भूपेश बघेल का संगीन आरोप, महमूद गजनवी ने सोमनाथ तो RSS-VHP ने राम मंदिर लूटा
इन दिनों पूरे देश में अयोध्या में रामलला के मंदिर में हुई चढ़ावा चोरी की चर्चा है। जांच में कई बड़े नामों पर उंगलियां उठ रही है। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के महासचिव भूपेश बघेल ने सरकार,संघ और हिंदू संगठनों पर निशाना साधा है।
बघेल ने कहा कि राम नाम की लूट है और संघ,वीएचपी और बजरंग दल जैसे संगठन लूटने में लगे हैं। बघेल ने इनकी तुलना महमूद गजनवी से की। बघेल ने कहा कि यह आस्था का विषय है और इन लोगों ने रामलला के मंदिर तक को नहीं छोड़ा।
संघ की गजनवी से तुलना :
भूपेश बघेल ने संघ पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मीडिया से चर्चा में भूपेश ने कहा कि आज कुछ भी सुरक्षित नहीं है। राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि देश का इतिहास मंदिरों की लूट की घटनाओं का साक्षी रहा है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार इतिहास में महमूद गजनवी द्वारा सोमनाथ मंदिर को लूटने की बात कही जाती है, उसी तरह आज राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी की घटनाएं सामने आ रही हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि संघ, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल जैसे संगठन यह लूट कर रहे हैं। क्योंकि राम नाम की लूट मची हुई है। यह करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था पर सीधा आघात है और इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। बघेल ने कहा कि राम के नाम पर राजनीति करने वाले लोगों को अब इस मामले पर जवाब देना चाहिए।
राज्य सरकार पर भी हमला :
पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रदेश में बिजली दरों में लगातार हो रही बढ़ोतरी को लेकर भी राज्य सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि महंगाई पहले से ही लोगों की कमर तोड़ रही है और ऐसे समय में बिजली की कीमतें बढ़ाकर सरकार किसानों तथा आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रही है।
बघेल ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों का सीधा असर ग्रामीण और मध्यमवर्गीय परिवारों पर पड़ रहा है। उनका कहना था कि केंद्र और राज्य दोनों सरकारें महंगाई नियंत्रित करने में विफल साबित हुई हैं।
तेल की कीमतों में वृद्धि पर सवाल :
पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों पर भी उन्होंने सवाल उठाए। बघेल ने कहा कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें अधिक थीं, तब सरकार और तेल कंपनियां लगातार नुकसान का हवाला देती थीं। लेकिन अब जब वैश्विक बाजार में कच्चे तेल के दामों में गिरावट आई है, तब पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अपेक्षित कमी क्यों नहीं की जा रही है।
उन्होंने कहा कि जनता को यह जानने का अधिकार है कि तेल कंपनियों और सरकार को कितना लाभ हुआ और उसका लाभ उपभोक्ताओं तक क्यों नहीं पहुंचाया गया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के किसान खाद संकट का सामना कर रहे हैं, जबकि सरकार के पास इसकी स्पष्ट जानकारी तक नहीं है। बघेल ने आरोप लगाया कि बाजार में नकली खाद की बिक्री की शिकायतें लगातार मिल रही हैं, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि सोसायटियों में खाद की कमी बताई जा रही है, लेकिन निजी बाजार में वही खाद ऊंचे दामों पर उपलब्ध है। इससे कालाबाजारी की आशंका और मजबूत होती है।
ये खबरें भी पढ़ें...
अयोध्या राम मंदिर से करोड़ों की चोरी का दावा, अखिलेश बोले- जांच हो, ट्रस्ट का इनकार
राम मंदिर चढ़ावा चोरी: SIT ने सौंपी रिपोर्ट, चंपतराय सहित 14 को बनाया आरोपी
बजरंग दल का सदस्य निकला मंदिर में चोरी का मास्टर माइंड , साथियों सहित पकड़ा