामने ही पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए। सिरली गांव की रहने वाली महिला ने सक्ती थाना प्रभारी (TI) पर उसकी शिकायत को नजरअंदाज करने और घंटों थाने में बैठाए रखने का आरोप लगाया। महिला ने दावा किया कि वह छेड़छाड़ और मारपीट की शिकायत दर्ज कराने थाने पहुंची थी, लेकिन पूरी रात न्याय की गुहार लगाने के बावजूद उसकी बात नहीं सुनी गई। महिला की शिकायत सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने मामले की जांच कराने के निर्देश दिए।



जान चौपाल में शिकायत

ठठारी गांव में आयोजित जन चौपाल में बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे थे। इसी दौरान सिरली गांव की एक महिला ने मंच के सामने आकर अपनी पीड़ा सुनाई। महिला ने बताया कि उसके साथ छेड़छाड़ और मारपीट की घटना हुई थी, जिसके बाद वह न्याय की उम्मीद लेकर सक्ती थाने पहुंची थी। लेकिन वहां उसे राहत मिलने के बजाय निराशा हाथ लगी।



महिला के अनुसार, वह 5 जून की रात अपनी शिकायत दर्ज कराने थाने गई थी। उसने आरोप लगाया कि थाना प्रभारी और पुलिसकर्मियों ने उसकी शिकायत पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया। उसे घंटों थाने में बैठाकर रखा गया और रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। पीड़िता ने कहा कि वह रात करीब 3 बजे तक थाने में मौजूद रही, लेकिन उसकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।



थाने के चक्कर काट रही महिला

जन चौपाल में महिला ने मुख्यमंत्री को बताया कि वह पिछले 15 दिनों से लगातार थाने के चक्कर लगा रही है। कई बार अधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद उसकी शिकायत दर्ज नहीं की गई और न ही मामले में कोई ठोस कार्रवाई की गई। महिला ने कहा कि न्याय पाने के लिए उसे बार-बार पुलिस थाने के चक्कर काटने पड़ रहे हैं, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हो रही है।



सीएम ने बैठाई जांच

मुख्यमंत्री के सामने शिकायत रखते हुए महिला ने निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। महिला की बात सुनकर वहां मौजूद लोगों के बीच भी चर्चा शुरू हो गई। ग्रामीणों ने भी पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी जताई और पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग की।



सीएम ने दिए कार्रवाई के निर्देश

मुख्यमंत्री ने महिला की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने मंच से ही अधिकारियों को मामले की जांच कराने के निर्देश दिए। महिला की पूरी बात सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा, “ठीक है, दिखवाएंगे।” इसके साथ ही उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मामले की वस्तुस्थिति की जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।



क्या होगी कार्रवाई

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हलचल बढ़ गई है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और थाना प्रभारी के खिलाफ किसी प्रकार की कार्रवाई होती है या नहीं। इस घटना ने एक बार फिर पुलिस व्यवस्था और शिकायतों के निराकरण की प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं।



सुशासन तिहार का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं को सीधे सुनकर उनका समाधान करना है। ऐसे आयोजनों में अक्सर लोग अपनी शिकायतें सीधे मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष रखते हैं। सक्ती में सामने आया यह मामला भी इसी कड़ी का हिस्सा है, जहां एक महिला ने सार्वजनिक मंच से अपनी पीड़ा बयां कर न्याय की गुहार लगाई।



FAQ

  1. महिला थाने क्यों गई थी?
    महिला छेड़छाड़ और मारपीट की शिकायत दर्ज कराने थाने गई थी।
  2. पुलिस ने महिला की शिकायत पर क्या कार्रवाई की?
    पुलिस ने महिला की शिकायत दर्ज नहीं की और उसे पूरी रात थाने में बैठाया।
  3. सीएम ने मामले पर क्या कदम उठाए?
    मुख्यमंत्री ने तुरंत मामले की जांच कराने और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए।

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