राजगामी संपदा समिति में नई नियुक्तियां, राजनांदगांव की रियासतकालीन विरासत को मिले नए सारथी

VINAY VERMA | Apr 22, 2026, 18:43 IST
rajanandgaon-rajgami-sampada-new-president-purnima-sahu-manoj-nirvani
राजनांदगांव जिले की राजगामी संपदा समिति में नई नियुक्तियाँ की गई हैं। पूर्णिमा साहू को अध्यक्ष और मनोज निर्वाणी को उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह समिति पूर्व रियासतकालीन संपत्तियों का प्रबंधन करती हैं।

Rajnandgaon : छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले की ऐतिहासिक और बेशकीमती राजगामी संपदा समिति को लेकर बड़ी खबर आ रही है। राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए समिति में नई नियुक्तियों पर मुहर लगा दी है।



राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी ताजा आदेश के अनुसार, पूर्णिमा साहू को समिति का नया अध्यक्ष और मनोज निर्वाणी को उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।



क्या है पूरी खबर?

राजस्व विभाग के अवर सचिव त्रिलोचन पवार के हस्ताक्षर से जारी इस आदेश ने जिले की सियासत और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। पूर्णिमा साहू अब इस रसूखदार ट्रस्ट की कमान संभालेंगी। पूर्णिमा साहू, डोंगरगांव के मनेरी गांव की रहने वाली हैं।



वहीं, राजनांदगांव शहर के सोनापारा निवासी मनोज निर्वाणी को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह नियुक्तियां राजगामी संपदा समिति के उप-नियमों के तहत साधारण सभा द्वारा पारित प्रस्तावों के आधार पर की गई हैं।



क्या है राजगामी संपदा? क्यों है यह इतनी खास?

​ राजनांदगांव की 'राजगामी संपदा' कोई साधारण ट्रस्ट नहीं है, बल्कि यह देश की अनूठी व्यवस्थाओं में से एक है।


​रियासतकालीन विरासत: यह समिति पूर्व रियासतकाल के राजाओं द्वारा छोड़ी गई



अचल संपत्तियों के प्रबंधन का काम करती है। जब राजनांदगांव रियासत के अंतिम शासक का कोई उत्तराधिकारी नहीं रहा, तो उनकी अरबों की संपत्ति एक ट्रस्ट के अधीन आ गई।



452


परोपकार का जरिया : इस ट्रस्ट की हजारों एकड़ जमीन और भवन न केवल राजनांदगांव बल्कि देश के अन्य हिस्सों में भी फैले हुए हैं। इन संपत्तियों से होने वाली करोड़ों की आय का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य, मंदिरों के रख-रखाव और जनकल्याणकारी कार्यों में किया जाता है।



​सत्ता का केंद्र: राजगामी संपदा का अध्यक्ष बनना जिले की राजनीति में बहुत बड़ा रसूख माना जाता है, क्योंकि इस संस्था का सीधा सरोकार नगर विकास और करोड़ों की जमीन के आवंटन से जुड़ा होता है।



चुनौतियां और नई उम्मीदें

नई अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के सामने सबसे बड़ी चुनौती इन जमीनों को अतिक्रमण से मुक्त रखने और उनकी आय को पारदर्शी तरीके से जनकल्याण में लगाने की होगी।



अक्सर राजगामी की जमीनें विवादों और आवंटन की प्रक्रियाओं को लेकर चर्चा में रहती हैं। हाल के वर्षों में कई सामाजिक और खेल संस्थाओं को भूमि आवंटन के प्रस्तावों ने तूल पकड़ा था।



​अब देखना होगा कि नई टीम इस ऐतिहासिक विरासत को सहेजने और आम जनता तक इसका लाभ पहुँचाने में कितनी सफल होती।



इस आदेश के बाद स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया आ रही है। कहना है कि राजगामी संपदा समिति को लेकर किसी राजनैतिक हस्तक्षेप स्वीकार नहीं।



हालांकि कुछ लोग इस आदेश को सही ठहरा रहे हैं। बता दे कि यह समिति विवादों में रही है, पहले भी इस समिति के पदाधिकारियों को मनमाने तरीके से खर्च करने का आरोप लग चुका है।



यह खबरें भी पढ़े...

राजनांदगांव न्यूज :दुनियां में सबसे गर्म शहर रहा राजनांदगांव, तापमान 45 डिग्री तक पहुंचा



Chhattisgarh News :बिलासपुर-राजनांदगांव कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर



Rajnandgaon News :उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन कल राजनांदगांव दौरे पर, प्रशासन ने घोषित किया नो फ्लाइंग जोन



rajnandgaon news in hindi :छत्तीसगढ़ डीएमएफ घोटाले में ACB-EOW की बड़ी कार्रवाई: रायपुर, धमतरी,राजनांदगांव में खनन कारोबारियों के ठिकानों पर छापेमारी



Tags:
  • Chhattisgarh News
  • Rajnandgaon News
  • राजस्व विभाग
  • राजनांदगांव न्यूज
  • rajnandgaon news in hindi