राजनांदगांव गौ-हत्या मामले में एजाज अहमद समेत 14 गिरफ्तार, जशपुर में 50 किलो गौमांस बरामद
समझें क्या है पूरा मामला
- राजनांदगांव गौ-हत्या मामला कोतवाली थाना राजनांदगांव क्षेत्र का है।
- 12 और 14 अक्टूबर को दो जगह गाय के कटे सिर मिले।
- सीसीटीवी फुटेज से खुलासा हुआ और आरोपियों की पहचान हुई।
- रविवार को एजाज अहमद गिरफ्तार हुआ और दो महिलाएं भी पकड़ी गईं।
- जशपुर में भी 50 किलो गौमांस बरामद हुआ है।
कटे सिर मिलने के बाद सामने आया मामला?
12 अक्टूबर को निर्माणाधीन अंडरब्रिज के पास गाय का कटा सिर मिला। 14 अक्टूबर को गौरीनगर के शीतला तालाब के पास भी ऐसा ही मिला। सूचना मिलते ही हिंदू संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौके पर जुट गए।
उन्होंने मानव मंदिर चौक पर कटे सिर रखकर विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद वार्डवासियों ने कोतवाली थाने के बाहर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शनकारी थाने के सामने हनुमान चालीसा का पाठ करने लगे।
नवरात्रि में घटना, पार्षद पहुंचे थाने
घटना नवरात्रि के दौरान हुई थी। गौरी नगर के पार्षद हफीज खान भी शिकायत लेकर कोतवाली थाने पहुंचे। गंभीरता देख पुलिस ने स्पेशल टीम बनाई। टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे कैमरों की फुटेज खंगाली। सीसीटीवी फुटेज से खुलासा हुआ। देर रात संदिग्ध लोग सड़क पर बैठे मवेशियों को ले जाते दिखे।
फुटेज के आधार पर पुलिस ने गौरीनगर के अब्दुल अलीम उर्फ कनवा की पहचान की। उसे हिरासत में लिया गया।
पूछताछ में पुलिस को क्या बताया?
पुलिस के मुताबिक आरोपी ने गायों को हलाल करने की बात मानी। उसने मांस बेचने की बात भी स्वीकार की। कटे सिर पहचान छिपाने के लिए तालाब और अंडरब्रिज के पास फेंके गए।
इसके बाद बाकी आरोपी गिरफ्तार हुए। पुलिस ने उनका जुलूस निकाला। कोर्ट से 10 आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया। एक नाबालिग को बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया। न्यायिक रिमांड यानी अदालत के आदेश पर जेल में हिरासत।
एजाज अहमद गिरफ्तार कैसे हुआ?
घटना के बाद एजाज अहमद फरार हो गया था। वह मूल रूप से नागपुर का रहने वाला है। रविवार को एजाज अहमद गिरफ्तार हुआ। पुलिस ने उसे उसके गृह नगर से पकड़ा। नागपुर से आरोपी गिरफ्तार कर पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया। वहां से तीनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया। इनमें एजाज और दो महिलाएं शामिल हैं।
गौ-मांस खरीदने वाली महिलाएं कौन?
पुलिस ने गौरीनगर की खैरून निशा (60) और नसीमा बेगम (57) को पकड़ा। पूछताछ में दोनों ने गौ-मांस खरीदने की बात स्वीकार की। इसके बाद गौ-मांस खरीदने वाली महिलाएं गिरफ्तार कर ली गईं।
पुलिस के मुताबिक आरोपी गौ-मांस की बिक्री नागपुर तक करते थे। पुलिस अब इस नेटवर्क की जांच कर रही है। कुछ आरोपी गौ-मांस की दावत में भी शामिल रहे। शनिवार को सहयोग करने वाले 11 लोगों समेत कई आरोपी पकड़े गए थे। गिरफ्तार लोग गौरी नगर, स्टेशन पारा, कसाई पारा और शंकरपुर के रहने वाले हैं।
कोर्ट के बाहर आरोपियों की पिटाई
शनिवार को कोर्ट से बाहर लाते ही लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। भीड़ ने ‘फांसी दो-फांसी दो’ के नारे लगाए। आरोपियों को गाड़ी में बैठाते समय धक्का-मुक्की हुई। इस दौरान कोर्ट के बाहर आरोपियों की पिटाई हुई और उन पर स्याही फेंकी गई। पिटाई के बाद पुलिस ने भीड़ को खदेड़ा।
रविवार को बड़ी संख्या में वार्डवासी जुटे। उन्होंने बुलडोजर कार्रवाई की मांग की। उसी दिन नगर निगम की टीम ने एक आरोपी का अवैध कब्जा हटाया।
जशपुर में भी गौमांस मिला
राजनांदगांव के अलावा जशपुर में भी पुलिस ने कार्रवाई की। Jashpur beef seized का यह मामला कांसाबेल थाना क्षेत्र का है। 17 अक्टूबर को मुखबिर से सूचना मिली थी। सूचना सागीभावना गांव की थी। वहां फिलिममुड़ा पहाड़ के पास कुछ लोग गौवंश का वध कर रहे थे। Kansabel police मौके पर पहुंची और घेराबंदी की।
पुलिस के मुताबिक जशपुर में 50 किलो गौमांस बरामद हुआ। मौके पर जकरियस तिग्गा (43) मिला। पुलिस ने लोहे का गड़ासा भी जब्त किया। गौवंश का सिर, चार पैर, चमड़ी और पूंछ भी मिली। मांस काटने में इस्तेमाल लकड़ी का गुटका भी जब्त हुआ। पुलिस के मुताबिक कुछ लोग अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले थे।
कांसाबेल पुलिस पांच आरोपी गिरफ्तार
18 अक्टूबर को चार और आरोपी पकड़े गए। ये मसीह दास उर्फ ईशु दास (40) और धीरज तिग्गा (36) हैं। बाकी दो पीटर उर्फ शांति पीटर मिंज (26) और उदय कुमार मिंज (52) हैं। सभी सागीभावना गांव के रहने वाले हैं।
इस तरह कांसाबेल पुलिस पांच आरोपी गिरफ्तार कर चुकी है।
छत्तीसगढ़ में गौ-हत्या के दो मामले
छत्तीसगढ़ में गौ-हत्या के दो मामले अब सुर्खियों में हैं। राजनांदगांव में 14 आरोपी पकड़े गए। जशपुर में पांच आरोपी गिरफ्तार हुए। सभी गिरफ्तार लोग अभी सिर्फ आरोपी हैं।